AI डेटा‑सेंटर बड़ी मात्रा में DRAM और NAND मेमोरी खरीद रहे हैं, जिससे वैश्विक सप्लाई कम पड़ रही है और स्मार्टफोन जैसे उपकरणों की लागत बढ़ रही है।[1][23] 2026 की पहली तिमाही में DRAM की कीमतें 50% से अधिक और NAND फ्लैश लगभग 90% तक बढ़ गईं, जबकि कुछ मेमोरी श्रेणियों में 80–90% तक उछाल देखा गया।[2][4][17] मेमोरी महंगी...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What is causing global smartphone prices to rise over the next few years according to Xiaomi CEO Lei Jun, how is AI-driven demand for memory. Article summary: According to Lei Jun, the main driver is a multiyear rise in memory-chip costs, especially DRAM and NAND, as AI infrastructure absorbs more of the industry’s output and leaves less supply for phones and other consumer de. Topic tags: general, general web. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "### Price rises of nearly US$30 reflect surging memory costs, with analysts pointing to AI-driven demand and tight supply across the chip sector. Xiaomi said on Friday that prices" source context "Xiaomi lifts handset prices as memory chip crunch ripples through ..." Reference image 2: visual subject "### Price rises of nearly U
स्मार्टफोन खरीदने वाले लोगों को आने वाले वर्षों में एक नई चुनौती का सामना करना पड़ सकता है—ऊंची कीमतें। वजह सिर्फ महंगाई या नए प्रीमियम फीचर नहीं हैं। असली कारण है वैश्विक मेमोरी‑चिप की कमी, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण पैदा हो रही है।
Xiaomi के संस्थापक और CEO Lei Jun ने चेतावनी दी है कि मेमोरी चिप्स की बढ़ती कीमतें आने वाले कई वर्षों तक स्मार्टफोन की लागत बढ़ा सकती हैं। स्मार्टफोन में इस्तेमाल होने वाले दो मुख्य मेमोरी कंपोनेंट—DRAM (RAM) और NAND फ्लैश (स्टोरेज)—AI कंपनियों की भारी मांग के कारण तेजी से महंगे हो रहे हैं।
आज के बड़े AI मॉडल—जैसे जनरेटिव AI या बड़े भाषा मॉडल—चलाने और ट्रेन करने के लिए भारी मात्रा में मेमोरी की जरूरत होती है। इसी कारण क्लाउड कंपनियां और AI डेवलपर्स बड़े पैमाने पर डेटा‑सेंटर बना रहे हैं।
इन डेटा‑सेंटरों को चलाने के लिए DRAM, NAND और हाई‑बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) जैसी चिप्स की बड़ी मात्रा चाहिए होती है। परिणाम यह हुआ कि कई चिप निर्माता अपने उत्पादन को अधिक लाभ देने वाले AI‑केंद्रित मेमोरी उत्पादों की ओर मोड़ रहे हैं।
जब उत्पादन क्षमता का बड़ा हिस्सा AI सेक्टर को मिलने लगता है, तो स्मार्टफोन, लैपटॉप, गेमिंग डिवाइस और कारों के लिए उपलब्ध मेमोरी कम हो जाती है—और यहीं से कीमतों का दबाव शुरू होता है।
उद्योग के आंकड़े इस बदलाव की गंभीरता को साफ दिखाते हैं:
ये बढ़ोतरी इस बात का संकेत है कि वैश्विक सेमीकंडक्टर बाजार में मांग सप्लाई से कहीं ज्यादा हो गई है।
स्मार्टफोन के अंदर सबसे महंगे हिस्सों में से एक मेमोरी भी होती है—खासकर उन मॉडलों में जिनमें ज्यादा RAM और स्टोरेज दी जाती है। इसलिए जब मेमोरी चिप्स महंगे होते हैं, तो पूरे फोन की लागत तेजी से बढ़ जाती है।
हालिया रिपोर्टों के अनुसार:
कंपनियों के सामने दो विकल्प होते हैं—या तो लागत खुद वहन करें और मुनाफा कम करें, या फिर फोन की कीमत बढ़ा दें। कुछ कंपनियां पहले ही कीमतों में बढ़ोतरी कर चुकी हैं या नए मॉडल की योजना बदल रही हैं।
Xiaomi जैसे बड़े ब्रांड ने भी संकेत दिया है कि यदि मेमोरी की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो मुनाफे पर दबाव बढ़ेगा।
विश्लेषकों का मानना है कि यह सामान्य, अल्पकालिक चिप‑कमी नहीं है। AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर वैश्विक निवेश इतनी तेजी से बढ़ रहा है कि सेमीकंडक्टर उत्पादन क्षमता उसके साथ तुरंत तालमेल नहीं बिठा पा रही।
नई चिप फैक्ट्री बनाना और उत्पादन बढ़ाना कई वर्षों का काम होता है। इस बीच AI कंपनियां लगातार बड़े डेटा‑सेंटर बना रही हैं।
इसी कारण कई रिसर्च फर्मों का अनुमान है कि मेमोरी की कमी और कीमतों का दबाव कम से कम 2026 तक और संभवतः 2027 तक जारी रह सकता है।
अगर यह रुझान जारी रहता है, तो अगले कुछ वर्षों में स्मार्टफोन बाजार में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं:
अगर भविष्य में मेमोरी उत्पादन मांग के बराबर हो जाता है, तो कीमतें स्थिर हो सकती हैं। लेकिन तब तक, AI की वैश्विक दौड़ का असर रोजमर्रा के उपकरणों—खासकर स्मार्टफोनों—की कीमतों पर पड़ता रहेगा।
Studio Global AI
Use this topic as a starting point for a fresh source-backed answer, then compare citations before you share it.
AI डेटा‑सेंटर बड़ी मात्रा में DRAM और NAND मेमोरी खरीद रहे हैं, जिससे वैश्विक सप्लाई कम पड़ रही है और स्मार्टफोन जैसे उपकरणों की लागत बढ़ रही है।[1][23]
AI डेटा‑सेंटर बड़ी मात्रा में DRAM और NAND मेमोरी खरीद रहे हैं, जिससे वैश्विक सप्लाई कम पड़ रही है और स्मार्टफोन जैसे उपकरणों की लागत बढ़ रही है।[1][23] 2026 की पहली तिमाही में DRAM की कीमतें 50% से अधिक और NAND फ्लैश लगभग 90% तक बढ़ गईं, जबकि कुछ मेमोरी श्रेणियों में 80–90% तक उछाल देखा गया।[2][4][17]
मेमोरी महंगी होने से स्मार्टफोन के पार्ट्स की कुल लागत 11–25% तक बढ़ चुकी है और विशेषज्ञों का मानना है कि कीमतों पर दबाव कम से कम 2026–2027 तक बना रह सकता है।[2][21][27]