देर 2025 के शिखर के बाद बिटकॉइन का 30 दिन का औसत हैशरेट नवंबर 2025 के लगभग 1,108 EH/s से घटकर अगस्त 2026 में 898 EH/s रह गया—करीब 19% की गिरावट। लिस्टेड बिटकॉइन माइनर्स के बीच AI और हाई परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग (HPC) से जुड़े 70 अरब डॉलर से अधिक के कॉन्ट्रैक्ट्स घोषित किए जा चुके हैं। इनमें Core Scientific और CoreWeave...
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What is Bitcoin’s first “hashrate bear market,” when did it begin and how severe has the decline been, why are miners shifting power and inf. Article summary: Bitcoin’s “first hashrate bear market” describes a sustained contraction—not a brief outage—in total computing power securing the network. It appears to have begun after the network’s late-2025 peak: the 30-day average r. Topic tags: general, general web. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fake numbers, clic
बिटकॉइन माइनिंग इंडस्ट्री में बदलाव अब सिर्फ किसी अस्थायी शटडाउन या सामान्य बाजार गिरावट तक सीमित नहीं है। 2025 के अंत में नेटवर्क के शिखर पर पहुंचने के बाद बिटकॉइन का कुल हैशरेट—यानी बिटकॉइन माइन करने में इस्तेमाल होने वाली कंप्यूटिंग शक्ति—लगातार कमजोर हुआ है। Twenty One Capital के CEO राफा ज़ागुरी ने इसे नेटवर्क का पहला “हैशरेट बियर मार्केट” बताया है। यह आधिकारिक Bitcoin प्रोटोकॉल की कोई श्रेणी नहीं, बल्कि इंडस्ट्री में इस्तेमाल किया गया वर्णन है। 1
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मामला सीधा है: बिटकॉइन माइनिंग से होने वाली कमाई में लगातार उतार-चढ़ाव रहता है, जबकि AI और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग (HPC) कंपनियां बिजली, जमीन और डेटा-सेंटर क्षमता के लिए लंबे समय के कॉन्ट्रैक्ट करने को तैयार हैं। इसलिए कुछ माइनर्स बिटकॉइन माइनिंग क्षमता बढ़ाने के बजाय अपने पावर और डेटा-सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर को AI वर्कलोड के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, बिटकॉइन का 30-दिन का औसत हैशरेट नवंबर 2025 के लगभग 1,108 एक्साहैश प्रति सेकंड (EH/s) से घटकर अगस्त 2026 तक 898 EH/s रह गया। यह करीब 19% की गिरावट है। गिरावट 2025 के अंत के नेटवर्क शिखर के बाद आई और किसी एक-दो दिन की तकनीकी समस्या के बजाय अपेक्षाकृत लंबे समय तक चली। 2
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अन्य मापों में यह रास्ता कुछ अलग दिखता है। CoinShares के अनुसार हैशरेट अक्टूबर के शिखर से घटकर फरवरी 2026 की शुरुआत में लगभग 850 EH/s तक पहुंचा और बाद में इसमें आंशिक सुधार हुआ। इसके बावजूद पहली तिमाही का हैशरेट उस स्तर से नीचे रहा, जहां से उसने शुरुआत की थी। 5
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इन आंकड़ों की समय-सीमा और मापने की विंडो अलग-अलग हैं, इसलिए इन्हें एक ही समय का सटीक रियल-टाइम आंकड़ा नहीं माना जाना चाहिए। फिर भी इनसे एक व्यापक तस्वीर सामने आती है: वर्षों से जारी बिटकॉइन हैशरेट वृद्धि फिलहाल उलट गई है।
बिटकॉइन माइनर्स के पास कई ऐसी संपत्तियां हैं जिनकी AI डेटा-सेंटर कंपनियों को जरूरत है:
इन परिसंपत्तियों को AI या HPC होस्टिंग के लिए दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है, हालांकि इसके लिए भारी पूंजी निवेश जरूरी है। एक रिपोर्ट में कूलिंग सिस्टम समेत रूपांतरण लागत लगभग 80 लाख से 1.5 करोड़ डॉलर प्रति मेगावाट आंकी गई है। 3
इस बदलाव के पीछे सबसे बड़ा कारण आर्थिक है। बिटकॉइन माइनिंग में प्रति यूनिट कंप्यूटिंग क्षमता की कमाई BTC की कीमत, ट्रांजैक्शन फीस, नेटवर्क डिफिकल्टी और बिजली लागत के साथ बदलती रहती है। इसके विपरीत, AI होस्टिंग से तय अवधि के लिए कॉन्ट्रैक्टेड और अपेक्षाकृत अनुमानित राजस्व मिल सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई मामलों में AI ऑपरेटरों को पावर फैसिलिटी लीज पर देने की दर बिटकॉइन के हैशप्राइस से अधिक रही है। 3
यहां एक जरूरी अंतर समझना चाहिए: माइनर्स अपने बिटकॉइन ASIC मशीनों को AI प्रोसेसर में नहीं बदल रहे हैं। वे मुख्य रूप से अपनी साइट, बिजली क्षमता, कूलिंग और डेटा-सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर के इस्तेमाल का तरीका बदल रहे हैं।
CoinShares ने सूचीबद्ध बिटकॉइन माइनर्स के बीच घोषित AI/HPC कॉन्ट्रैक्ट्स का कुल मूल्य 70 अरब डॉलर से अधिक बताया है। 9 इस बदलाव का सबसे प्रमुख उदाहरण Core Scientific और CoreWeave का संबंध है।
CoreWeave के साथ Core Scientific का समझौता बढ़कर लगभग 10.2 अरब डॉलर का 12 साल का कॉन्ट्रैक्ट हो गया। CoinShares के अनुसार, HPC के लिए करीब 350 मेगावाट क्षमता सक्रिय की जा चुकी थी और लंबे समय में लगभग 590 मेगावाट का लक्ष्य रखा गया है। Core Scientific ने CoreWeave के साथ अपने दीर्घकालिक संबंध के तहत करीब 70 मेगावाट अतिरिक्त क्षमता भी जोड़ी। 9
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इन समझौतों का महत्व केवल उनकी बड़ी रकम में नहीं है। लंबे समय का ग्राहक किसी ऊर्जा-गहन साइट के लिए फाइनेंसिंग आसान बना सकता है और कंपनी को रोजाना बदलने वाले बिटकॉइन माइनिंग राजस्व पर कम निर्भर बना सकता है। यही वजह है कि कोई माइनिंग कंपनी नई Bitcoin मशीनें लगाने के बजाय अपनी बिजली और डेटा-सेंटर क्षमता लीज पर देना पसंद कर सकती है।
हैशप्राइस से आशय बिटकॉइन माइनिंग क्षमता की एक इकाई से रोजाना होने वाले राजस्व से है। CoinShares से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, 2025 की चौथी तिमाही में हैशप्राइस लगभग 36–38 डॉलर प्रति पेटाहैश प्रति दिन था, जो 2026 की पहली तिमाही में घटकर करीब 29 डॉलर रह गया। 7
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इसी दौरान सूचीबद्ध माइनर्स के लिए एक बिटकॉइन बनाने की औसत लागत 2025 की चौथी तिमाही में करीब 80,000 डॉलर आंकी गई। 14 इसका अर्थ यह नहीं कि हर माइनर की लागत समान थी। बिजली समझौते, मशीन की दक्षता, फाइनेंसिंग, जरूरत के अनुसार बिजली खपत घटाने की व्यवस्था और अकाउंटिंग पद्धति के आधार पर लागत काफी बदलती है। लेकिन यह जरूर दिखाता है कि BTC की कीमत कमजोर होने और बिजली व इंफ्रास्ट्रक्चर लागत स्थिर रहने पर मार्जिन कितनी तेजी से सिमट सकता है।
इस दबाव के कारण माइनर्स ब्लॉक रिवॉर्ड के अलावा अन्य राजस्व स्रोत तलाश रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध माइनर्स ने 2026 की पहली तिमाही में 32,000 से अधिक BTC बेचे। इन बिक्री से कर्ज चुकाने, नकदी बनाए रखने और अन्य कॉरपोरेट जरूरतों को पूरा किया गया। 12
MARA Holdings ने इंडस्ट्री के वित्तीय दबाव का एक स्पष्ट उदाहरण पेश किया। कंपनी ने बताया कि उसने 4 मार्च से 25 मार्च 2026 के बीच 15,133 BTC लगभग 1.1 अरब डॉलर में बेचे। इस रकम का इस्तेमाल 2030 और 2031 में देय 0% कन्वर्टिबल नोट्स के करीब 1 अरब डॉलर की पुनर्खरीद के लिए किया गया। 20
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इस सौदे से यह साबित नहीं होता कि MARA ने बिटकॉइन माइनिंग बंद कर दी है। लेकिन यह जरूर दिखाता है कि कंपनी अब माइन किए गए सभी बिटकॉइन को अपने पास रखने की नीति पर निर्भर नहीं है। कोई माइनर अपनी BTC ट्रेजरी का इस्तेमाल नकदी जुटाने, कर्ज घटाने या व्यापक इंफ्रास्ट्रक्चर रणनीति को वित्तपोषित करने के लिए कर सकता है।
इस अंतर को समझना महत्वपूर्ण है। एक ही कंपनी बिटकॉइन माइनिंग जारी रखते हुए BTC बेच सकती है और AI होस्टिंग भी विकसित कर सकती है। इसलिए सेक्टर का बदलाव बिटकॉइन से रातोंरात पूरी तरह बाहर निकलने के बजाय विविधीकरण और संसाधनों के पुनर्वितरण के रूप में देखा जाना चाहिए।
MARA, Riot, CleanSpark, Core Scientific, Hut 8, Cipher Mining, IREN, Bitfarms और Cango जैसे प्रमुख ऑपरेटर अभी भी बिटकॉइन माइनिंग कर रहे हैं या अपनी महत्वपूर्ण माइनिंग गतिविधियां बनाए हुए हैं। इनमें से कई कंपनियां AI/HPC कारोबार भी विकसित कर रही हैं। 12
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हालांकि, “अभी भी काम कर रहे हैं” का मतलब “बिल्कुल अप्रभावित” नहीं है। कंपनियां सक्रिय हैशरेट घटा सकती हैं, कुछ साइटों को AI के लिए आवंटित कर सकती हैं, BTC भंडार बेच सकती हैं या बिटकॉइन छोड़े बिना AI क्षमता को प्राथमिकता दे सकती हैं। BTC की कीमत, बिजली समझौते और AI ग्राहकों की मांग बदलने पर यह संतुलन भी बदल सकता है।
इसलिए उभरता हुआ विभाजन माइनर्स और गैर-माइनर्स के बीच कम, बल्कि कारोबारी मॉडल के बीच अधिक है:
बिटकॉइन का डिफिकल्टी एडजस्टमेंट नेटवर्क पर मौजूद माइनिंग शक्ति में बदलाव के अनुसार काम करता है। यदि पर्याप्त संख्या में मशीनें ऑफलाइन हो जाती हैं, तो कुछ समय बाद माइनिंग डिफिकल्टी घटती है। ऐसे में नेटवर्क पर बचे माइनर्स को अपनी प्रत्येक हैशरेट इकाई के लिए ब्लॉक सब्सिडी और ट्रांजैक्शन फीस में अपेक्षाकृत बड़ा हिस्सा मिलने की उम्मीद होती है। रिपोर्टेड आंकड़ों के अनुसार, संबंधित गिरावट के दौरान डिफिकल्टी अपने शिखर से करीब 19.9% नीचे आई। 4
यह बदलाव कम लागत वाली बिजली और नई, अधिक दक्ष ASIC मशीनों वाले माइनर्स को प्रतिस्पर्धात्मक लाभ दे सकता है। कम दक्ष मशीनों के नेटवर्क से बाहर होने पर कुशल ऑपरेटर अपेक्षाकृत मजबूत स्थिति में आ सकते हैं।
लेकिन डिफिकल्टी एडजस्टमेंट कोई नया बिटकॉइन राजस्व पैदा नहीं करता। यह मौजूदा रिवॉर्ड अवसर को कम मशीनों के बीच बांटता है। वास्तविक लाभप्रदता अब भी इन बातों पर निर्भर करेगी:
AI की ओर यह बदलाव विविधीकृत माइनर्स को मजबूत कर सकता है, क्योंकि उन्हें कॉन्ट्रैक्टेड राजस्व और अपनी पावर इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए दूसरा उपयोग मिल जाता है। दूसरी ओर, यदि यह बदलाव और गहरा होता है, तो बिटकॉइन नेटवर्क को सुरक्षित रखने वाला कुल हैशरेट घट सकता है और माइनिंग सेक्टर सबसे दक्ष ऑपरेटरों तक अधिक केंद्रित हो सकता है।
यह रुझान स्थायी या अपरिवर्तनीय नहीं है। बिटकॉइन की कीमत में लंबी तेजी, सस्ती बिजली या AI होस्टिंग की कमजोर मांग फिर से माइनिंग को अधिक आकर्षक बना सकती है। फिलहाल उपलब्ध संकेत बताते हैं कि यह केवल सामान्य बिटकॉइन माइनिंग मंदी नहीं, बल्कि बिजली और डेटा-सेंटर क्षमता के लिए AI तथा बिटकॉइन के बीच एक संरचनात्मक प्रतिस्पर्धा है।
लंबी अवधि में वे कंपनियां सबसे बेहतर स्थिति में हो सकती हैं जो कुशल बिटकॉइन माइनिंग जारी रखते हुए अपनी इंफ्रास्ट्रक्चर क्षमता से भी कमाई कर सकें—खासकर ऐसे बाजार में जहां AI ग्राहक सीमित बिजली और डेटा-सेंटर सुविधाओं के लिए अधिक भुगतान करने को तैयार हैं।
Studio Global AI
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
देर 2025 के शिखर के बाद बिटकॉइन का 30 दिन का औसत हैशरेट नवंबर 2025 के लगभग 1,108 EH/s से घटकर अगस्त 2026 में 898 EH/s रह गया—करीब 19% की गिरावट।
देर 2025 के शिखर के बाद बिटकॉइन का 30 दिन का औसत हैशरेट नवंबर 2025 के लगभग 1,108 EH/s से घटकर अगस्त 2026 में 898 EH/s रह गया—करीब 19% की गिरावट। लिस्टेड बिटकॉइन माइनर्स के बीच AI और हाई परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग (HPC) से जुड़े 70 अरब डॉलर से अधिक के कॉन्ट्रैक्ट्स घोषित किए जा चुके हैं। इनमें Core Scientific और CoreWeave का 12 साल का लगभग 10.2 अरब डॉलर का समझौता शा...
MARA ने मार्च 2026 में 15,133 BTC लगभग 1.1 अरब डॉलर में बेचकर करीब 1 अरब डॉलर के कन्वर्टिबल नोट्स की पुनर्खरीद की। यह दिखाता है कि माइनर्स कर्ज और नकदी जरूरतों के लिए अपनी बिटकॉइन ट्रेजरी का इस्तेमाल कर रहे हैं।