क्योंकि यही कंपनियां अंतिम ग्राफिक्स कार्ड बनाती हैं, इसलिए इनकी बढ़ी हुई लागत आमतौर पर रिटेल कीमतों में जुड़ जाती है।
RTX 50‑सीरीज़ के फ्लैगशिप GPU में इस्तेमाल होने वाली GDDR7 VRAM इस पूरी कीमत वृद्धि की सबसे बड़ी वजह बताई जा रही है।
सप्लाई‑चेन रिपोर्ट्स के अनुसार:
इसके साथ एक बड़ा वैश्विक कारक भी है: AI इंफ्रास्ट्रक्चर की तेजी से बढ़ती मांग। बड़े AI डेटा‑सेंटर और एक्सेलेरेटर कार्ड भी हाई‑बैंडविड्थ मेमोरी पर निर्भर करते हैं, इसलिए मेमोरी निर्माता अक्सर इन सेक्टरों को प्राथमिकता देते हैं। इससे गेमिंग GPU के लिए उपलब्ध मेमोरी और कम हो जाती है।
लेकिन वास्तविक बाजार कीमतें इससे काफी अलग हो गई हैं। 2026 की शुरुआत तक कई रिपोर्ट्स में बताया गया कि:
अगर MSRP से तुलना करें तो स्थिति कुछ इस तरह दिखती है:
यानी लॉन्च के सिर्फ एक साल बाद फ्लैगशिप GPU की कीमत कई जगह दोगुनी से भी ज्यादा हो चुकी है।
GPU बाजार में कीमत बढ़ने की प्रक्रिया आम तौर पर कई चरणों में होती है:
अगर शुरुआती स्तर पर ही $300 की लागत बढ़ जाती है, तो पूरी सप्लाई‑चेन में इसका प्रभाव और बड़ा हो जाता है। इसलिए अंतिम रिटेल कीमत काफी अधिक बढ़ सकती है।
RTX 5090 की कीमतों में यह उछाल सिर्फ एक मॉडल की कहानी नहीं हो सकती—यह पूरे हाई‑एंड GPU बाजार के लिए संकेत हो सकता है।
कुछ प्रमुख रुझान सामने आ रहे हैं:
1. गेमिंग और AI एक ही संसाधनों के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।
AI सर्वर और उपभोक्ता GPU दोनों को हाई‑बैंडविड्थ मेमोरी चाहिए, जिससे सप्लाई दबाव बढ़ता है।
2. फ्लैगशिप GPU के लिए MSRP सिर्फ कागज़ी रह सकता है।
जब सप्लाई सीमित और मांग बहुत ज्यादा हो, तो वास्तविक कीमत लंबे समय तक लॉन्च कीमत से ऊपर रह सकती है।
3. RTX 50‑सीरीज़ के अन्य मॉडल भी प्रभावित हो सकते हैं।
2026 की शुरुआती रिपोर्ट्स में VRAM लागत बढ़ने का असर कई GPU निर्माताओं और पार्टनर्स पर दिखाई देने लगा था।
इसका मतलब है कि RTX 5080, 5070 Ti जैसे अन्य कार्डों की कीमतों पर भी दबाव बढ़ सकता है।
RTX 5090 की बढ़ती कीमतों के पीछे मुख्य कारण आधिकारिक MSRP बढ़ोतरी नहीं, बल्कि सप्लाई‑चेन का दबाव है—खासतौर पर GDDR7 मेमोरी की कमी और AI‑चालित मांग।
अगर GDDR7 की उपलब्धता नहीं सुधरती या AI सेक्टर की मांग कम नहीं होती, तो हाई‑एंड उपभोक्ता GPU बाजार में $4,000 से ऊपर की कीमतें नई सामान्य स्थिति बन सकती हैं।
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