NYU स्टर्न के प्रोफेसर Aswath Damodaran ने चेतावनी दी है कि AI निवेश बूम डॉट कॉम युग से बिल्कुल अलग है और इसमें गिरावट कहीं अधिक विनाशकारी हो सकती है [2][3][4]। डॉट कॉम के विपरीत, AI का यह बूम इक्विटी के बजाय भारी कर्ज पर चल रहा है, जिसमें डेटा सेंटर, बिजली ग्रिड और अन्य भौतिक बुनियादी ढांचे पर ट्रिलियन डॉलर खर्च कि...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What is Aswath Damodaran's warning about the AI investment boom, and how does he argue that the nature of the risk differs from the dot-com. Article summary: Aswath Damodaran warns that the AI investment boom poses risks **more severe and broader in economic impact** than the dot-com crash, primarily because today's boom is built on massive, debt-financed physical infrastruct. Topic tags: general, general web, user generated, news. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts wi
दुनिया के मशहूर वैल्यूएशन एक्सपर्ट और NYU स्टर्न स्कूल ऑफ बिजनेस के प्रोफेसर Aswath Damodaran ने एक ऐसी चेतावनी दी है जिसने निवेशकों की नींद उड़ा दी है। उनका कहना है कि AI में चल रहा निवेश बूम संरचनात्मक रूप से डॉट-कॉम बबल से अलग है और इसका क्रैश कहीं ज़्यादा भयानक हो सकता है । आखिर ऐसा क्यों? आइए समझते हैं।
डॉट-कॉम बूम को याद कीजिए। 1990 के दशक के अंत में जब इंटरनेट पर दुनिया पागल हुआ करती थी, तब ज़्यादातर कंपनियां सॉफ्टवेयर और एप्लीकेशन पर काम कर रही थीं। उन्हें भारी-भरकम फैक्ट्रियां या डेटा सेंटर नहीं बनाने थे। उनके पास पूंजी (equity) आती थी - या तो वेंचर कैपिटल से या शेयर बाजार से। जब 2000 में बुलबुला फूटा, तो शेयरधारकों को 80-90% तक का नुकसान हुआ, लेकिन यह नुकसान सिर्फ शेयर बाजार तक सीमित रहा । बैंकिंग सिस्टम या पूरी अर्थव्यवस्था पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ा।
लेकिन AI का बूम इससे बिल्कुल उलट है। Damodaran इसे "इतिहास का सबसे बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश" कहते हैं । टेक कंपनियां डेटा सेंटर, कंप्यूट हार्डवेयर, बिजली ग्रिड और पानी की व्यवस्था पर ट्रिलियन डॉलर खर्च कर रही हैं। यह सब कंक्रीट, तांबा और कूलिंग टावर है - न कि सिर्फ कोड और सर्वर
। यही असल खतरा है।
सबसे बड़ी चिंता का विषय यह है कि इस भारी-भरकम खर्च का एक बड़ा हिस्सा कर्ज (debt) से फाइनेंस किया जा रहा है, और वह भी प्राइवेट क्रेडिट मार्केट्स से, न कि पारंपरिक बैंकों से । Damodaran ने साफ कहा है, "AI के पूंजीगत खर्च (Capex) बूम की समस्या यह है कि यह न सिर्फ बहुत बड़ा है, बल्कि इसका एक बड़ा हिस्सा कर्ज से चल रहा है।"
अब सोचिए, अगर AI से होने वाला मुनाफा इस खर्च को सही नहीं ठहरा पाया, तो क्या होगा? कर्ज के बोझ से दबी कंपनियां डिफॉल्ट कर सकती हैं। यह समस्या सिर्फ उन कंपनियों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि प्राइवेट क्रेडिट फंड्स, लेंडर्स और पूरे वित्तीय तंत्र में फैल जाएगी ।
Damodaran के अनुसार, AI में सुधार (correction) के तीन बड़े और खतरनाक परिणाम हो सकते हैं:
सिर्फ शेयर बाजार नहीं, पूरा क्रेडिट सिस्टम चरमराएगा: डॉट-कॉम में नुकसान सिर्फ शेयरों तक सीमित था। AI में कर्ज के डिफॉल्ट से प्राइवेट क्रेडिट फंड, बैंक और पूरा क्रेडिट सिस्टम प्रभावित होगा, जो एक वित्तीय संकट को जन्म दे सकता है ।
अर्थव्यवस्था पर गहरा असर: Damodaran कहते हैं, "यह बूम डॉट-कॉम की तुलना में मैक्रो-इकोनॉमी को कहीं ज़्यादा डरा रहा है।" डेटा सेंटर बनाने, बिजली कंपनियों और पानी की आपूर्ति जैसे क्षेत्र AI निवेश से जुड़े हैं। अगर यह निवेश रुका, तो रोजगार, ऊर्जा की मांग और निर्माण जैसे क्षेत्रों पर सीधा असर पड़ेगा
।
अभूतपूर्व ओवरस्पेंडिंग: Damodaran कहते हैं कि "अर्थव्यवस्था का बहुत बड़ा हिस्सा वास्तविक डिलीवरी की बजाय वादों पर चल रहा है" और "हम सामूहिक रूप से एक ऐसे स्तर पर ओवरस्पेंडिंग कर रहे हैं जो पहले कभी नहीं देखा गया।"
एक मई 2026 के इंटरव्यू में उन्होंने कहा, "जब सुधार (correction) आएगा, तो यह और बुरा होगा। यह पूरे बाजार में होगा, सिर्फ टेक कंपनियों का सुधार नहीं होगा।"
यह चेतावनी सिर्फ Damodaran ने नहीं दी है। कई बड़ी संस्थाओं और विश्लेषकों ने भी इसी तरह की आशंका जताई है:
यह समझना ज़रूरी है कि Damodaran AI तकनीक को बेकार नहीं बता रहे। वे मानते हैं कि AI परिवर्तनकारी (transformative) हो सकता है । उनकी चिंता निवेश चक्र की संरचना और उसके फाइनेंसिंग के तरीके को लेकर है। उनके अनुसार, खतरा खुद AI तकनीक में नहीं, बल्कि अत्यधिक आत्मविश्वास और कर्ज से चल रहे पूंजीगत खर्च में है, जो किसी भी निराशा को क्रेडिट सिस्टम और पूरी अर्थव्यवस्था में फैला सकता है
।
Damodaran की मुख्य चेतावनी स्पष्ट है: AI निवेश बूम डॉट-कॉम युग से इस मायने में अलग है कि यह कर्ज में डूबा हुआ भौतिक बुनियादी ढांचा है। जब (उनके अनुसार, 'अगर' नहीं) सुधार आएगा, तो दर्द सिर्फ शेयर बाजार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे बाजार में फैल जाएगा। निवेशकों, नीति निर्माताओं और कारोबारी जगत के नेताओं को AI की चमक-दमक के पीछे छिपी बैलेंस शीट पर ध्यान देना चाहिए, न कि सिर्फ तकनीक के वादों पर।
Studio Global AI
Use this topic as a starting point for a fresh source-backed answer, then compare citations before you share it.
NYU स्टर्न के प्रोफेसर Aswath Damodaran ने चेतावनी दी है कि AI निवेश बूम डॉट कॉम युग से बिल्कुल अलग है और इसमें गिरावट कहीं अधिक विनाशकारी हो सकती है [2][3][4]।
NYU स्टर्न के प्रोफेसर Aswath Damodaran ने चेतावनी दी है कि AI निवेश बूम डॉट कॉम युग से बिल्कुल अलग है और इसमें गिरावट कहीं अधिक विनाशकारी हो सकती है [2][3][4]। डॉट कॉम के विपरीत, AI का यह बूम इक्विटी के बजाय भारी कर्ज पर चल रहा है, जिसमें डेटा सेंटर, बिजली ग्रिड और अन्य भौतिक बुनियादी ढांचे पर ट्रिलियन डॉलर खर्च किए जा रहे हैं [5][11]।
बैंक ऑफ अमेरिका के सर्वे में रिकॉर्ड संख्या में फंड मैनेजरों का मानना है कि कंपनियां AI में ओवरइन्वेस्ट कर रही हैं, जबकि बैंक ऑफ इंग्लैंड ने भी इस कर्ज ईंधन वाले बूम के टूटने की आशंका जताई है [6][9][10][14]।