हालांकि यह डिज़ाइन उन पुराने Android “waterfall” स्क्रीन जैसा बहुत ज्यादा मुड़ा हुआ नहीं होगा। माना जा रहा है कि Apple micro‑curves का इस्तेमाल करेगा—यानि हल्का सा कर्व, ताकि फोन पकड़ने या इस्तेमाल करने में दिक्कत न हो।
लेकिन शुरुआती संस्करण में एक संभावित कमी बताई जा रही है: किनारों पर ब्राइटनेस कम होना और हल्का इमेज डिस्टॉर्शन। यह समस्या वहीं दिखाई दे सकती है जहां OLED पैनल नीचे की ओर मुड़ता है।
इस समस्या की जड़ OLED डिस्प्ले की कैथोड लेयर से जुड़ी है।
कई स्मार्टफोन OLED पैनल "top‑emission" डिजाइन का इस्तेमाल करते हैं। इसमें ऑर्गेनिक लेयर से पैदा हुई रोशनी को दर्शक तक पहुँचने के लिए कैथोड लेयर से होकर गुजरना पड़ता है। अगर यह लेयर पर्याप्त पारदर्शी न हो, तो रोशनी की तीव्रता और रंग एक‑जैसे नहीं दिखते—खासकर तब जब स्क्रीन मुड़ी हुई हो।
रिपोर्ट्स के अनुसार 2027 के क्वाड‑कर्व्ड डिस्प्ले में magnesium‑silver (MgAg) alloy कैथोड इस्तेमाल हो सकता है। यह OLED निर्माण में आम है, लेकिन इसकी पारदर्शिता सीमित होती है, इसलिए मुड़े हुए किनारों पर प्रकाश समान रूप से नहीं गुजर पाता।
इसका असर कुछ इस तरह दिख सकता है:
इन्हीं कारणों से Apple कथित तौर पर पहले संस्करण के बाद तकनीक को और सुधारने की योजना बना रहा है।
रिपोर्ट्स बताती हैं कि Apple 2028 के iPhone में इसी डिस्प्ले तकनीक का और उन्नत संस्करण ला सकता है।
इस बार मुख्य बदलाव होगा कैथोड सामग्री में। magnesium‑silver की जगह indium zinc oxide (IZO) नाम की पारदर्शी इलेक्ट्रोड सामग्री इस्तेमाल की जा सकती है।
IZO अधिक पारदर्शी होती है, इसलिए प्रकाश बेहतर तरीके से बाहर निकल सकता है। इससे कर्व्ड हिस्सों पर भी रोशनी और रंग ज्यादा समान दिख सकते हैं।
संभावित फायदे:
कुछ उद्योग रिपोर्ट्स का दावा है कि किनारों पर ब्राइटनेस लॉस 30% से ज्यादा तक कम हो सकता है, लेकिन यह आंकड़ा आधिकारिक स्पेसिफिकेशन नहीं है, इसलिए इसे सावधानी से लेना चाहिए।
IZO तकनीक के लिए नई निर्माण प्रक्रिया और विशेष उपकरणों की जरूरत पड़ती है, इसलिए इसे बड़े पैमाने पर बनाने में समय लग सकता है—इसी वजह से Apple का चरणबद्ध लॉन्च समझ में आता है।
Apple अपने OLED पैनल खुद नहीं बनाता। इसके लिए वह बाहरी सप्लायर्स पर निर्भर करता है।
दोनों कंपनियां इस नए डिज़ाइन से जुड़े मुद्दों—जैसे टिकाऊपन, टच रिस्पॉन्स और बड़े पैमाने पर निर्माण—पर भी काम कर रही हैं।
अगर Apple सच में ऐसा iPhone लॉन्च करता है जिसकी स्क्रीन चारों तरफ मुड़ती दिखे, तो यह फोन के सामने के डिज़ाइन को काफी बदल सकता है। स्क्रीन लगभग पूरे फ्रंट को कवर करती दिखाई देगी और पारंपरिक बेज़ल लगभग गायब हो सकते हैं।
ऐसा बदलाव उस समय की याद दिलाता है जब 2017 में iPhone X आया था। उस मॉडल ने पहली बार आधुनिक edge‑to‑edge OLED स्क्रीन दी थी और होम बटन हटा दिया था।
संभव है कि 2027 का मॉडल इस नए विचार की शुरुआत हो, जबकि 2028 का संस्करण उसी तकनीक का अधिक परिष्कृत और बेहतर रूप पेश करे। फिलहाल यह सब सप्लाई‑चेन रिपोर्ट्स पर आधारित है, इसलिए अंतिम डिज़ाइन या लॉन्च समय Apple भविष्य में बदल भी सकता है।