फरवरी 2026 की बात है। इटली की पुलिस (काराबिनिएरी) को सरकारी ज़मीन पर अवैध खुदाई की गुप्त सूचना मिली। जब वे मौके पर पहुंचे, तो उन्होंने 'टॉम्बारोली' (मकबरा लुटेरे) नाम से कुख्यात लुटेरों को एक बैकहो (जेसीबी) से ज़मीन को चीरते हुए पकड़ लिया। यह घटना रोम की प्राचीन दीवारों से करीब 19 किलोमीटर (12 मील) पश्चिम में कैस्टेल डि गुइडो नामक कृषि क्षेत्र में घटी। लूटेरों के इस कृत्य ने जहाँ एक ओर इतिहास को नुकसान पहुँचाया, वहीं दूसरी ओर एक ऐसे शाही विला का पता लगा दिया, जिसके बारे में पुरातत्वविदों को कोई जानकारी नहीं थी।
पुरातत्वविदों ने अब तक विला के करीब 400 वर्ग मीटर के हिस्से की खुदाई की है, और उन्हें विश्वास है कि इसका अधिकांश हिस्सा अभी भी ज़मीन के नीचे दबा हुआ है। इस विला से मिली चीज़ें हैरतअंगेज़ हैं:
यह विला प्राचीन लोरियम (Lorium) क्षेत्र में स्थित है, जो दूसरी सदी के रोमन सम्राटों के लिए एक विश्राम स्थल हुआ करता था। इतिहासकारों के अनुसार, सम्राट एंटोनिनस पायस (शासनकाल 138–161 ईस्वी) ने लोरियम में शिक्षा प्राप्त की, वहाँ एक पारिवारिक संपत्ति बनाए रखी, और अंततः 161 ईस्वी में अपने इसी विला में उनकी मृत्यु हुई। उनके उत्तराधिकारी, मार्कस ऑरेलियस भी इस क्षेत्र में आते-जाते थे। नए खोजे गए विला का स्थान, आकार और शानदार सजावट यह संकेत देता है कि यह या तो शाही संपत्ति का हिस्सा था, या किसी उच्च पदस्थ पेट्रीशियन (कुलीन) परिवार से संबंधित था जो सम्राट हैड्रियन और एंटोनिनस पायस से निकटता से जुड़ा था। इसलिए, पुरातत्वविदों का मानना है कि इस विला में कभी तीनों ही सम्राट ठहरे हो सकते हैं।
इस अनमोल खोज को जनता के साथ साझा करने के लिए, रोम की विशेष अधीक्षकता (Soprintendenza Speciale di Roma) ने शनिवार, 20 जून 2026 को एक मुफ्त ओपन-डे का आयोजन किया है। इस दौरान दो गाइडेड टूर होंगे:
आगंतुकों को सलाह दी जाती है कि वे आरक्षण के बारे में पहले से जाँच कर लें। यह इतिहास प्रेमियों के लिए एक सुनहरा अवसर है कि वे उस विरासत का हिस्सा बनें, जो लूटेरों की नीयत के बावजूद, पूरी दुनिया के सामने आई है।
फरवरी 2026 की बात है। इटली की पुलिस (काराबिनिएरी) को सरकारी ज़मीन पर अवैध खुदाई की गुप्त सूचना मिली। जब वे मौके पर पहुंचे, तो उन्होंने 'टॉम्बारोली' (मकबरा लुटेरे) नाम से कुख्यात लुटेरों को एक बैकहो (जेसीबी) से ज़मीन को चीरते हुए पकड़ लिया। यह घटना रोम की प्राचीन दीवारों से करीब 19 किलोमीटर (12 मील) पश्चिम में कैस्टेल डि गुइडो नामक कृषि क्षेत्र में घटी। लूटेरों के इस कृत्य ने जहाँ एक ओर इतिहास को नुकसान पहुँचाया, वहीं दूसरी ओर एक ऐसे शाही विला का पता लगा दिया, जिसके बारे में पुरातत्वविदों को कोई जानकारी नहीं थी।
पुरातत्वविदों ने अब तक विला के करीब 400 वर्ग मीटर के हिस्से की खुदाई की है, और उन्हें विश्वास है कि इसका अधिकांश हिस्सा अभी भी ज़मीन के नीचे दबा हुआ है। इस विला से मिली चीज़ें हैरतअंगेज़ हैं:
यह विला प्राचीन लोरियम (Lorium) क्षेत्र में स्थित है, जो दूसरी सदी के रोमन सम्राटों के लिए एक विश्राम स्थल हुआ करता था। इतिहासकारों के अनुसार, सम्राट एंटोनिनस पायस (शासनकाल 138–161 ईस्वी) ने लोरियम में शिक्षा प्राप्त की, वहाँ एक पारिवारिक संपत्ति बनाए रखी, और अंततः 161 ईस्वी में अपने इसी विला में उनकी मृत्यु हुई। उनके उत्तराधिकारी, मार्कस ऑरेलियस भी इस क्षेत्र में आते-जाते थे। नए खोजे गए विला का स्थान, आकार और शानदार सजावट यह संकेत देता है कि यह या तो शाही संपत्ति का हिस्सा था, या किसी उच्च पदस्थ पेट्रीशियन (कुलीन) परिवार से संबंधित था जो सम्राट हैड्रियन और एंटोनिनस पायस से निकटता से जुड़ा था। इसलिए, पुरातत्वविदों का मानना है कि इस विला में कभी तीनों ही सम्राट ठहरे हो सकते हैं।
इस अनमोल खोज को जनता के साथ साझा करने के लिए, रोम की विशेष अधीक्षकता (Soprintendenza Speciale di Roma) ने शनिवार, 20 जून 2026 को एक मुफ्त ओपन-डे का आयोजन किया है। इस दौरान दो गाइडेड टूर होंगे:
आगंतुकों को सलाह दी जाती है कि वे आरक्षण के बारे में पहले से जाँच कर लें। यह इतिहास प्रेमियों के लिए एक सुनहरा अवसर है कि वे उस विरासत का हिस्सा बनें, जो लूटेरों की नीयत के बावजूद, पूरी दुनिया के सामने आई है।