यूक्रेन के टॉप कमांडर के अनुसार, अगले 6 से 9 महीने जंग का रुख पलटने के लिए सबसे अहम हैं। उनका मानना है कि रूसी सेना पूरी तरह थक चुकी है और अब बड़ी सेंध लगाने में असमर्थ है [1][2]। आंकड़े भी इसकी तस्दीक करते हैं: रूस को अप्रैल 2026 में 116 वर्ग किलोमीटर का पहला शुद्ध क्षेत्रीय नुकसान हुआ, उसकी बढ़त की रफ्तार दो तिहाई...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What has Ukraine's top commander, Brigadier General Andriy Biletsky, said about an imminent "turning point" in the war, according to his lat. Article summary: In his May 27, 2026 Reuters interview from an undisclosed location in the Kharkiv region, Brigadier General Andriy Biletsky — commander of Ukraine's Third Army Corps — stated that Ukraine has a **six-to-nine-month window. Topic tags: general, general web, user generated. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "A senior Ukrainian military commander says the next six months could become a decisive period in the war with Russia, arguing that Moscow’s forces are showing signs of exhaustion w" source context "Senior Ukrainian Commander Predicts Imminent ‘Turning Point’ in War With Russia - LN24" Reference image 2: visual su
चार साल से भी ज़्यादा लंबी खिंची जंग के बीच, यूक्रेन के एक वरिष्ठ कमांडर ने साफ शब्दों में अल्टीमेटम जारी किया है। 27 मई, 2026 को खारकीव क्षेत्र के एक गुप्त ठिकाने से रॉयटर्स को दिए एक साक्षात्कार में, यूक्रेन की तीसरी सेना कोर के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल आंद्रेई बिलेत्स्की ने कहा कि यह संघर्ष एक "महत्वपूर्ण मोड़" पर पहुंचने वाला है और यूक्रेन के पास जंग का रुख अपने पक्ष में करने और शांति वार्ता के लिए अपनी स्थिति मजबूत करने का केवल छह से नौ महीने का समय है ।
"मेरा मानना है कि अगले छह से नौ महीने एक टर्निंग पॉइंट साबित होंगे। अगर और सटीक कहूं, तो मुझे लगता है कि अगले छह महीने सबसे ज़्यादा निर्णायक हैं," बिलेत्स्की ने रॉयटर्स को बताया । उनका यह आकलन कई ऐसे रुझानों पर आधारित है, जो बताते हैं कि रूस की युद्ध मशीन तेज़ी से कमजोर पड़ रही है और हर मोर्चे पर दबाव में है।
रणनीति में बदलाव का सबसे ठोस सबूत मई 2026 की शुरुआत में आया, जब इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर (ISW) ने आकलन किया कि अप्रैल 2026 के दौरान यूक्रेन में रूसी सेना को नियंत्रित क्षेत्र का 116 वर्ग किलोमीटर का शुद्ध नुकसान हुआ है। अगस्त 2024 में कुर्स्क ऑब्लास्ट में यूक्रेन की घुसपैठ के बाद यह पहला ऐसा मासिक नुकसान है ।
यह एक तीव्र उलटफेर है। 2026 की शुरुआत में रूस की दैनिक कब्ज़ा दर गिरकर केवल 2.9 वर्ग किलोमीटर प्रतिदिन रह गई है, जो 2024 के अंत में दर्ज चरम दरों से लगभग दो-तिहाई की गिरावट है । भौगोलिक रूप से यह छोटा बदलाव हो सकता है - रूस अभी भी यूक्रेन के लगभग 20% हिस्से पर काबिज है - लेकिन यह रुझान एक ऐसे आक्रामक अभियान की कहानी बयां करता है जो रुक गया है और अब अपने औद्योगिक उत्पादन को ज़मीनी बढ़त में तब्दील नहीं कर पा रहा
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बिलेत्स्की का यह तर्क कि रूसी सेना "थकी हुई है और बड़ी सफलताएं हासिल करने में असमर्थ" है, एक गहरे जनशक्ति संकट पर टिका है । 2025 के अंत से, रूस की मासिक क्षति - मारे गए और घायल - 30,000 से 35,000 तक रही है। 2026 की शुरुआत तक, पश्चिमी अधिकारियों और ISW के आकलन के अनुसार, रूस हर महीने जितनी भर्ती कर पा रहा था, उससे कहीं ज़्यादा सैनिक खो रहा था। यह अंतर पहली बार दिसंबर 2025 में दिखा और वसंत के दौरान लगातार बढ़ता गया
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दिसंबर 2025 में, रूस ने लगभग 27,400 अनुबंधित सैनिक जोड़े, जबकि उसे 33,200 सैनिकों की क्षति उठानी पड़ी; जनवरी 2026 तक, नुकसान भर्ती से लगभग 9,000 अधिक था । पश्चिमी अधिकारियों ने इस असंतुलन को - फरवरी 2026 तक लगातार तीन महीनों तक नुकसान का भर्ती से ज़्यादा होना - एक ऐसा रुझान बताया जिससे मास्को के लिए कोई बड़ा नया हमला करना मुश्किल हो जाएगा
। यूक्रेन के रक्षा नेतृत्व ने साफ तौर पर रूसी नुकसान को 50,000 प्रति माह तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है, एक ऐसा आंकड़ा जो टिकाऊ प्रतिस्थापन दर से कहीं ज़्यादा होगा
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उसी दिन जब बिलेत्स्की का साक्षात्कार प्रकाशित हुआ, यूक्रेन के रक्षा मंत्री मिखाइलो फेडोरोव ने एक नए "लॉजिस्टिक लॉकडाउन" कार्यक्रम की शुरुआत की घोषणा की । अरबों रिव्निया (लगभग 11.3 करोड़ डॉलर) से समर्थित इस पहल का उद्देश्य रूसी सैन्य रसद, कमांड पोस्ट और आपूर्ति मार्गों पर अभियान की गहराई में - आमतौर पर अग्रिम पंक्ति से 30 से 180 किलोमीटर पीछे - मध्यम दूरी के हमलों को बड़े पैमाने पर बढ़ाना है
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"हम एक अलग 'लॉजिस्टिक लॉकडाउन' कार्यक्रम शुरू कर रहे हैं ताकि मध्यम दूरी के हमलों को बढ़ाया जा सके और अभियान की गहराई में रूसी क्षमताओं को व्यवस्थित रूप से नष्ट किया जा सके। हमारा काम रूसियों पर उनके पिछले हिस्से में दबाव और तेज़ करना है और उन्हें सक्रिय हमलावर अभियान चलाने की क्षमता से वंचित करना है," फेडोरोव ने कहा ।
यह कार्यक्रम 2025 के अंत से मध्यम दूरी के हमलों में उल्लेखनीय वृद्धि पर आधारित है। ISW ने देखा कि यूक्रेनी बलों ने जनवरी 2026 में ऐसे 41, फरवरी में 61 और मार्च में 115 हमले किए - यह रफ्तार में तेज़ वृद्धि है जिसका उद्देश्य रूस की हमले तैयार करने और उन्हें जारी रखने की क्षमता को बाधित करना है । यूक्रेनी अधिकारियों ने पहले भी कहा था कि मध्य-2025 के स्तरों की तुलना में मध्यम दूरी के हमले पहले ही चार गुना हो चुके हैं, और नया कार्यक्रम विशेष खरीद और फंडिंग के साथ उन ऑपरेशनों को औपचारिक और विस्तारित करता है
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बिलेत्स्की का नज़रिया न तो अति-आशावादी है और न ही भोला। वे एक ऐसे संकीर्ण लेकिन वास्तविक अवसर की बात कर रहे हैं - लगभग छह महीने, जिसमें सबसे निर्णायक अवधि और भी जल्दी आएगी - जिसके दौरान यूक्रेन रूस की थकान और अपनी बढ़ती मारक क्षमताओं को युद्ध के मैदान में वास्तविक गति परिवर्तन में बदल सकता है । उनका तर्क है कि इसका लक्ष्य केवल सामरिक नहीं बल्कि रणनीतिक है: भविष्य की किसी भी शांति वार्ता में अधिक मजबूती के साथ पहुंचना।
रुझान वास्तविक और मापने योग्य हैं - 2024 के बाद से रूस का पहला शुद्ध क्षेत्रीय नुकसान, आगे बढ़ने की दर जो नाटकीय रूप से गिरी है, और हताहतों और प्रतिस्थापन का अंतर जिसका कोई तत्काल समाधान नहीं है। हालांकि, क्या यूक्रेन लगातार दबाव बनाए रख सकता है और इस अवसर का पूरा फायदा उठा सकता है, यह वही सवाल है जिसका जवाब, बिलेत्स्की के अनुसार, अगले छह महीने तय करेंगे।
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यूक्रेन के टॉप कमांडर के अनुसार, अगले 6 से 9 महीने जंग का रुख पलटने के लिए सबसे अहम हैं। उनका मानना है कि रूसी सेना पूरी तरह थक चुकी है और अब बड़ी सेंध लगाने में असमर्थ है [1][2]।
यूक्रेन के टॉप कमांडर के अनुसार, अगले 6 से 9 महीने जंग का रुख पलटने के लिए सबसे अहम हैं। उनका मानना है कि रूसी सेना पूरी तरह थक चुकी है और अब बड़ी सेंध लगाने में असमर्थ है [1][2]। आंकड़े भी इसकी तस्दीक करते हैं: रूस को अप्रैल 2026 में 116 वर्ग किलोमीटर का पहला शुद्ध क्षेत्रीय नुकसान हुआ, उसकी बढ़त की रफ्तार दो तिहाई गिर गई, और मासिक हताहत 30,000 35,000 तक पहुंच गए जो कि भर्ती दर से ज़्यादा है [...
इसी रणनीति के तहत, कीव ने 11.3 करोड़ डॉलर के 'लॉजिस्टिक लॉकडाउन' कार्यक्रम की घोषणा की, ताकि दुश्मन की सप्लाई लाइन पर गहराई तक हमला कर रूस पर दबाव और बढ़ाया जा सके [33][34][43]।