WHO के अनुसार 10 अक्टूबर 2025 के युद्धविराम के बाद भी 31 दिसंबर 2025 तक ग़ज़ा में लगभग 416 लोगों की मौत और 1,272 लोग घायल हुए। 2025 में स्वास्थ्य सेवाओं पर 449 हमलों की पुष्टि हुई, जिनमें से 216 ग़ज़ा में हुए और इससे दर्जनों लोगों की मौत व सैकड़ों घायल हुए। संयुक्त राष्ट्र और राहत एजेंसियों का कहना है कि सहायता सामग...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What has the World Health Organization reported about ongoing violence and the humanitarian and medical crisis in Gaza since the October 10,. Article summary: WHO has reported that the 10 October 2025 ceasefire did not end the Gaza health emergency: by 31 December 2025, the Palestinian Ministry of Health had recorded about 416 people killed and 1,272 injured in Gaza since the . Topic tags: general, general web, government. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "Spraying pesticides at an UNRWA school used as a shelter for displaced people in Gaza, May 2026. Photo by OCHA" source context "Humanitarian Situation Report | 15 May 2026 - OCHA oPt" Reference image 2: visual subject "The image displays a report cover from the United Nations, focusing on the humanitarian crisis in G
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का कहना है कि 10 अक्टूबर 2025 को इज़राइल और हमास के बीच घोषित युद्धविराम ने लड़ाई की तीव्रता तो कुछ कम की, लेकिन ग़ज़ा में चल रहे मानवीय और स्वास्थ्य संकट को समाप्त नहीं किया।
संयुक्त राष्ट्र और WHO की 2025 के अंत और 2026 की शुरुआत तक की रिपोर्टों में बताया गया है कि हिंसा की घटनाएँ जारी रहीं, स्वास्थ्य सुविधाओं पर हमले हुए, दवाइयों और उपकरणों की भारी कमी बनी रही और मानवीय सहायता को ग़ज़ा में प्रवेश कराने में कई बाधाएँ बनी रहीं।
WHO ने फ़िलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय के आँकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि युद्धविराम के बाद भी हिंसा पूरी तरह नहीं रुकी।
इससे संकेत मिलता है कि लड़ाई की तीव्रता पहले की तुलना में कम हुई, लेकिन घातक घटनाएँ पूरी तरह समाप्त नहीं हुईं।
WHO की निगरानी रिपोर्ट बताती है कि 2025 के दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं और स्वास्थ्यकर्मियों पर हमले जारी रहे।
2026 में WHO ने उत्तरी ग़ज़ा के इंडोनेशियन अस्पताल पर हुए हमले की भी निंदा की। संगठन ने कहा कि पिछले हफ्तों में कई स्वास्थ्य केंद्रों पर हमले हुए, जिनसे मरीजों और स्टाफ की मौतें हुईं और कई अस्पतालों से लोगों को जबरन निकाला गया।
युद्धविराम के बावजूद ग़ज़ा की स्वास्थ्य संरचना को भारी नुकसान पहुँचा हुआ है।
WHO अधिकारियों के अनुसार:
अस्पतालों को ईंधन, बिजली, पानी और प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की लगातार कमी का सामना करना पड़ रहा है। इन समस्याओं के कारण सर्जरी, आईसीयू सेवाएँ और प्रसूति या पुरानी बीमारियों का इलाज प्रभावित हो रहा है।
WHO की रिपोर्टों में बताया गया है कि ग़ज़ा में आवश्यक चिकित्सा सामग्री की कमी बेहद गंभीर है।
स्वास्थ्य संस्थानों ने रिपोर्ट किया कि:
स्थिति को संभालने के लिए WHO ने 2025 के दौरान अधिकृत फ़िलिस्तीनी क्षेत्रों में लगभग 60 मिलियन डॉलर मूल्य की आवश्यक चिकित्सा सामग्री उपलब्ध कराई, लेकिन संगठन के अनुसार ज़रूरतें अभी भी उपलब्ध संसाधनों से कहीं अधिक हैं।
संयुक्त राष्ट्र की मानवीय रिपोर्टों के अनुसार युद्धविराम के बाद भी ग़ज़ा में सहायता पहुँचाने की प्रक्रिया जटिल बनी रही।
इन प्रतिबंधों से केवल निर्माण सामग्री ही नहीं बल्कि अस्पतालों और पानी‑स्वच्छता प्रणालियों को बहाल करने के लिए ज़रूरी उपकरण भी प्रभावित हुए।
कई अंतरराष्ट्रीय मानवीय संगठनों ने कहा कि इन प्रतिबंधों के कारण उनका काम सीमित हो गया है।
इन बाधाओं ने अस्पतालों और अन्य आवश्यक सेवाओं को बहाल करने के प्रयासों को धीमा कर दिया।
ग़ज़ा युद्धविराम के कार्यान्वयन पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार चर्चा होती रही है।
सुरक्षा परिषद में चर्चा मुख्य रूप से दो मुद्दों पर केंद्रित रही—युद्धविराम को टिकाऊ बनाना और ग़ज़ा में मानवीय सहायता की पहुँच को बड़े पैमाने पर बढ़ाना।
WHO का निष्कर्ष यह है कि युद्धविराम ने संघर्ष की तीव्रता को कम किया, लेकिन ग़ज़ा के स्वास्थ्य संकट को समाप्त नहीं किया। संगठन के अनुसार संकट को बनाए रखने वाले प्रमुख कारण हैं:
इन सभी कारणों से ग़ज़ा की स्वास्थ्य प्रणाली युद्धविराम के दौरान भी अत्यधिक दबाव में बनी हुई है।
मानवीय एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अब भी यही है—बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं को फिर से खड़ा करना और यह सुनिश्चित करना कि चिकित्सा सुविधाओं व कर्मियों की सुरक्षा बनी रहे और सहायता बिना रुकावट ग़ज़ा तक पहुँच सके।
Studio Global AI
Use this topic as a starting point for a fresh source-backed answer, then compare citations before you share it.
WHO के अनुसार 10 अक्टूबर 2025 के युद्धविराम के बाद भी 31 दिसंबर 2025 तक ग़ज़ा में लगभग 416 लोगों की मौत और 1,272 लोग घायल हुए।
WHO के अनुसार 10 अक्टूबर 2025 के युद्धविराम के बाद भी 31 दिसंबर 2025 तक ग़ज़ा में लगभग 416 लोगों की मौत और 1,272 लोग घायल हुए। 2025 में स्वास्थ्य सेवाओं पर 449 हमलों की पुष्टि हुई, जिनमें से 216 ग़ज़ा में हुए और इससे दर्जनों लोगों की मौत व सैकड़ों घायल हुए।
संयुक्त राष्ट्र और राहत एजेंसियों का कहना है कि सहायता सामग्री पर प्रतिबंध और सुरक्षा बाधाओं के कारण युद्धविराम का मानवीय असर सीमित रहा।