कर्मचारी टैबलेट को शेल्फ या रेफ्रिजरेटर के सामने घुमाते और सिस्टम तुरंत पहचान लेता कि वहाँ कौन‑कौन से उत्पाद हैं—जैसे दूध के कंटेनर, सिरप की बोतलें या कॉफी बैग—और उनकी संख्या कितनी है।
कंपनी का दावा था कि यह तरीका पारंपरिक मैनुअल गिनती से आठ गुना तक तेज़ हो सकता है और इन्वेंटरी की सटीकता भी बढ़ा सकता है।
स्टारबक्स जैसे बड़े नेटवर्क के लिए, जहाँ हजारों स्टोर्स रोज़ाना बड़ी मात्रा में सामग्री इस्तेमाल करते हैं, इन्वेंटरी की बेहतर जानकारी सप्लाई‑चेन प्लानिंग और स्टॉक की कमी को कम करने में मदद कर सकती थी।
जब यह सिस्टम वास्तविक दुकानों में इस्तेमाल होने लगा, तब समस्याएँ सामने आने लगीं। कर्मचारियों ने कई तरह की गड़बड़ियों की रिपोर्ट दी:
सबसे ज्यादा परेशानी दूध की अलग‑अलग किस्मों के साथ हुई—जैसे होल मिल्क, नॉन‑फैट मिल्क और प्लांट‑बेस्ड विकल्प। ये पैकेजिंग में काफी मिलते‑जुलते दिखते हैं, इसलिए सिस्टम कई बार इन्हें आपस में भ्रमित कर देता था।
इन सामग्रियों का इस्तेमाल लगभग हर पेय बनाने में होता है। अगर इनकी गिनती गलत हो जाए, तो स्टोर गलत मात्रा में रीस्टॉक ऑर्डर कर सकता है—जिससे उत्पाद की कमी या सप्लाई‑चेन गड़बड़ी हो सकती है।
रिपोर्टों के अनुसार, मई 2026 में स्टारबक्स ने Automated Counting को आधिकारिक रूप से रिटायर कर दिया, यानी लॉन्च के लगभग नौ महीने बाद। यह निर्णय आंतरिक कंपनी संदेश और कर्मचारियों की पुष्टि के बाद सामने आया।
कंपनी ने कहा कि अब:
इस कदम का उद्देश्य था:
सरल शब्दों में, AI सिस्टम से मिलने वाला डेटा इतना भरोसेमंद नहीं था कि उस पर आधारित ऑपरेशनल फैसले लिए जा सकें।
यह प्रयोग इसलिए भी खास था क्योंकि इसे बहुत बड़े पैमाने पर लागू किया गया था—हजारों स्टोर्स और हजारों कर्मचारियों के साथ।
लेकिन इसने एक आम समस्या को उजागर किया: कई AI सिस्टम नियंत्रित डेमो या लैब वातावरण में अच्छा प्रदर्शन करते हैं, लेकिन वास्तविक दुनिया की अव्यवस्थित परिस्थितियों में संघर्ष करते हैं।
रिटेल स्टोर्स में रोशनी बदलती रहती है, शेल्फ भरे हुए या बिखरे हो सकते हैं, पैकेजिंग बदलती रहती है और कई उत्पाद एक जैसे दिखते हैं। ऐसे छोटे‑छोटे दृश्य अंतर कंप्यूटर विज़न सिस्टम के लिए चुनौती बन सकते हैं।
स्टारबक्स के मामले में भी यही हुआ। जब सटीकता कम हो गई, तो पारंपरिक मानव द्वारा की गई गिनती अभी भी अधिक भरोसेमंद साबित हुई—कम से कम फिलहाल।
कंपनी ने भविष्य में इन्वेंटरी ऑटोमेशन को पूरी तरह नकारा नहीं है, लेकिन Automated Counting का छोटा जीवन यह दिखाता है कि बड़े रिटेल नेटवर्क में कंप्यूटर‑विजन आधारित सिस्टम को भरोसेमंद तरीके से लागू करना अभी भी आसान नहीं है।
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