जिन यूज़र्स ने अपडेट इंस्टॉल किया, उनमें से कुछ ने गंभीर स्थिरता संबंधी दिक्कतें बताईं। सबसे आम शिकायतें थीं:
कुछ रिपोर्टों में कहा गया कि समस्या कई मॉडल लाइनों को प्रभावित कर सकती है, जिनमें OnePlus 13, OnePlus 12 और Nord सीरीज़ के डिवाइस शामिल बताए गए हैं, हालांकि कंपनी ने अभी आधिकारिक रूप से पूरी सूची जारी नहीं की है ।
जब किसी अपडेट में बूट प्रक्रिया से जुड़ी गड़बड़ी सामने आती है, तो जोखिम काफी बड़ा हो सकता है क्योंकि फोन पूरी तरह इस्तेमाल के लायक भी नहीं रह सकता। इसी वजह से कंपनी ने एहतियात के तौर पर रोलआउट रोक दिया।
इस कदम का मकसद था:
OnePlus ने अपने कम्युनिटी फोरम पर कहा है कि अपडेट का रोलआउट तभी दोबारा शुरू होगा जब समस्या ठीक हो जाएगी और बिल्ड स्थिरता परीक्षण पास कर लेंगे ।
अभी तक OnePlus ने यह नहीं बताया है कि OxygenOS 16 का रोलआउट दोबारा कब शुरू होगा। कंपनी का कहना है कि पहले समस्या पूरी तरह हल की जाएगी और अपडेट को विश्वसनीयता के लिए दोबारा टेस्ट किया जाएगा, उसके बाद ही वितरण फिर से शुरू होगा ।
इस घटना ने OxygenOS की स्थिरता को लेकर चल रही चर्चाओं को भी फिर से तेज कर दिया है। जब OTA अपडेट सीधे बूट प्रक्रिया को प्रभावित करता है, तो समस्या साधारण बग से कहीं ज्यादा गंभीर मानी जाती है।
इसके अलावा OnePlus ने पहले कुछ डिवाइसों में Anti‑Rollback Protection (ARP) जैसी सुरक्षा प्रणाली भी लागू की थी। इसका मतलब यह है कि कई मामलों में यूज़र पुराने सॉफ्टवेयर वर्ज़न पर आसानी से वापस नहीं जा पाते। हालांकि कंपनी ने कहा है कि यह व्यवस्था अस्थायी थी और भविष्य में सामान्य डाउनग्रेड विकल्प फिर से उपलब्ध कराया जाएगा ।
अगर आपके OnePlus फोन में अभी तक ये अपडेट इंस्टॉल नहीं हुआ है, तो फिलहाल नया फिक्स्ड वर्ज़न आने तक इंतज़ार करना बेहतर है।
और अगर अपडेट के बाद फोन बूट लूप या रीस्टार्ट समस्या का सामना कर रहा है, तो अभी कोई सार्वभौमिक यूज़र‑साइड समाधान सामने नहीं आया है। ऐसे मामलों में OnePlus सपोर्ट या अधिकृत सर्विस सेंटर से संपर्क करना सबसे सुरक्षित विकल्प माना जा रहा है।
फिलहाल OxygenOS 16 का रोलआउट तब तक रुका रहेगा जब तक कंपनी प्रभावित बिल्ड को स्थिर और सुरक्षित नहीं बना लेती।
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