Wintermute और Auros ने Hyperliquid से लगभग $100M निकाले: क्रिप्टो डेरिवेटिव मार्केट के लिए इसका क्या मतलब है
18 मई 2026 को मार्केट मेकर Wintermute और Auros Global ने Hyperliquid से करीब $100 मिलियन की लिक्विडिटी निकाल ली, जिससे BTC और ETH ऑर्डर‑बुक की गहराई लगभग 90% तक गिर गई। रिपोर्ट्स के अनुसार Auros ने अपनी पोज़िशन बंद कर कुछ फंड Binance पर ट्रांसफर कर दिए, जबकि Wintermute ने अपना एक्सपोज़र काफी घटा दिया। यह कदम उस समय...
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18 मई 2026 को मार्केट मेकर Wintermute और Auros Global ने Hyperliquid से करीब $100 मिलियन की लिक्विडिटी निकाल ली, जिससे BTC और ETH ऑर्डर‑बुक की गहराई लगभग 90% तक गिर गई।
रिपोर्ट्स के अनुसार Auros ने अपनी पोज़िशन बंद कर कुछ फंड Binance पर ट्रांसफर कर दिए, जबकि Wintermute ने अपना एक्सपोज़र काफी घटा दिया।
यह कदम उस समय आया जब CME और ICE ने अमेरिकी रेगुलेटर्स से Hyperliquid की जांच की मांग की, जिस पर प्लेटफॉर्म ने आरोपों को ‘बेबुनियाद’ बताया।
What happened when Wintermute and Auros withdrew nearly $100 million in liquidity from Hyperliquid on May 18, how much BTC and ETH order booMajor market makers withdrawing liquidity can dramatically thin order books on crypto derivatives platforms.
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18 मई 2026 को क्रिप्टो डेरिवेटिव एक्सचेंज Hyperliquid में अचानक बड़ी हलचल देखने को मिली। दो बड़े मार्केट‑मेकर—Wintermute और Auros Global—ने प्लेटफॉर्म से मिलकर लगभग $100 मिलियन की लिक्विडिटी निकाल ली।
ऑन‑चेन डेटा के अनुसार इस कदम से Bitcoin (BTC) और Ethereum (ETH) जैसे बड़े मार्केट्स की ऑर्डर‑बुक गहराई अचानक काफी कम हो गई, जिससे ट्रेडिंग की स्थिति तुरंत बदल गई।
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"Wintermute और Auros ने Hyperliquid से लगभग $100M निकाले: क्रिप्टो डेरिवेटिव मार्केट के लिए इसका क्या मतलब है" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
18 मई 2026 को मार्केट मेकर Wintermute और Auros Global ने Hyperliquid से करीब $100 मिलियन की लिक्विडिटी निकाल ली, जिससे BTC और ETH ऑर्डर‑बुक की गहराई लगभग 90% तक गिर गई।
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
18 मई 2026 को मार्केट मेकर Wintermute और Auros Global ने Hyperliquid से करीब $100 मिलियन की लिक्विडिटी निकाल ली, जिससे BTC और ETH ऑर्डर‑बुक की गहराई लगभग 90% तक गिर गई। रिपोर्ट्स के अनुसार Auros ने अपनी पोज़िशन बंद कर कुछ फंड Binance पर ट्रांसफर कर दिए, जबकि Wintermute ने अपना एक्सपोज़र काफी घटा दिया।
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
यह कदम उस समय आया जब CME और ICE ने अमेरिकी रेगुलेटर्स से Hyperliquid की जांच की मांग की, जिस पर प्लेटफॉर्म ने आरोपों को ‘बेबुनियाद’ बताया।
यह घटना ऐसे समय हुई जब कुछ ही दिन पहले दुनिया के दो बड़े पारंपरिक डेरिवेटिव एक्सचेंज—CME Group और Intercontinental Exchange (ICE)—ने अमेरिकी रेगुलेटर्स से Hyperliquid के संचालन की जांच करने का अनुरोध किया था।
18 मई को वास्तव में क्या हुआ
ऑन‑चेन मॉनिटरिंग डेटा के अनुसार, 18 मई को Wintermute और Auros ने Hyperliquid से अपनी लिक्विडिटी में बड़ा कटौती कर दी।
रिपोर्ट्स में कुछ प्रमुख बदलाव सामने आए:
Wintermute ने अपनी ऑपरेटिंग लिक्विडिटी लगभग $40 मिलियन से घटाकर करीब $4 मिलियन कर दी।
Auros Global ने अपनी पोज़िशन बंद कर दी और कुछ फंड reportedly Binance पर ट्रांसफर किए।
BTC और ETH सहित कई बड़े ट्रेडिंग पेयर्स में लिक्विडिटी हटाई गई।
क्योंकि ये दोनों कंपनियां प्लेटफॉर्म के प्रमुख लिक्विडिटी प्रोवाइडर थीं, इसलिए इनके बाहर निकलते ही मार्केट की ट्रेडिंग गहराई तुरंत प्रभावित हुई।
BTC और ETH ऑर्डर‑बुक पर कितना असर पड़ा
एनालिटिक्स डेटा के अनुसार, इन निकासी के बाद Hyperliquid पर BTC और ETH की मार्केट लिक्विडिटी लगभग 90% तक गिर गई।
जब ऑर्डर‑बुक इतनी पतली हो जाती है, तो ट्रेडिंग में कई बदलाव दिखते हैं:
Bid‑ask spread बढ़ जाता है
बड़े ट्रेड पर ज्यादा slippage होता है
कीमतों में तेज़ और अचानक उतार‑चढ़ाव बढ़ सकते हैं
आमतौर पर मार्केट‑मेकर बड़ी खरीद‑फरोख्त को absorb करके मार्केट को स्थिर रखते हैं। जब वे पीछे हटते हैं, तो छोटी ट्रेडिंग भी कीमतों को ज्यादा हिला सकती है।
CME और ICE का रेगुलेटरी दबाव
यह लिक्विडिटी निकासी उस खबर के लगभग तीन दिन बाद हुई जब CME Group और ICE ने अमेरिकी अधिकारियों से Hyperliquid के डेरिवेटिव मार्केट की जांच की मांग की थी।
उनकी चिंताओं में मुख्य रूप से ये मुद्दे शामिल बताए गए:
ऑफशोर क्रिप्टो डेरिवेटिव ट्रेडिंग में संभावित मार्केट मैनिपुलेशन का खतरा।
अनाम (anonymous) ट्रेडिंग से sanctions evasion की संभावना।
पारंपरिक एक्सचेंजों की तुलना में कम रेगुलेटरी निगरानी।
रिपोर्ट्स के अनुसार CME और ICE चाहते हैं कि Hyperliquid को U.S. Commodity Futures Trading Commission (CFTC) की निगरानी के तहत लाया जाए। ऐसा होने पर प्लेटफॉर्म को कई नियम लागू करने पड़ सकते हैं, जैसे:
KYC (ग्राहक पहचान प्रक्रिया)
ट्रेड सर्विलांस सिस्टम
औपचारिक रेगुलेटरी रजिस्ट्रेशन
इन खबरों के बाद Hyperliquid का HYPE टोकन लगभग 6% गिर गया, जो निवेशकों की चिंता को दिखाता है।
Hyperliquid का जवाब
Hyperliquid और उससे जुड़े Hyperliquid Policy Center ने CME और ICE के आरोपों को खारिज कर दिया।
उनका कहना है कि प्लेटफॉर्म की संरचना पारंपरिक एक्सचेंजों से अलग है:
सभी ट्रेड और ट्रांजैक्शन रियल‑टाइम में ऑन‑चेन रिकॉर्ड होते हैं
यह पारदर्शिता किसी भी संभावित मैनिपुलेशन को छिपाना मुश्किल बना देती है
Policy Center के अनुसार ब्लॉकचेन की खुली ट्रांजैक्शन हिस्ट्री regulators और बाजार के प्रतिभागियों दोनों के लिए निगरानी आसान बनाती है।
हालांकि उपलब्ध रिपोर्ट्स में यह स्पष्ट नहीं है कि लिक्विडिटी निकासी के बाद Hyperliquid ने कोई तत्काल ऑपरेशनल कदम—जैसे अतिरिक्त लिक्विडिटी प्रोग्राम—लॉन्च किया हो।
HYPE और प्लेटफॉर्म के भविष्य के लिए इसका क्या मतलब
यह घटना तेज़ी से बढ़ रहे DeFi डेरिवेटिव प्लेटफॉर्म्स के सामने दो बड़ी चुनौतियों को उजागर करती है।
1. लिक्विडिटी का केंद्रीकरण
अगर प्लेटफॉर्म की ज्यादातर लिक्विडिटी कुछ ही प्रोफेशनल मार्केट‑मेकर प्रदान करते हैं, तो उनके अचानक बाहर निकलने से पूरी मार्केट स्ट्रक्चर अस्थिर हो सकती है।
ट्रेडर्स के लिए इसका मतलब हो सकता है:
ज्यादा वोलैटिलिटी
बड़े bid‑ask spreads
बड़े ऑर्डर पर ज्यादा लागत
2. पारंपरिक एक्सचेंजों से बढ़ती प्रतिस्पर्धा
CME और ICE की लॉबिंग यह दिखाती है कि पारंपरिक वित्तीय एक्सचेंज अब ऑन‑चेन डेरिवेटिव प्लेटफॉर्म्स को गंभीर प्रतिस्पर्धी मानने लगे हैं।
यदि अमेरिकी रेगुलेटर्स कार्रवाई करते हैं, तो Hyperliquid को भविष्य में ऐसे नियम अपनाने पड़ सकते हैं जैसे:
KYC और पहचान सत्यापन
ट्रेड मॉनिटरिंग सिस्टम
CFTC के तहत औपचारिक पंजीकरण
बड़ी तस्वीर
करीब $100 मिलियन की लिक्विडिटी का अचानक बाहर जाना जरूरी नहीं कि स्थायी बदलाव का संकेत हो। लेकिन यह साफ दिखाता है कि रेगुलेटरी अनिश्चितता सीधे क्रिप्टो मार्केट की संरचना को प्रभावित कर सकती है।
आने वाले समय में Hyperliquid के सामने सबसे बड़ा सवाल यही रहेगा: क्या वह गहरी लिक्विडिटी और संस्थागत भागीदारी बनाए रख सकता है, जबकि वह पारंपरिक अमेरिकी रेगुलेटरी ढांचे से बाहर काम करता है।