लेकिन इतना ऊँचा लेवरेज होने का मतलब है कि कीमत में बहुत छोटा गिरावट भी ट्रेड को संकट में डाल सकती है। जैसे ही 2026 में ETH की कीमतों में उतार‑चढ़ाव बढ़ा:
इन घटनाओं के बाद कुल अनुमानित नुकसान करीब $33 मिलियन तक पहुँच गया।
यह घटना केवल एक बार का नुकसान नहीं थी। ऑन‑चेन ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म्स के अनुसार हुआंग की ट्रेडिंग में एक स्पष्ट पैटर्न दिखा:
उदाहरण के तौर पर मार्च 2026 में, जब Ethereum की कीमत गिर रही थी, उनकी एक बड़ी पोज़िशन Hyperliquid नाम के विकेंद्रीकृत परपेचुअल ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर पूरी तरह लिक्विडेट हो गई। इसके बाद उन्होंने फिर से 25× लेवरेज के साथ नई ETH लॉन्ग खोल ली।
मई 2026 के मध्य तक इन दोहराए गए लिक्विडेशनों से कुल अनुमानित नुकसान $32.4 मिलियन से अधिक हो चुका था।
दिलचस्प बात यह है कि ट्रेड के शुरुआती दौर में तस्वीर बिल्कुल अलग थी। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार जब Ethereum अपने उच्च स्तरों के पास ट्रेड कर रहा था, तब हुआंग की इसी लेवरेज्ड पोज़िशन पर $44 मिलियन से अधिक का अनरियलाइज़्ड प्रॉफिट दिख रहा था।
लेकिन बाजार का रुख बदलते ही स्थिति उलट गई। ETH की कीमत तेज़ी से गिरकर लगभग $1,800 के आसपास पहुँचने लगी, और यही गिरावट लिक्विडेशन की श्रृंखला का कारण बनी।
यह दिखाता है कि लेवरेज्ड ट्रेडिंग में कागज़ी मुनाफ़ा बहुत जल्दी असली नुकसान में बदल सकता है।
लेवरेज ट्रेडिंग में निवेशक अपनी असली पूंजी से कई गुना बड़ा एक्सपोज़र लेते हैं। 25× लेवरेज का मतलब है कि:
तेज़ गिरते बाजार में यह प्रक्रिया अक्सर और नुकसान बढ़ा देती है:
अगर ट्रेडर तुरंत नई पोज़िशन खोल देता है—जैसा कि हुआंग के मामले में कई बार रिपोर्ट किया गया—तो नुकसान और तेजी से बढ़ सकता है।
माची बिग ब्रदर का यह मामला इसलिए भी चर्चा में रहा क्योंकि ब्लॉकचेन डेटा सार्वजनिक होता है। विश्लेषक ऑन‑चेन वॉलेट और ट्रेडिंग गतिविधि को ट्रैक करके लगभग रियल‑टाइम में लिक्विडेशन का अनुमान लगा सकते हैं।
उपलब्ध रिपोर्ट्स के आधार पर 2026 की इस Ethereum ट्रेडिंग श्रृंखला में हुआंग का नुकसान करीब $32–33 मिलियन के आसपास बताया जाता है।
सबसे महत्वपूर्ण सबक यही है: उच्च विश्वास (conviction) और अत्यधिक लेवरेज साथ में हों तो मुनाफ़ा भी बड़ा हो सकता है—लेकिन बाजार उल्टा चला तो वही रणनीति बहुत जल्दी करोड़ों डॉलर के नुकसान में बदल सकती है।
ध्यान देने वाली बात यह है कि अधिकांश आंकड़े ऑन‑चेन ट्रैकिंग और क्रिप्टो मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित हैं, इसलिए इन्हें अनुमानित आंकड़े माना जाता है, न कि आधिकारिक ऑडिटेड डेटा।