पश्चिमी क्षेत्र उझहोरोद में स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार एक इमारत पर ड्रोन गिरा। ज़कारपात्तिया के अन्य कस्बों में भी धमाकों की खबरें आईं और पूरे दिन एयर‑रेड अलर्ट जारी रहा ।
जब ड्रोन पश्चिमी यूक्रेन में स्लोवाकिया की सीमा के पास पहुँचने लगे, तो खतरा सीधे NATO की पूर्वी सीमा के पास महसूस किया गया।
रिपोर्टों के अनुसार Shahed‑प्रकार के रूसी ड्रोन उझहोरोद तक पहुँच गए, जो स्लोवाकिया की सीमा के बिलकुल पास है। इसके बाद स्लोवाकिया ने सुरक्षा कारणों से यूक्रेन के साथ सभी सीमा क्रॉसिंग अस्थायी रूप से बंद कर दिए ।
अधिकारियों को आशंका थी कि और हमले हो सकते हैं या ड्रोन का मलबा सीमा क्षेत्र में गिर सकता है। करीब एक घंटे तक सीमा पार आवाजाही रोकी गई, फिर तत्काल खतरा कम होने के बाद क्रॉसिंग फिर से खोल दी गईं ।
यह कदम असामान्य माना गया और इसने दिखाया कि युद्ध का हवाई खतरा NATO सीमा तक पहुँच गया है।
यूक्रेन के अलग‑अलग हिस्सों से हमले के बाद नुकसान की कई रिपोर्टें सामने आईं। अधिकारियों के अनुसार:
यूक्रेनी अधिकारियों का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर ड्रोन भेजने का उद्देश्य एयर‑डिफेंस सिस्टम को एक साथ कई दिशाओं से दबाव में लाना था ।
हमले के बाद यूक्रेन के पड़ोसी देशों ने भी तुरंत प्रतिक्रिया दी।
पोलैंड, जो NATO का सदस्य है, ने स्थिति की निगरानी के लिए अपने लड़ाकू विमान (fighter jets) हवा में भेजे, क्योंकि हमले उसकी सीमा के पास हो रहे थे ।
दूसरी ओर हंगरी ने कूटनीतिक कदम उठाया। ज़कारपात्तिया क्षेत्र—जहाँ बड़ी संख्या में हंगेरियन मूल के लोग रहते हैं—पर हमले की निंदा करते हुए रूस के राजदूत को स्पष्टीकरण के लिए तलब किया गया ।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने हंगरी की इस प्रतिक्रिया का स्वागत करते हुए कहा कि यह कदम दिखाता है कि मॉस्को केवल यूक्रेन ही नहीं, बल्कि पूरे यूरोप के लिए खतरा पैदा कर सकता है ।
13 मई का यह हमला दिखाता है कि रूस‑यूक्रेन युद्ध का हवाई आयाम अब केवल यूक्रेन की सीमाओं तक सीमित नहीं रह गया है। जब ड्रोन हमले उझहोरोद जैसे NATO सीमा के पास स्थित शहरों तक पहुँचते हैं और पड़ोसी देशों को सीमा बंद करने या सैन्य सतर्कता बढ़ाने पर मजबूर करते हैं, तो इससे पूरे पूर्वी और मध्य यूरोप के सुरक्षा माहौल पर असर पड़ता है।
यानी भले ही NATO की जमीन पर सीधा हमला न हुआ हो, लेकिन इस तरह के बड़े हवाई हमले क्षेत्रीय संकट का जोखिम बढ़ाते जा रहे हैं।
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