उसी ऑपरेशन में ब्लैक सी के उसी समुद्री मार्ग से गुजर रहे दो अन्य नागरिक जहाज़ों को भी ड्रोन से नुकसान होने की खबर है। ये जहाज़ मार्शल आइलैंड्स और गिनी‑बिसाउ के झंडे के तहत चल रहे थे और ओडेसा क्षेत्र के बंदरगाहों की ओर जा रहे थे। दोनों जहाज़ों में मामूली आग लगी जिसे चालक दल ने खुद ही बुझा दिया और वे आगे बंदरगाह की ओर बढ़ते रहे।
हालाँकि जहाज़ों को कितना संरचनात्मक नुकसान हुआ, इसकी स्वतंत्र पुष्टि शुरुआती रिपोर्टों में उपलब्ध नहीं थी।
समुद्र में हुई यह घटना उस रात यूक्रेन के कई हिस्सों में हुए बड़े हमलों का हिस्सा थी। अधिकारियों के अनुसार रूस ने ड्रोन और मिसाइलों से कई क्षेत्रों को निशाना बनाया।
पूर्वी शहर द्निप्रो (Dnipro) में मिसाइल हमलों में 18 लोग घायल हुए, जिनमें बच्चे भी शामिल थे। हमले में अपार्टमेंट इमारतें, निजी घर, एक विश्वविद्यालय की इमारत, धार्मिक स्थल और एक औद्योगिक परिसर क्षतिग्रस्त हो गए।
ओडेसा और अन्य शहरों में भी उसी रात ड्रोन हमलों से रिहायशी इमारतों और बुनियादी ढाँचे को नुकसान पहुँचा। यूक्रेनी अधिकारियों का कहना है कि जहाज़ पर हमला इसी व्यापक अभियान का हिस्सा था, न कि अलग‑थलग समुद्री ऑपरेशन।
यह घटना इसलिए खास चर्चा में आई क्योंकि यह पुतिन की बीजिंग यात्रा से ठीक एक दिन पहले हुई। पुतिन 19–20 मई को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात के लिए बीजिंग जाने वाले थे।
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा कि रूस यह नहीं कह सकता कि उसे पता नहीं था कि समुद्र में मौजूद जहाज़ चीन से जुड़ा हुआ है। उनके अनुसार यह स्थिति कूटनीतिक रूप से असहज है क्योंकि रूस और चीन युद्ध के दौरान आर्थिक और रणनीतिक सहयोग बढ़ा रहे हैं।
अगर किसी चीनी‑संबंधित जहाज़ को नुकसान पहुँचता है, तो इससे ऐसे समय में राजनीतिक असहजता पैदा हो सकती है जब मॉस्को बीजिंग के साथ संबंध और मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। शुरुआती रिपोर्टों में न तो रूस और न ही चीन ने इस घटना पर विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी।
विश्लेषकों के अनुसार यह घटना ब्लैक सी में चल रहे एक बड़े पैटर्न का हिस्सा भी है। ओडेसा और आसपास के बंदरगाह यूक्रेन के लिए अनाज और अन्य निर्यात का मुख्य समुद्री मार्ग हैं।
अनाज निर्यात समझौते के टूटने के बाद से रूस पर आरोप है कि उसने बार‑बार बंदरगाह ढाँचे और शिपिंग मार्गों को निशाना बनाया है। रिपोर्टों के अनुसार ब्लैक सी क्षेत्र में यूक्रेनी बंदरगाहों और ऊर्जा सुविधाओं पर सैकड़ों हवाई हमले किए जा चुके हैं।
नागरिक जहाज़ पहले भी प्रभावित हुए हैं। उदाहरण के लिए मार्च 2026 में चोर्नोमोर्स्क बंदरगाह के पास एक पनामा‑ध्वज वाले कार्गो जहाज़ को रूसी ड्रोन से नुकसान पहुँचा था, जो मकई लेकर जा रहा था।
इन घटनाओं से स्पष्ट होता है कि यूक्रेन के समुद्री निर्यात मार्गों से गुजरने वाले व्यापारिक जहाज़ों को अभी भी बड़ा जोखिम बना हुआ है — और इसका असर वैश्विक अनाज व्यापार तक पहुँच सकता है।
18 मई की घटना की अधिकांश जानकारी यूक्रेनी अधिकारियों और स्थानीय रिपोर्टों से आई है। शुरुआती खबरों में रूस ने इस हमले की सार्वजनिक रूप से पुष्टि नहीं की थी और नुकसान के स्वतंत्र आकलन सीमित थे।
इसलिए यह अभी स्पष्ट नहीं है कि चीनी‑संबंधित जहाज़ को जानबूझकर निशाना बनाया गया था या वह ओडेसा क्षेत्र पर किए गए बड़े ड्रोन हमले के दौरान प्रभावित हुआ। लेकिन यह घटना दिखाती है कि ब्लैक सी में चल रहा युद्ध अब अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाज़ों और दूसरे देशों के हितों को भी सीधे छूने लगा है।
Comments
0 comments