रोमानिया के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की कि यह यूक्रेन पर रूस के बड़े हमले का हिस्सा था और 43 ड्रोनों में से सिर्फ एक रोमानियाई क्षेत्र में घुसा । रोमानियाई वायुसेना के दो एफ-16 लड़ाकू विमानों ने तुरंत उड़ान भरी, लेकिन ड्रोन को रोका नहीं जा सका
। इसके बाद रोमानियाई विदेश मंत्रालय ने रूसी राजदूत को तलब करते हुए इसे "अस्वीकार्य और हवाई क्षेत्र का स्पष्ट उल्लंघन" बताया
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गौरतलब है कि यह पहली बार था जब यूक्रेन युद्ध के दौरान किसी नाटो सदस्य देश की घनी आबादी वाले इलाके पर सीधा रूसी ड्रोन हमला हुआ, जिसने पूरे गठबंधन को हिलाकर रख दिया ।
इस घटना पर सबसे जोरदार राजनीतिक प्रतिक्रिया पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क की ओर से आई। टस्क ने नाटो के सभी सदस्यों से "आखिरकार इन तथ्यों और शब्दों को गंभीरता से लेना शुरू करने" का आग्रह किया । उनका यह बयान रूस की सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष दमित्री मेदवेदेव की एक खतरनाक सोशल मीडिया पोस्ट के जवाब में आया, जिसमें मेदवेदेव ने कहा था कि "यूरोपीय संघ के नागरिकों की शांतिपूर्ण नींद अब खत्म हो चुकी है"
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टस्क ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, "पोलैंड, बाल्टिक देश और अब रोमानिया। रूसी उकसावे की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं" । कई रिपोर्टों के अनुसार उनका यह कड़ा संदेश ऐसे समय में आया जब यूरोप में अमेरिकी सैन्य बलों की प्रस्तावित कटौती को लेकर नाटो की पूर्वी सीमा के सदस्य देशों में गहरी बेचैनी है
। यूरोन्यूज़ से बातचीत में एक पोलिश अधिकारी ने इस घुसपैठ को "कोई गलती नहीं" बल्कि एक सोची-समझी चाल बताया और संकेत दिया कि रोमानिया के पास नाटो संधि के अनुच्छेद 4 के तहत आपातकालीन परामर्श बुलाने का विकल्प है
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रोमानिया के नेतृत्व ने भी तुरंत ठोस कदम उठाए। राष्ट्रपति निकुसोर दान ने इस घटना को "अभूतपूर्व" बताते हुए घोषणा की कि रोमानिया नाटो से अपने लिए एयर डिफेंस और एंटी-ड्रोन सिस्टम की डिलीवरी में तेजी लाने की औपचारिक मांग करेगा । कार्यवाहक विदेश मंत्री ओआना टोइयू ने कहा कि बुखारेस्ट में अनुच्छेद 4 के तहत परामर्श सक्रिय करने पर चर्चा चल रही थी, हालांकि यह कदम उठाया नहीं गया, फिर भी इसने उल्लंघन की गंभीरता को दर्शा दिया
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नाटो के महासचिव मार्क रूट ने रूस के "लापरवाह व्यवहार" की निंदा करते हुए यकीन दिलाया कि गठबंधन "हर इंच संबद्ध क्षेत्र की रक्षा के लिए तैयार है" । नाटो में अमेरिकी राजदूत और अन्य सहयोगी अधिकारियों ने भी इस प्रतिज्ञा को दोहराया, हालांकि एक विश्लेषक ने आगाह किया कि कड़ी निंदा से परे किसी प्रतिक्रिया की संभावना कम है
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मॉस्को की प्रतिक्रिया जिम्मेदारी से इनकार करने और धमकी भरे रवैये का मिलाजुला रूप थी। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कजाकिस्तान में एक शिखर सम्मेलन से बोलते हुए जिम्मेदारी लेने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, "जब तक इसकी पूरी जांच नहीं हो जाती, कोई भी इस हवाई वाहन की उत्पत्ति के बारे में नहीं बोल सकता" । उन्होंने इशारा किया कि यह कोई भटका हुआ यूक्रेनी ड्रोन भी हो सकता है और यदि रोमानिया ड्रोन का मलबा उन्हें सौंपे तो एक संयुक्त जांच का प्रस्ताव रखा
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वहीं, दमित्री मेदवेदेव ने कहीं ज्यादा आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने अपने मैसेजिंग चैनल पर अपशब्दों से भरी एक पोस्ट में यूरोपीय नेताओं से इस मामले पर "चुप रहने" को कहा और जोर देकर कहा कि "अभी यह तय नहीं हुआ कि वह किसका ड्रोन था" । इसके बाद उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि ड्रोन "आपके देशों में भटकते रहेंगे" और यूरोपीय नागरिकों को "सतर्क" रहने की सलाह दी
। मेदवेदेव ने ईयू सदस्य देशों को रूस के खिलाफ जंग में प्रत्यक्ष भागीदार घोषित करते हुए कहा, "उन्हें तैयार रहने दो: ऐसा होता रहेगा," और भविष्यवाणी की कि यूरोप "अब चैन से नहीं सो पाएगा"
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गलाती में ड्रोन हमला ऐसे समय में हुआ जब नाटो गठबंधन के लिए अनिश्चितता गहराती जा रही है, और इसने तीन बड़े मुद्दों को और पुख्ता कर दिया।
नाटो की पूर्वी सीमा की कमजोरी। यह घटना कोई अलग-थलग मामला नहीं थी। रोमानिया के रक्षा मंत्रालय के अप्रैल 2026 तक के आंकड़े बताते हैं कि उस साल रूसी ड्रोन द्वारा देश के हवाई क्षेत्र का सात बार उल्लंघन किया जा चुका था, 11 मौकों पर गोला-बारूद के टुकड़े मिले थे और नाटो के 'एयर पुलिसिंग' मिशन 18 बार सक्रिय किए गए थे । गेरान-2 जैसे कम लागत वाले ड्रोन आसानी से एयर डिफेंस रडार से बच सकते हैं और आबादी वाले इलाकों में उन्हें रोक पाना बेहद मुश्किल है, एक ऐसी समस्या जिसके लिए नाटो पूरी तरह तैयार नहीं था
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अमेरिकी सैन्य वापसी का बढ़ता डर। टस्क की चेतावनी स्पष्ट रूप से यूरोप में घटती अमेरिकी सैन्य उपस्थिति की पृष्ठभूमि में दी गई थी, एक ऐसा घटनाक्रम जिसने पूर्वी सहयोगियों को अमेरिकी सुरक्षा छतरी की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करने पर मजबूर कर दिया है । इस हमले ने यूरोपीय देशों से अपनी खुद की मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम बनाने और एंटी-ड्रोन तकनीक में कहीं अधिक निवेश करने की मांग को और तेज कर दिया।
यूरोपीय रक्षा एकीकरण की ओर कदम। इस हमले से कुछ दिन पहले ही, टस्क और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने एक ऐतिहासिक यूके-पोलैंड रक्षा संधि पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें रूस को "सबसे बड़ा खतरा" करार दिया गया और गहरे सैन्य सहयोग का संकल्प लिया गया । यह कदम इस बात का संकेत था कि सीमावर्ती देश अब नाटो की आम सहमति का इंतजार नहीं कर रहे, बल्कि भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच अपनी सुरक्षा के लिए खुद ही द्विपक्षीय समझौते कर रहे हैं।
अनुच्छेद 4 की परीक्षा। रोमानिया ने हालांकि आखिरकार नाटो के अनुच्छेद 4 को लागू करने से परहेज किया, लेकिन इस पर गंभीर विचार ने यह प्रदर्शित कर दिया कि बार-बार हो रहे रूसी हवाई क्षेत्र के उल्लंघन गठबंधन को एक औपचारिक सामूहिक सुरक्षा परामर्श के कितने करीब ला रहे हैं, एक ऐसा कदम जो मॉस्को पर कूटनीतिक दबाव को नाटकीय रूप से बढ़ा सकता है ।
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