चिड़ियाघरों में अक्सर जानवरों के लिए प्राकृतिक वातावरण जैसा माहौल बनाने के लिए पेड़‑पौधे और चढ़ने वाली संरचनाएँ लगाई जाती हैं। लेकिन कभी‑कभी यही वनस्पति अनजाने में जानवरों के लिए ऊँचे रास्ते भी बन सकती है।
उसके गायब होने की पुष्टि होते ही ताइपेई ज़ू ने व्यापक खोज अभियान शुरू कर दिया। उठाए गए कदमों में शामिल हैं:
लेसर ऐंटईटर की कुछ प्राकृतिक आदतें खोज अभियान को और चुनौतीपूर्ण बना देती हैं।
दिन के समय ब्लैकी संभवतः घनी झाड़ियों या ऊँचे पेड़ों पर छिपी रहती होगी, जिससे खोज टीमों के लिए उसे देख पाना मुश्किल हो जाता है।
चिड़ियाघर प्रशासन ने आगंतुकों और आसपास के ट्रेल या पहाड़ी रास्तों पर जाने वाले लोगों से सावधानी बरतते हुए मदद की अपील की है।
अगर किसी को ब्लैकी दिखती है, तो उन्हें:
अधिकारियों का कहना है कि यदि जानवर डर जाता है, तो वह और ऊँचे पेड़ों या अधिक छिपे हुए स्थानों में चला सकता है, जिससे उसे वापस लाना और मुश्किल हो जाएगा।
ब्लैकी अपनी प्रजाति के हिसाब से काफ़ी उम्रदराज़ मानी जाती है। उसकी उम्र लगभग 11 साल 10 महीने है, जबकि जंगली वातावरण में लेसर ऐंटईटर की सामान्य आयु लगभग 9–10 साल दर्ज की गई है।
वह इंसानों के लिए खतरनाक नहीं मानी जाती, लेकिन उसका अचानक गायब होना चिड़ियाघर के लिए एक जटिल खोज अभियान बन गया है। फिलहाल, यह रहस्य बना हुआ है कि ब्लैकी अभी कहाँ छिपी हुई है।
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