कुछ निर्माताओं ने कीमतों में संभावित बढ़ोतरी से पहले कम कीमत पर कंपोनेंट सुरक्षित करने के लिए Q1 में अतिरिक्त ऑर्डर दिए। इस वजह से लैटिन अमेरिका में Q1 2026 के स्मार्टफोन शिपमेंट सालाना आधार पर 2% बढ़े।
लेकिन यह मांग का स्थायी उछाल नहीं था। कंपनियां पहले से माल जमा कर रही थीं। मेमोरी संकट गहराने और कीमतों में बदलाव लागू होने के बाद वे अधिक सतर्क हो गईं। नतीजतन, Q2 में शिपमेंट घटे और Q1 की बढ़त जारी नहीं रह सकी।
लैटिन अमेरिका के कई बाजारों में स्थानीय मुद्राओं की मजबूती ने कीमतों में बढ़ोतरी का तत्काल असर कुछ हद तक कम किया। इससे उपभोक्ताओं को राहत मिली, लेकिन निर्माताओं के लिए बढ़ी हुई कंपोनेंट लागत पूरी तरह ग्राहकों पर डालना कठिन हो गया और उनके मार्जिन पर दबाव बढ़ा।
जो कीमतें ग्राहकों तक पहुंचीं, उनका असर एंट्री-लेवल और मिड-रेंज खरीदारों पर सबसे अधिक पड़ा। इन वर्गों में मामूली कीमत बढ़ोतरी भी खरीदारी के फैसले को प्रभावित कर सकती है। कोलंबिया, मेक्सिको और ब्राजील में महंगाई ने वास्तविक खरीद क्षमता घटाई, जबकि कोलंबिया और ब्राजील की राजनीतिक अनिश्चितता ने कुछ उपभोक्ताओं को फोन खरीदना टालने के लिए प्रेरित किया।
बाजार की गिरावट सभी कंपनियों पर समान नहीं पड़ी। प्रमुख ब्रांडों में Samsung और Apple ही ऐसे रहे जिनके शिपमेंट बढ़े। किफायती फोन पर अधिक निर्भर ब्रांडों को कहीं तेज गिरावट का सामना करना पड़ा।
Samsung के पास Galaxy A और Galaxy S सीरीज में फैला व्यापक पोर्टफोलियो और पर्याप्त इन्वेंटरी थी। भौतिक स्टोरों तथा ऑनलाइन चैनलों में मजबूत मौजूदगी और आक्रामक डिस्काउंटिंग ने भी कंपनी की मदद की। जब कई प्रतिद्वंद्वी सीमित आपूर्ति या कम कीमत वाले मॉडलों पर अधिक निर्भरता से जूझ रहे थे, Samsung के फोन अपेक्षाकृत आसानी से उपलब्ध रहे।
इस रणनीति से कुल बाजार सिकुड़ने के बावजूद Samsung की हिस्सेदारी बढ़ी। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि इस तिमाही में केवल उपभोक्ता मांग ही नहीं, बल्कि आपूर्ति और बिक्री चैनलों का प्रबंधन भी निर्णायक रहा।
Apple का प्रदर्शन उसके प्रीमियम बाजार पर मजबूत फोकस से जुड़ा रहा। कंपनी ने लागत बढ़ने का पूरा बोझ ग्राहकों पर डालने के बजाय उसका कुछ हिस्सा खुद वहन किया। iPhone 17 Pro Max की मांग मजबूत बनी रही, मार्च के अंत में लॉन्च हुआ iPhone 17e Q2 में गति पकड़ने लगा और पुराने मॉडल भी लगातार बिकते रहे।
प्रीमियम खरीदार आम तौर पर कंपोनेंट लागत से जुड़ी कीमत बढ़ोतरी के प्रति एंट्री-लेवल ग्राहकों जितने संवेदनशील नहीं होते। इसी वजह से Apple की मजबूत प्रीमियम स्थिति ने उसे बजट फोन बाजार की सबसे खराब गिरावट से बचाए रखा।
Motorola ने अपनी G, Edge और Razr सीरीज को अपडेट किया। FIFA World Cup 2026 से जुड़े मार्केटिंग प्रयासों ने ब्रांड की दृश्यता और औसत बिक्री मूल्य बढ़ाने में मदद की, लेकिन ये कदम शिपमेंट में आई 14% गिरावट की भरपाई नहीं कर सके।
मेमोरी से जुड़ी लागत और आपूर्ति की समस्या Q2 के बाद भी जारी रहने की उम्मीद है। Counterpoint के अनुसार, यह दबाव 2026 की दूसरी छमाही तक बना रह सकता है और मोबाइल DRAM की कीमतें Q3 2026 में तिमाही आधार पर लगभग 10% बढ़ सकती हैं।
इसका मतलब है कि बाजार अलग-अलग मूल्य-श्रेणियों में और अधिक बंट सकता है। संकट खत्म होने से पहले 100 से 249 डॉलर वाली लो-टू-मिड रेंज अपनी बिक्री हिस्सेदारी खो सकती है, जबकि हाई-एंड और प्रीमियम डिवाइस अपेक्षाकृत मजबूत रह सकते हैं।
Counterpoint के उपलब्ध आकलन के अनुसार, अगले 18 से 24 महीनों में स्मार्टफोन बाजार का प्रदर्शन केवल उपभोक्ता मांग से तय नहीं होगा। मेमोरी की उपलब्धता और उसकी कीमतें भी उतनी ही महत्वपूर्ण होंगी। कमी 2027 के अंत के आसपास धीरे-धीरे कम होना शुरू हो सकती है और व्यापक बाजार सुधार 2028 से शुरू होने की संभावना है।
हालांकि उपलब्ध शोध में 2026 की दूसरी छमाही या पूरे 2027 के लिए लैटिन अमेरिका के स्मार्टफोन शिपमेंट का कोई विशिष्ट प्रतिशत पूर्वानुमान नहीं दिया गया है। इसलिए क्षेत्र के लिए अभी दिशा स्पष्ट है, सटीक आंकड़ा नहीं: किफायती फोन पर दबाव जारी रहने की संभावना है, प्रीमियम ब्रांड अपेक्षाकृत टिकाऊ रह सकते हैं और मजबूत आपूर्ति, वितरण तथा कीमत तय करने की क्षमता वाली कंपनियां कम लागत वाले फोन पर केंद्रित प्रतिद्वंद्वियों से आगे निकल सकती हैं।