मई 2026 में उज़्बेकिस्तान के नेशनल इन्वेस्टमेंट फंड (UzNIF) ने लगभग $603–$604 मिलियन जुटाकर देश का पहला अंतरराष्ट्रीय IPO पूरा किया, जिससे फंड की वैल्यूएशन लगभग $1.95 बिलियन आंकी गई। यह डुअल‑लिस्टिंग लंदन स्टॉक एक्सचेंज और ताशकंद स्टॉक एक्सचेंज पर हुई, जिसमें करीब 30–31% हिस्सेदारी बेची गई और वैश्विक मांग $2.8 बिलिय...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What happened in Uzbekistan’s first-ever global equity offering, including how much the National Investment Fund of Uzbekistan raised and at. Article summary: Uzbekistan’s National Investment Fund (UzNIF) completed the country’s first-ever global equity offering, raising about $604 million at a valuation of roughly $1.95 billion through a dual listing in London and Tashkent. T. Topic tags: general, general web. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "UzNIF’s IPO on the London Stock Exchange LSEG 354000 subscribers 68 likes 2301 views 18 May 2026 On 18 May, the National Investment Fund of the Republic of Uzbekistan (UzNIF) is ce" source context "UzNIF’s IPO on the London Stock Exchange" Reference image 2: visual subject "Uzbekistan's National Investment Fund, referred to as U
मई 2026 में उज़्बेकिस्तान ने अपने आर्थिक सुधारों की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जब नेशनल इन्वेस्टमेंट फंड ऑफ उज़्बेकिस्तान (UzNIF) ने देश का पहला वैश्विक इक्विटी ऑफर (IPO) पूरा किया। लंदन स्टॉक एक्सचेंज (LSE) और ताशकंद स्टॉक एक्सचेंज (TSE) पर हुई इस डुअल‑लिस्टिंग से लगभग $603–$604 मिलियन जुटाए गए और फंड की कुल वैल्यूएशन लगभग $1.95 बिलियन आंकी गई।
यह पहली बार था जब उज़्बेकिस्तान की राज्य‑समर्थित संपत्तियों को सीधे अंतरराष्ट्रीय इक्विटी निवेशकों के सामने पेश किया गया। विश्लेषकों के अनुसार, यह देश के पूंजी बाज़ारों के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है और 2026 में लंदन स्टॉक एक्सचेंज की प्रमुख अंतरराष्ट्रीय लिस्टिंग में से एक माना गया।
UzNIF ने शेयर और ग्लोबल डिपॉज़िटरी रिसीट्स (GDRs) बेचकर लगभग $603.6 मिलियन जुटाए। ऑफर प्राइस के आधार पर फंड की मार्केट वैल्यू लगभग $1.95 बिलियन रही।
मुख्य तथ्य:
ताशकंद में 18 मई को सुबह 10 बजे ट्रेडिंग शुरू हुई। पहले 90 मिनट में शेयर लगभग 6 सोम तक पहुंच गया, जो खुदरा ऑफर प्राइस से करीब 37% अधिक था—यह घरेलू निवेशकों की मजबूत शुरुआती मांग को दर्शाता है।
IPO को वैश्विक निवेशकों से मजबूत प्रतिक्रिया मिली। कुल मांग $2.8 बिलियन से अधिक बताई गई, जो उपलब्ध शेयरों से चार गुना ज्यादा थी।
इसमें कई बड़े अंतरराष्ट्रीय एसेट मैनेजर ‘कॉर्नरस्टोन निवेशक’ के रूप में शामिल हुए, जिनमें शामिल हैं:
इन निवेशकों ने मिलकर लगभग $300 मिलियन का निवेश करने की प्रतिबद्धता दी।
UzNIF एक राज्य निवेश फंड के रूप में बनाया गया है, जिसके पास उज़्बेकिस्तान की 13 बड़ी कंपनियों में अल्पसंख्यक हिस्सेदारी है।
ये कंपनियां अर्थव्यवस्था के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों से आती हैं, जैसे:
पोर्टफोलियो से जुड़ी प्रमुख कंपनियों में Uzbekistan Airways, Uzbektelecom, और ऊर्जा कंपनी Uzbekhydroenergo शामिल हैं।
इन हिस्सेदारियों को एक ही फंड में समेटकर उज़्बेकिस्तान ने ऐसा निवेश माध्यम बनाया है जिससे अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को देश की अर्थव्यवस्था के कई प्रमुख क्षेत्रों में एक साथ एक्सपोज़र मिल सकता है।
इस ऑफर को दो हिस्सों में विभाजित किया गया था ताकि स्थानीय और विदेशी दोनों तरह के निवेशकों को शामिल किया जा सके।
ऑफर प्राइस लगभग $25 प्रति GDR तय किया गया, जहां एक GDR = 64,700 साधारण शेयर के बराबर था।
कुल मिलाकर इस सौदे में फंड की करीब 30–31% हिस्सेदारी बेची गई।
ध्यान देने वाली बात यह है कि UzNIF को खुद इस IPO से पैसा नहीं मिला। शेयर उज़्बेकिस्तान के अर्थव्यवस्था और वित्त मंत्रालय ने बेचे थे, जो IPO से पहले फंड का एकमात्र शेयरधारक था।
यह लिस्टिंग कई कारणों से ऐतिहासिक मानी जा रही है:
पहला, यह उज़्बेकिस्तान का पहला अंतरराष्ट्रीय इक्विटी ऑफर था, जिससे वैश्विक निवेशकों को पहली बार देश की राज्य‑समर्थित कंपनियों में सार्वजनिक बाज़ार के माध्यम से निवेश का मौका मिला।
दूसरा, डुअल‑लिस्टिंग देश की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसमें वह विदेशी निवेश आकर्षित करने और पूंजी बाज़ार खोलने की कोशिश कर रहा है।
तीसरा, इस फंड के जरिए विमानन, दूरसंचार, ऊर्जा और वित्त जैसे प्रमुख उद्योगों को एक साथ एक निवेश प्लेटफॉर्म में लाया गया—जो अंतरराष्ट्रीय पोर्टफोलियो निवेशकों के लिए उज़्बेक अर्थव्यवस्था का प्रवेश‑द्वार बन सकता है।
लंदन स्टॉक एक्सचेंज के लिए भी यह सौदा महत्वपूर्ण रहा, क्योंकि इसे 2026 के सबसे बड़े नए अंतरराष्ट्रीय IPO में से एक माना गया।
UzNIF की स्थापना का उद्देश्य राज्य के स्वामित्व वाली कंपनियों में हिस्सेदारी को एक ही फंड में संगठित करना और उनके प्रबंधन व पारदर्शिता को बेहतर बनाना है, ताकि उज़्बेकिस्तान अपनी अर्थव्यवस्था को आधुनिक बना सके और विदेशी निवेश बढ़ा सके।
IPO की सफलता—जिसमें मांग कई गुना अधिक रही—यह संकेत देती है कि वैश्विक निवेशक देश के सुधार कार्यक्रमों पर भरोसा दिखा रहे हैं। यदि आने वाले वर्षों में और निजीकरण या पूंजी बाज़ार सुधार होते हैं, तो संभव है कि UzNIF का यह IPO उज़्बेकिस्तान के वैश्विक वित्तीय बाज़ारों में प्रवेश का निर्णायक क्षण माना जाए।
Studio Global AI
Use this topic as a starting point for a fresh source-backed answer, then compare citations before you share it.
मई 2026 में उज़्बेकिस्तान के नेशनल इन्वेस्टमेंट फंड (UzNIF) ने लगभग $603–$604 मिलियन जुटाकर देश का पहला अंतरराष्ट्रीय IPO पूरा किया, जिससे फंड की वैल्यूएशन लगभग $1.95 बिलियन आंकी गई।
मई 2026 में उज़्बेकिस्तान के नेशनल इन्वेस्टमेंट फंड (UzNIF) ने लगभग $603–$604 मिलियन जुटाकर देश का पहला अंतरराष्ट्रीय IPO पूरा किया, जिससे फंड की वैल्यूएशन लगभग $1.95 बिलियन आंकी गई। यह डुअल‑लिस्टिंग लंदन स्टॉक एक्सचेंज और ताशकंद स्टॉक एक्सचेंज पर हुई, जिसमें करीब 30–31% हिस्सेदारी बेची गई और वैश्विक मांग $2.8 बिलियन से अधिक रही।
फंड के पास ऊर्जा, दूरसंचार, बैंकिंग और परिवहन जैसे क्षेत्रों की 13 प्रमुख उज़्बेक कंपनियों में हिस्सेदारी है, जिससे निवेशकों को देश की अर्थव्यवस्था में विविध एक्सपोज़र मिलता है।