रूसी अधिकारियों ने कहा कि कुछ औद्योगिक इमारतों को नुकसान हुआ, लेकिन उत्पादन या संचालन पर पड़े वास्तविक असर के बारे में पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई ।
दूसरा बड़ा लक्ष्य क्रास्नोडार क्राय का येय्स्क एयरबेस था। यह एयरफील्ड रूसी नौसैनिक विमानन (Naval Aviation) के प्रशिक्षण और संचालन से जुड़ा माना जाता है।
यूक्रेन की Unmanned Systems Forces ने दावा किया कि हमले में एयरबेस के कई लक्ष्य प्रभावित हुए, जिनमें Be‑200 Altair उभयचर विमान और एक Ka‑27 हेलीकॉप्टर शामिल थे ।
बाद में जारी सैटेलाइट तस्वीरों के विश्लेषण से संकेत मिला कि एयरबेस के एप्रन क्षेत्र में खड़ा Be‑200PS विमान पूरी तरह नष्ट हो गया ।
Be‑200 एक अपेक्षाकृत दुर्लभ जेट विमान है जो पानी और जमीन दोनों से उड़ान भर सकता है। इसे मुख्य रूप से आग बुझाने वाले विमान के रूप में जाना जाता है, लेकिन इसका इस्तेमाल समुद्री गश्त और खोज‑बचाव अभियानों में भी किया जाता है। रूस के पास ऐसे विमानों की संख्या सीमित बताई जाती है, इसलिए एक विमान का नुकसान भी तुलनात्मक रूप से बड़ा माना जा सकता है ।
ये घटनाएँ अकेली नहीं थीं। यूक्रेन की Unmanned Systems Forces के अनुसार उसी अवधि में रूस के 23 सैन्य लक्ष्यों पर दर्जनों हमले किए गए ।
हमले जिन क्षेत्रों में बताए गए, उनमें शामिल थे:
रिपोर्ट किए गए लक्ष्यों में शामिल थे:
इन अभियानों को विशेष यूक्रेनी ड्रोन इकाइयों द्वारा संचालित बताया गया, जिनका उद्देश्य युद्धक्षेत्र से बहुत दूर स्थित लक्ष्यों पर हमला करना है।
मई के ये हमले उस व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं जो 2026 के दौरान अधिक स्पष्ट होती जा रही है। यूक्रेन के अधिकारियों के अनुसार, उनकी ड्रोन इकाइयों ने इस वर्ष की शुरुआत से ही रूस और कब्ज़े वाले क्षेत्रों में सैकड़ों सैन्य और ऊर्जा ढाँचों को निशाना बनाया है ।
इनमें शामिल रहे लक्ष्य:
रणनीति का उद्देश्य रूस को अपने विशाल क्षेत्र में एयर‑डिफेंस फैलाने के लिए मजबूर करना और सैन्य‑औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव बढ़ाना बताया जाता है।
इन घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि रूस‑यूक्रेन युद्ध अब लंबी दूरी के ड्रोन युद्ध में बदल चुका है।
रूस लगातार यूक्रेन के शहरों और ऊर्जा ढांचे पर मिसाइल व ड्रोन हमले करता रहा है, जबकि यूक्रेन अब घरेलू तकनीक से विकसित लंबी दूरी के ड्रोन का इस्तेमाल करके रूस के अंदर सैन्य और औद्योगिक लक्ष्यों को निशाना बना रहा है।
फिर भी युद्धकालीन जानकारी में अनिश्चितता बनी रहती है। कई दावे सैन्य बयानों, स्थानीय वीडियो या ओपन‑सोर्स सैटेलाइट विश्लेषण पर आधारित होते हैं। इसके बावजूद उपलब्ध साक्ष्य संकेत देते हैं कि यूक्रेन की डीप‑स्ट्राइक ड्रोन रणनीति इस युद्ध का लगातार बढ़ता हुआ हिस्सा बनती जा रही है।
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