15–18 मई 2026 के बीच तीन अलग‑अलग DeFi एक्सप्लॉइट हुए: THORChain ( $10.7M), Verus–Ethereum Bridge ( $11.6M) और Echo Protocol (1,000 eBTC mint, लेकिन वास्तविक नुकसान लगभग $816K)। तीनों हमले अलग‑अलग तकनीकी कमजोरियों से जुड़े थे—वैलिडेटर सिग्नेचर सिस्टम, क्रॉस‑चेन ब्रिज वैलिडेशन और एडमिन प्राइवेट‑की कंट्रोल। नेटवर्क रोक...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What happened in the three DeFi exploits between May 15 and May 18, 2026 involving Echo Protocol, the Verus-Ethereum Bridge, and THORChain,. Article summary: Across May 15–18, 2026, the three incidents were not one coordinated hack but a cluster of failures in critical DeFi infrastructure: THORChain’s signing/vault layer, Verus’s bridge validation logic, and Echo Protocol’s a. Topic tags: general, general web, user generated. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "Hillcrest Tennis Camp Opens 2026 Registration for Junior and Adult Programs in North York" source context "Crypto Hacks Shock THORChain, Verus & Echo | MEXC News" Reference image 2: visual subject "Best Music AI Websites For Songs And Soundtracks" source context "Crypto Hacks Shock THORChain, Verus & Echo | MEXC N
मई 15 से 18, 2026 के बीच क्रिप्टो के विकेंद्रीकृत वित्त (DeFi) इकोसिस्टम में लगातार तीन बड़े सुरक्षा हमले सामने आए—THORChain, Verus–Ethereum ब्रिज, और Echo Protocol।
ये घटनाएँ आपस में जुड़ी हुई नहीं थीं, लेकिन हर एक ने DeFi इंफ्रास्ट्रक्चर की अलग‑अलग परत में कमजोरी उजागर की। कहीं वैलिडेटर सिग्नेचर सिस्टम निशाना बना, कहीं क्रॉस‑चेन ट्रांसफर की वैलिडेशन, और कहीं एडमिन प्राइवेट‑की पर अत्यधिक निर्भरता।
इन तीन घटनाओं में कुल मिलाकर लगभग $22 मिलियन का वास्तविक नुकसान हुआ, जबकि Echo Protocol में एक समय पर $76 मिलियन से अधिक का सिंथेटिक एक्सपोज़र दिखाई दिया था, जिसे बाद में काफी हद तक निष्क्रिय कर दिया गया।
अनुमानित नुकसान: लगभग $10.7M–$10.8M।
क्रॉस‑चेन एसेट स्वैपिंग के लिए इस्तेमाल होने वाला DeFi प्रोटोकॉल THORChain अचानक चर्चा में आ गया जब नेटवर्क ने संदिग्ध आउटफ्लो का पता लगने के बाद ट्रेडिंग और साइनिंग ऑपरेशन्स रोक दिए। जांच में पता चला कि इसके Asgard vault में से एक से लगभग $10.7–$10.8 मिलियन के एसेट कई ब्लॉकचेन—Bitcoin, Ethereum, BNB Chain और Base—से निकाले गए।
हमले का मुख्य कारण प्रोटोकॉल की GG20 threshold signature scheme (TSS) में संभावित कमजोरी माना गया। सुरक्षा शोधकर्ताओं का मानना है कि किसी कम्प्रोमाइज्ड या दुर्भावनापूर्ण वैलिडेटर नोड ने मल्टी‑पार्टी सिग्नेचर प्रक्रिया में खामी का फायदा उठाकर वॉल्ट की साइनिंग अथॉरिटी को पुनर्निर्मित कर लिया।
महत्वपूर्ण बात यह रही कि रिपोर्टों के अनुसार यूज़र फंड या लिक्विडिटी प्रोवाइडर की जमा राशि प्रभावित नहीं हुई, नुकसान मुख्य रूप से प्रोटोकॉल‑स्वामित्व वाले एसेट तक सीमित रहा।
प्रोटोकॉल की प्रतिक्रिया
इस घटना ने MPC और TSS वॉलेट सिस्टम की सुरक्षा पर नई बहस शुरू कर दी।
अनुमानित नुकसान: लगभग $11.58M।
तीन दिन बाद, हमलावरों ने Verus–Ethereum क्रॉस‑चेन ब्रिज को निशाना बनाया और करीब $11.5–$11.6 मिलियन के एसेट निकाल लिए। चोरी किए गए फंड में 103.6 tBTC, 1,625 ETH और लगभग 147,000 USDC शामिल थे, जिन्हें बाद में ETH में बदलकर एक वॉलेट में जमा कर दिया गया।
सुरक्षा विश्लेषण के अनुसार हमले में एक नकली क्रॉस‑चेन ट्रांसफर मैसेज का इस्तेमाल किया गया जिसे ब्रिज सिस्टम ने गलती से वैध मान लिया।
समस्या का मूल कारण ब्रिज के दोनों पक्षों के बीच वैलिडेशन गैप था। Verus चेन और Ethereum कॉन्ट्रैक्ट दोनों कुछ जाँच कर रहे थे, लेकिन किसी ने भी यह सुनिश्चित नहीं किया कि स्रोत चेन पर लॉक की गई राशि और गंतव्य चेन पर जारी की गई राशि वास्तव में मेल खाती है या नहीं।
इस खामी का फायदा उठाकर हमलावर ने लगभग बिना वास्तविक जमा किए ही ब्रिज से एसेट निकलवा लिए।
प्रोटोकॉल की प्रतिक्रिया
यह हमला पहले हुए Wormhole और Nomad ब्रिज हैक्स की तरह ही था, जिसने फिर से दिखाया कि क्रॉस‑चेन ब्रिज DeFi का सबसे जोखिम भरा हिस्सा बने हुए हैं।
हेडलाइन्स में दिखा एक्सपोज़र: लगभग $76.6M–$76.7M मूल्य के eBTC।
वास्तविक अनुमानित नुकसान: लगभग $816,000।
Echo Protocol, जो Bitcoin‑केंद्रित DeFi प्लेटफॉर्म है और Monad ब्लॉकचेन पर तैनात है, तब प्रभावित हुआ जब एक हमलावर ने इसके एडमिन प्राइवेट‑की पर नियंत्रण हासिल कर लिया।
इस एक्सेस के साथ हमलावर ने लगभग 1,000 अनधिकृत eBTC मिंट कर लिए—जो बाजार कीमत पर करीब $76–$77 मिलियन के बराबर थे।
लेकिन वास्तविक चोरी इतनी बड़ी नहीं हुई, क्योंकि प्लेटफॉर्म में पर्याप्त लिक्विडिटी नहीं थी।
ऑन‑चेन विश्लेषण के अनुसार हमलावर ने:
बाद में Echo Protocol ने हमलावर के पास मौजूद 955 eBTC को बर्न कर दिया, जिससे अधिकांश सिंथेटिक सप्लाई समाप्त हो गई।
प्रोटोकॉल की प्रतिक्रिया
यह घटना दिखाती है कि यदि किसी प्रोटोकॉल में सिंगल एडमिन‑की या कमजोर एक्सेस कंट्रोल हो, तो पूरा सिस्टम जोखिम में आ सकता है।
तीनों घटनाएँ मिलकर DeFi सुरक्षा की कई कमजोरियों की ओर इशारा करती हैं।
Verus हमला यह दिखाता है कि अगर ब्रिज सही तरीके से यह सत्यापित नहीं करता कि स्रोत चेन पर वास्तव में फंड लॉक हुए थे या नहीं, तो हमलावर नकली ट्रांसफर प्रूफ बनाकर रिज़र्व खाली कर सकते हैं।
THORChain जैसे प्रोटोकॉल में threshold signatures और MPC का उपयोग एकल प्राइवेट‑की जोखिम को कम करने के लिए किया जाता है। लेकिन यदि वैलिडेटर व्यवहार या सिग्नेचर सिस्टम में कमजोरी हो, तो हमलावर फिर भी साइनिंग लेयर को समझौता कर सकते हैं।
Echo Protocol घटना ने दिखाया कि किसी भी प्रोटोकॉल में अगर विशेषाधिकार प्राप्त एडमिन‑की बहुत शक्तिशाली है, तो उसके कम्प्रोमाइज होते ही करोड़ों डॉलर के टोकन तुरंत बनाए जा सकते हैं।
तीनों घटनाओं में नुकसान को सीमित करने के लिए तत्काल कदम उठाए गए:
इन कदमों ने बड़े नुकसान को रोका, लेकिन यह भी दिखाया कि कई DeFi सिस्टम अभी भी संकट के समय केंद्रीकृत आपातकालीन नियंत्रण पर निर्भर रहते हैं।
मई 2026 की यह घटनाएँ दिखाती हैं कि DeFi सुरक्षा अब सिर्फ स्मार्ट‑कॉन्ट्रैक्ट बग का सवाल नहीं रही। सबसे खतरनाक कमजोरियाँ अब अक्सर ऑपरेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर में दिखाई देती हैं, जैसे:
जैसे‑जैसे DeFi कई ब्लॉकचेन और प्रोटोकॉल में फैल रहा है, भविष्य के बड़े हमले संभवतः इन्हीं इंफ्रास्ट्रक्चर लेयरों पर केंद्रित होंगे—सिर्फ स्मार्ट‑कॉन्ट्रैक्ट कोड पर नहीं।
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15–18 मई 2026 के बीच तीन अलग‑अलग DeFi एक्सप्लॉइट हुए: THORChain ( $10.7M), Verus–Ethereum Bridge ( $11.6M) और Echo Protocol (1,000 eBTC mint, लेकिन वास्तविक नुकसान लगभग $816K)।
15–18 मई 2026 के बीच तीन अलग‑अलग DeFi एक्सप्लॉइट हुए: THORChain ( $10.7M), Verus–Ethereum Bridge ( $11.6M) और Echo Protocol (1,000 eBTC mint, लेकिन वास्तविक नुकसान लगभग $816K)। तीनों हमले अलग‑अलग तकनीकी कमजोरियों से जुड़े थे—वैलिडेटर सिग्नेचर सिस्टम, क्रॉस‑चेन ब्रिज वैलिडेशन और एडमिन प्राइवेट‑की कंट्रोल।
नेटवर्क रोकना, मार्केट पॉज़ करना और टोकन बर्न जैसे कदमों ने बड़े नुकसान को रोका, लेकिन घटनाओं ने DeFi इंफ्रास्ट्रक्चर की गहरी सुरक्षा चुनौतियाँ उजागर कीं।