जैसे ही असामान्य गतिविधि का पता चला, THORChain ने trading और signing operations अस्थायी रूप से रोक दिए ताकि आगे के नुकसान को रोका जा सके।
हमले की तकनीकी वजह THORChain के GG20 Threshold Signature Scheme (TSS) से जुड़ी बताई जा रही है। यह एक क्रिप्टोग्राफिक तरीका है जो multi‑party computation (MPC) wallets में इस्तेमाल होता है।
सामान्य वॉलेट के विपरीत, इसमें पूरा private key एक जगह नहीं रखा जाता। इसकी जगह key को कई हिस्सों में बांट दिया जाता है और कई validator nodes मिलकर किसी ट्रांजैक्शन पर सिग्नेचर करते हैं।
जांचकर्ताओं का अनुमान है कि हमलावर ने इसी सिस्टम के implementation में मौजूद कमजोरी का फायदा उठाया। रिपोर्टों के अनुसार यह हमला संभवतः हाल ही में जोड़े गए एक validator node से जुड़ा हो सकता है। हमलावर धीरे‑धीरे vault के key‑share डेटा को लीक या पुनर्निर्मित करने में सफल हुआ, जिससे वह अंततः वैध सिग्नेचर बना सका।
जब पर्याप्त key जानकारी इकट्ठी हो गई, तो हमलावर ने vault से फंड ट्रांसफर ऐसे किए जैसे वे सामान्य और अधिकृत ट्रांजैक्शन हों।
हालांकि THORChain के ऑटोमेटेड मॉनिटरिंग सिस्टम ने बाद में इस असामान्य गतिविधि को पहचान लिया और signing प्रक्रिया रोक दी, जिससे नुकसान सीमित रह गया।
इस घटना का सबसे भ्रमित करने वाला हिस्सा यूज़र मुआवज़े (compensation) को लेकर आई अलग‑अलग रिपोर्टें थीं।
कुछ क्रिप्टो‑न्यूज़ रिपोर्ट्स के अनुसार THORChain ने 16 मई को एक self‑custodial recovery portal लॉन्च किया, जिसे लगभग $10 मिलियन के treasury फंड से सपोर्ट किया गया था। इसके जरिए प्रभावित यूज़र:
इन रिपोर्टों में कहा गया कि पोर्टल 21 दिनों तक खुला रहेगा और 4 जून को क्लेम विंडो बंद होगी, जबकि लगभग 12,847 वॉलेट्स को पात्र बताया गया।
लेकिन दूसरी तरफ कुछ रिपोर्टों में THORChain डेवलपर्स के बयान का हवाला देते हुए कहा गया कि ऐसा कोई आधिकारिक compensation program नहीं चल रहा और इंटरनेट पर फैल रही जानकारी भ्रामक हो सकती है।
इसी कारण यूज़र्स को सलाह दी गई कि किसी भी रिफंड या क्लेम लिंक पर भरोसा करने से पहले उसे THORChain के आधिकारिक चैनलों से सत्यापित करें।
घटना के तुरंत बाद THORChain ने सार्वजनिक रूप से चेतावनी जारी की कि हैक के बाद स्कैमर्स सक्रिय हो गए हैं।
कई फर्जी अकाउंट्स कथित तौर पर इन चीजों का प्रचार कर रहे थे:
यूज़र्स से कहा गया कि वे अनजान लिंक पर क्लिक न करें और किसी भी वेबसाइट से वॉलेट कनेक्ट करने से पहले उसकी पुष्टि करें।
हैक की खबर का असर तुरंत मार्केट में दिखा।
THORChain के native token RUNE की कीमत लगभग 11%–12% तक गिर गई और कुछ समय के लिए लगभग $0.51 तक ट्रेड करने लगी।
यह गिरावट निवेशकों की इन चिंताओं को दर्शाती है:
THORChain की घटना DeFi सेक्टर के एक बड़े जोखिम को उजागर करती है: क्रॉस‑चेन इंफ्रास्ट्रक्चर में क्रिप्टोग्राफिक सिग्नेचर सिस्टम पर अत्यधिक निर्भरता।
THORChain जैसे प्रोटोकॉल कई ब्लॉकचेन के बीच एसेट्स संभालने के लिए MPC और threshold signatures पर निर्भर करते हैं। यदि इन सिस्टम में कोई कमजोरी निकलती है या validator nodes दुर्भावनापूर्ण व्यवहार करते हैं, तो कई नेटवर्क की संपत्तियाँ एक साथ जोखिम में पड़ सकती हैं।
यह घटना यह भी दिखाती है कि बड़े DeFi हैक के बाद फर्जी रिकवरी वेबसाइट और स्कैम कैंपेन भी हमले का हिस्सा बन जाते हैं, जो पीड़ित यूज़र्स को दोबारा नुकसान पहुँचा सकते हैं।
इस एक्सप्लॉइट की जांच अभी जारी है। सुरक्षा शोधकर्ता और ब्लॉकचेन एनालिटिक्स फर्म हमलावर के वॉलेट और ट्रांजैक्शन को ट्रैक कर रहे हैं ताकि चोरी हुए फंड्स का पता लगाया जा सके। कुछ रिपोर्टों में संकेत मिला है कि हमले से जुड़े वॉलेट्स को हमले से कई सप्ताह पहले फंड किया गया था, जिससे लगता है कि यह हमला पहले से योजना बनाकर किया गया था।
THORChain डेवलपर्स अब अपनी क्रिप्टोग्राफिक इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार के विकल्पों का मूल्यांकन कर रहे हैं, जिसमें threshold signature सिस्टम को अपग्रेड या बदलना भी शामिल हो सकता है।
पूरी तकनीकी पोस्ट‑मॉर्टम रिपोर्ट आने तक यह घटना DeFi उद्योग के लिए एक अहम याद दिलाती है—कि उन्नत क्रॉस‑चेन प्रोटोकॉल भी गंभीर सुरक्षा जोखिमों से मुक्त नहीं हैं, और किसी भी हैक के बाद स्पष्ट और पारदर्शी संचार उतना ही महत्वपूर्ण होता है जितना तकनीकी समाधान।
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