यह मैच 73 मिनट तक बहुत तंग और बिना किसी गोल के चला। स्विट्जरलैंड के पास गेंद पर अधिक कब्ज़ा था, लेकिन वह बोस्निया की मजबूत रक्षा पंक्ति को भेदने में नाकामयाब रही । सफलता का दरवाज़ा एक अप्रत्याशित स्रोत से खुला।
74' — मैनज़ाम्बी (1-0): सब्स्टीट्यूट जोहान मैनज़ाम्बी ने अपना पहला विश्व कप गोल एक शानदार वॉली से किया। उन्होंने पेनाल्टी एरिया के ठीक अंदर से गेंद को बोस्नियाई गोलकीपर के हाथों से दूर घुमाते हुए जाल में डाल दिया । जिनेवा में जन्मे 20 वर्षीय यह खिलाड़ी जर्मन क्लब फ्रीबर्ग के लिए खेलता है और इसने वह कमाल दिखाया जो मैच में अब तक गायब था ।
80' — रेड कार्ड (मुहारेमोविच): मैच का रुख तब पूरी तरह बदल गया जब बोस्नियाई डिफेंडर तारिक मुहारेमोविच को ब्रील एम्बोलो पर लापरवाही से स्लाइड टैकल करने के लिए सीधा रेड कार्ड मिल गया। यह टैकल पेनाल्टी एरिया के ठीक बाहर हुआ। मुहारेमोविच ने गेंद के बजाय एम्बोलो के टखने पर टैकल किया। रेफरी ने इसे स्पष्ट गोल करने के अवसर को रोकना माना, क्योंकि मुहारेमोविच आखिरी डिफेंडर था । अब बोस्निया 10 खिलाड़ियों के साथ थी और 1-0 से पिछड़ रही थी ।
84' — वर्गास (2-0): रूबेन वर्गास, जो स्विट्जरलैंड के एक और सब्स्टीट्यूट थे, ने रेड कार्ड के सिर्फ चार मिनट बाद गोल कर दिया। उन्होंने बोस्निया की फैली हुई रक्षापंक्ति को सजा देते हुए बॉक्स के पार से आए पास को शांतिपूर्वक गोल में बदल दिया ।
90'+3 — महमिक (2-1): बोस्निया ने एरमिन महमिक के माध्यम से एक गोल वापस किया और 10 खिलाड़ियों के साथ खेल रही टीम को देर से एक उम्मीद की किरण मिली ।
90' — मैनज़ाम्बी (3-1): मैनज़ाम्बी ने उसी रात अपना दूसरा गोल करके स्विट्जरलैंड की बढ़त को दो गोल कर दिया। उन्होंने वर्गास से पास लेकर गोल किया ।
90'+7 — ज़ाका (4-1 पेन): ग्रेनिट ज़ाका ने स्टॉपेज टाइम में पेनाल्टी को गोल में बदलकर जीत पर मुहर लगा दी। यह 2026 विश्व कप में उनका पहला गोल था ।
यह मैच पूरी तरह से स्विट्जरलैंड की बेंच की ताकत के कारण पलटा। जोहान मैनज़ाम्बी (दो गोल और एक असिस्ट) और रूबेन वर्गास (एक गोल) दोनों सब्स्टीट्यूट के रूप में आए और उन्होंने मिलकर तीन गोल और एक महत्वपूर्ण पास दिया । मैनज़ाम्बी ने ही वह नाजुक पास भी दिया जिसने एम्बोलो को गोल की ओर भेजा और रेड कार्ड खिंचवाया । यह एक उल्लेखनीय आँकड़ा है कि मैच के सभी पाँच गोल सब्स्टीट्यूट्स ने किए ।
| स्थान | टीम | खेले | जीत | ड्रा | हार | GF | GA | GD | अंक |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | कनाडा | 2 | 1 | 1 | 0 | 7 | 1 | +6 | 4 |
| 2 | स्विट्जरलैंड | 2 | 1 | 1 | 0 | 5 | 2 | +3 | 4 |
| 3 | बोस्निया और हर्जेगोविना | 2 | 0 | 1 | 1 | 2 | 5 | –3 | 1 |
| 4 | कतर | 2 | 0 | 1 | 1 | 1 | 7 | –6 | 1 |
स्विट्जरलैंड चार अंकों के साथ ग्रुप में दूसरे स्थान पर है (कनाडा के बराबर अंक लेकिन गोल अंतर पर पीछे) और अंतिम मैचदिवस से पहले नॉकआउट दौर में पहुँचने की अच्छी स्थिति में है । बोस्निया की नॉकआउट की उम्मीदों को बहुत धक्का लगा है — उन्हें अपना अंतिम ग्रुप गेम जीतना होगा और दूसरे परिणामों का इंतज़ार करना होगा । उसी दिन कनाडा ने कतर को 6-0 से हराकर सह-मेज़बान को गोल अंतर पर शीर्ष पर पहुँचा दिया ।
यह मैच 73 मिनट तक बहुत तंग और बिना किसी गोल के चला। स्विट्जरलैंड के पास गेंद पर अधिक कब्ज़ा था, लेकिन वह बोस्निया की मजबूत रक्षा पंक्ति को भेदने में नाकामयाब रही । सफलता का दरवाज़ा एक अप्रत्याशित स्रोत से खुला।
74' — मैनज़ाम्बी (1-0): सब्स्टीट्यूट जोहान मैनज़ाम्बी ने अपना पहला विश्व कप गोल एक शानदार वॉली से किया। उन्होंने पेनाल्टी एरिया के ठीक अंदर से गेंद को बोस्नियाई गोलकीपर के हाथों से दूर घुमाते हुए जाल में डाल दिया । जिनेवा में जन्मे 20 वर्षीय यह खिलाड़ी जर्मन क्लब फ्रीबर्ग के लिए खेलता है और इसने वह कमाल दिखाया जो मैच में अब तक गायब था ।
80' — रेड कार्ड (मुहारेमोविच): मैच का रुख तब पूरी तरह बदल गया जब बोस्नियाई डिफेंडर तारिक मुहारेमोविच को ब्रील एम्बोलो पर लापरवाही से स्लाइड टैकल करने के लिए सीधा रेड कार्ड मिल गया। यह टैकल पेनाल्टी एरिया के ठीक बाहर हुआ। मुहारेमोविच ने गेंद के बजाय एम्बोलो के टखने पर टैकल किया। रेफरी ने इसे स्पष्ट गोल करने के अवसर को रोकना माना, क्योंकि मुहारेमोविच आखिरी डिफेंडर था । अब बोस्निया 10 खिलाड़ियों के साथ थी और 1-0 से पिछड़ रही थी ।
84' — वर्गास (2-0): रूबेन वर्गास, जो स्विट्जरलैंड के एक और सब्स्टीट्यूट थे, ने रेड कार्ड के सिर्फ चार मिनट बाद गोल कर दिया। उन्होंने बोस्निया की फैली हुई रक्षापंक्ति को सजा देते हुए बॉक्स के पार से आए पास को शांतिपूर्वक गोल में बदल दिया ।
90'+3 — महमिक (2-1): बोस्निया ने एरमिन महमिक के माध्यम से एक गोल वापस किया और 10 खिलाड़ियों के साथ खेल रही टीम को देर से एक उम्मीद की किरण मिली ।
90' — मैनज़ाम्बी (3-1): मैनज़ाम्बी ने उसी रात अपना दूसरा गोल करके स्विट्जरलैंड की बढ़त को दो गोल कर दिया। उन्होंने वर्गास से पास लेकर गोल किया ।
90'+7 — ज़ाका (4-1 पेन): ग्रेनिट ज़ाका ने स्टॉपेज टाइम में पेनाल्टी को गोल में बदलकर जीत पर मुहर लगा दी। यह 2026 विश्व कप में उनका पहला गोल था ।
यह मैच पूरी तरह से स्विट्जरलैंड की बेंच की ताकत के कारण पलटा। जोहान मैनज़ाम्बी (दो गोल और एक असिस्ट) और रूबेन वर्गास (एक गोल) दोनों सब्स्टीट्यूट के रूप में आए और उन्होंने मिलकर तीन गोल और एक महत्वपूर्ण पास दिया । मैनज़ाम्बी ने ही वह नाजुक पास भी दिया जिसने एम्बोलो को गोल की ओर भेजा और रेड कार्ड खिंचवाया । यह एक उल्लेखनीय आँकड़ा है कि मैच के सभी पाँच गोल सब्स्टीट्यूट्स ने किए ।
| स्थान | टीम | खेले | जीत | ड्रा | हार | GF | GA | GD | अंक |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | कनाडा | 2 | 1 | 1 | 0 | 7 | 1 | +6 | 4 |
| 2 | स्विट्जरलैंड | 2 | 1 | 1 | 0 | 5 | 2 | +3 | 4 |
| 3 | बोस्निया और हर्जेगोविना | 2 | 0 | 1 | 1 | 2 | 5 | –3 | 1 |
| 4 | कतर | 2 | 0 | 1 | 1 | 1 | 7 | –6 | 1 |
स्विट्जरलैंड चार अंकों के साथ ग्रुप में दूसरे स्थान पर है (कनाडा के बराबर अंक लेकिन गोल अंतर पर पीछे) और अंतिम मैचदिवस से पहले नॉकआउट दौर में पहुँचने की अच्छी स्थिति में है । बोस्निया की नॉकआउट की उम्मीदों को बहुत धक्का लगा है — उन्हें अपना अंतिम ग्रुप गेम जीतना होगा और दूसरे परिणामों का इंतज़ार करना होगा । उसी दिन कनाडा ने कतर को 6-0 से हराकर सह-मेज़बान को गोल अंतर पर शीर्ष पर पहुँचा दिया ।