यूक्रेन और रूस ने बताया कि 1 और 2 नवंबर 2026 की रात उनके आपातकालीन अलर्ट ऐप पर साइबर हमले हुए। यूक्रेन में लोगों को रेडिएशन, रासायनिक खतरे और सड़क पर लड़ाई से जुड़ी झूठी चेतावनियां मिलीं। कुछ घंटे बाद रूस ने अपने ऐप पर भी गलत संदेश भेजे जाने की जानकारी दी। घटनाओं का समय रिपोर्ट किया गया है, लेकिन उपलब्ध खबरें यह साबित नहीं करतीं कि दोनों हमले आपस में जुड़े थे। यह दावा भी पुष्ट नहीं है कि यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने जवाबी हैक की पुष्टि की थी।
2
8
29
यूक्रेन के ऐप में क्या हुआ?
यूक्रेन के सार्वजनिक हवाई हमले के अलर्ट ऐप से 1 नवंबर को स्थानीय समय के अनुसार रात 11 बजे से कुछ पहले गलत सूचनाएं आने लगीं। रॉयटर्स के मुताबिक, कीव समेत कई इलाकों के लिए रेडिएशन और रासायनिक खतरे की चेतावनी दी गई। कुछ संदेशों में सड़क पर लड़ाई का जोखिम बताया गया। एक झूठे अलर्ट में दावा था कि रूस ने ओरेश्निक मिसाइल दागी है और परमाणु अलर्ट जारी कर दिया गया है।
2
यह ऐप लोगों को हवाई हमलों की चेतावनी देने के लिए इस्तेमाल होता है, इसलिए ऐसी गलत सूचनाएं खास तौर पर डर पैदा कर सकती थीं। यूक्रेनी अलर्ट चैनल ने कहा कि अनधिकृत लोगों ने ऐप के कामकाज में दखल दिया है। सेवा को कुछ समय के लिए रोक दिया गया और उपयोगकर्ताओं को संदिग्ध नोटिफिकेशन में आए लिंक न खोलने की चेतावनी दी गई। बाद में ऐप के फिर से काम करने की खबर आई।
1
3
रूस ने भी कुछ घंटे बाद हमले की सूचना दी
2 नवंबर की शुरुआत में रूसी अधिकारियों ने कहा कि हैकरों ने आपातकालीन स्थिति मंत्रालय के ऐप तक पहुंच बनाकर जनता को गलत जानकारी भेजी। AP की रिपोर्ट के मुताबिक, यह स्पष्ट नहीं था कि दोनों देशों के ऐप पर हुए हमले संबंधित थे या नहीं।
29
CBS News ने रूसी मीडिया के हवाले से बताया कि रूस के 33 क्षेत्रों में उपयोगकर्ताओं को झूठे अलर्ट मिले। उन संदेशों में कथित तौर पर परमाणु वारहेड दागे जाने का दावा किया गया और लोगों से भोजन जमा करने तथा बेसमेंट में शरण लेने को कहा गया। 33 क्षेत्रों में पहुंचने और संदेशों की सामग्री का यह विवरण रूसी मीडिया की रिपोर्ट पर आधारित है; उपलब्ध सामग्री में इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं है।
39
जिम्मेदार कौन था?
एक रूसी टेलीग्राम चैनल ने कहा कि Hitcore नाम के समूह ने यूक्रेन के ऐप में सेंध लगाने की जिम्मेदारी ली है। AP इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका। समूह के संबंध और उसके मकसद भी स्पष्ट नहीं थे। किसी समूह का जिम्मेदारी लेने का दावा अपने-आप यह साबित नहीं करता कि हमला उसी ने किया या उसने सिस्टम तक पहुंच कैसे बनाई।
17
29
उपलब्ध रिपोर्टिंग से रूस के अलर्ट को साझा करने में Atesh समूह की कथित भूमिका की पुष्टि नहीं होती। यूक्रेनी सांसद ओलेक्सांद्र मेरेझको ने शुरुआत में यूक्रेन की जिम्मेदारी स्वीकार करने से इनकार किया था—इस दावे की भी यहां पुष्टि नहीं है। इसी तरह, यह दावा भी पुष्ट नहीं है कि ज़ेलेंस्की ने नागरिकों पर हमले के जवाब में यूक्रेन की जवाबी कार्रवाई की पुष्टि की। उपलब्ध रिपोर्टें ऐप में दखल और झूठे अलर्ट की घटना दर्ज करती हैं, जिम्मेदारी के इन दावों को नहीं।
2
29
ऐप सेवा की बहाली और असर पर क्या पता है?
यूक्रेन ने अपना ऐप कुछ समय के लिए निलंबित किया और बाद में कहा कि वह फिर से चालू है। AP की रिपोर्ट के समय रूसी अधिकारियों ने बताया था कि उनके ऐप को बहाल करने की कोशिश जारी थी।
1
3
यहां उपलब्ध खबरों से यह पता नहीं चलता कि रेडिएशन के वास्तविक स्तर में कोई बदलाव हुआ था या नहीं, रक्षा अभियानों पर असर पड़ा या नहीं, अथवा अन्य सार्वजनिक चेतावनी प्रणालियां सामान्य रूप से काम कर रही थीं या नहीं। सिर्फ झूठे नोटिफिकेशन के आधार पर इन बातों का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
ओलेश्की में युद्धविराम: अलग घटनाक्रम
ऐप पर हमलों के आसपास रूसी कब्जे वाले ओलेश्की क्षेत्र में छह दिन का मानवीय युद्धविराम भी खत्म हुआ। यूक्रेन के जनरल स्टाफ ने आरोप लगाया कि रूसी बलों ने विराम का इस्तेमाल अपनी सैन्य स्थिति मजबूत करने के लिए किया। यह यूक्रेनी अधिकारियों का आरोप है, उपलब्ध रिपोर्ट में इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं है।
19 यूक्रेनी अधिकारियों ने यह भी कहा कि रूस ने युद्धविराम बढ़ाने से इनकार कर दिया।
23
दोनों घटनाएं समय के लिहाज से पास-पास हुईं, लेकिन उपलब्ध रिपोर्टिंग यह नहीं दिखाती कि युद्धविराम खत्म होने से अलर्ट ऐप पर हमले हुए या दोनों के बीच कोई संबंध था।