22 मई 2026 को रूसी कब्जे वाले लुहान्स्क क्षेत्र के स्टारोबिल्स्क कॉलेज की डॉर्मिटरी पर ड्रोन हमला हुआ; रूसी अधिकारियों ने 4–6 मौतों, दर्जनों घायलों और कई लापता लोगों की बात कही। [1][2] रूस और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इसे नागरिकों पर जानबूझकर किया गया हमला बताया, जबकि यूक्रेन ने कहा कि निशाना एक रूसी सैन्य इकाई...

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22 मई 2026 को यूक्रेन के लुहान्स्क ओब्लास्ट के रूसी‑नियंत्रित शहर स्टारोबिल्स्क में ड्रोन हमले की खबर सामने आई। रिपोर्टों के अनुसार ड्रोन ने स्टारोबिल्स्क कॉलेज की इमारतों को निशाना बनाया, जिनमें एक छात्रावास (डॉर्मिटरी) भी शामिल था। इस क्षेत्र पर रूस का नियंत्रण है, इसलिए स्वतंत्र रूप से घटनास्थल की पुष्टि करना मुश्किल रहा और कई विवरण विवादित बने हुए हैं।
रूसी अधिकारियों के मुताबिक हमले के समय लुहान्स्क पेडागॉजिकल यूनिवर्सिटी की स्टारोबिल्स्क शाखा के छात्र उस डॉर्मिटरी में ठहरे हुए थे। बताया गया कि वहां लगभग 86 किशोर छात्र (लगभग 14–18 वर्ष) मौजूद थे।
शुरुआती आधिकारिक रिपोर्टों में कहा गया कि हमले में कम से कम 4 लोगों की मौत हुई और 35 बच्चे घायल हुए।
बाद में दिन भर में जारी अपडेट में रूसी अधिकारियों—जिनमें राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बयान भी शामिल थे—ने कहा कि मृतकों की संख्या 6 तक पहुंच गई, दर्जनों लोग घायल हैं और 15 लोग लापता बताए गए।
कुछ रिपोर्टों में बाद में इससे भी अधिक संभावित हताहतों की चर्चा हुई, जिससे स्पष्ट होता है कि घटनास्थल से मिल रही जानकारी लगातार बदलती रही।
हमले के तुरंत बाद मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए बचाव अभियान शुरू किया गया।
रूसी‑नियंत्रित प्रशासन ने कहा कि कुछ लोगों को मलबे से जीवित निकाला गया, जबकि कई लोगों के अभी भी दबे होने की आशंका थी। शुरुआती चरण में कम से कम दो या तीन लोगों को जिंदा बचाया गया।
दिन भर खोज और बचाव का काम जारी रहा ताकि लापता लोगों का पता लगाया जा सके और कॉलेज परिसर में हुए नुकसान का आकलन किया जा सके।
क्रेमलिन ने इस हमले की कड़ी निंदा की।
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन पर नागरिकों को जानबूझकर निशाना बनाने का आरोप लगाया और इस घटना को "आतंकवादी हमला" बताया। उन्होंने कहा कि डॉर्मिटरी में छात्र रह रहे थे और वहां कोई सैन्य सुविधा नहीं थी।
पुतिन ने यह भी कहा कि आसपास कोई सैन्य ठिकाना नहीं था और रूस की सेना को यूक्रेन के खिलाफ संभावित जवाबी कार्रवाई की योजना तैयार करने का निर्देश दिया।
रूस ने इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उठाया और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने की मांग की।
यूक्रेन ने रूस के आरोपों को खारिज कर दिया।
यूक्रेन के जनरल स्टाफ ने कहा कि उसके बलों ने स्टारोबिल्स्क क्षेत्र में रूसी सैन्य लक्ष्य पर हमला किया था, जिसे एक सैन्य कमांड या ड्रोन‑संबंधित इकाई बताया गया।
कीव ने रूस के दावों को "भ्रामक जानकारी" बताया और कहा कि यूक्रेनी सेना अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के अनुसार केवल सैन्य ढांचे को निशाना बनाती है, नागरिक इमारतों को नहीं।
यूक्रेन ने यह भी संकेत दिया कि रूसी बल संभवतः सैन्य उपकरण या इकाइयों को नागरिक इमारतों के पास या भीतर तैनात कर रहे थे, जिसके कारण संबंधित भवन पर हमला हुआ हो सकता है।
यह घटना उस समय हुई जब रूस और यूक्रेन के बीच ड्रोन हमलों की तीव्रता तेजी से बढ़ रही है।
यूक्रेन ने हाल के महीनों में रूस के भीतर गहराई तक तेल रिफाइनरी और ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाते हुए लंबी दूरी के ड्रोन हमले बढ़ाए हैं। रिपोर्टों के अनुसार इन हमलों के कारण मध्य रूस की कुछ बड़ी रिफाइनरियों को उत्पादन रोकना या घटाना पड़ा।
दूसरी ओर रूस भी लगातार यूक्रेनी शहरों पर मिसाइल और ड्रोन हमले करता रहा है, जिनमें कई बार नागरिक हताहत होते हैं। दोनों पक्ष एक‑दूसरे पर नागरिकों को निशाना बनाने का आरोप लगाते हैं, लेकिन दोनों ही इसे जानबूझकर करने से इनकार करते हैं।
स्टारोबिल्स्क की घटना यह दिखाती है कि युद्ध के दौरान जानकारी कितनी जल्दी अलग‑अलग कथाओं में बंट जाती है:
क्योंकि शहर रूसी कब्जे वाले इलाके में है और स्वतंत्र पत्रकारों या अंतरराष्ट्रीय संगठनों की पहुंच सीमित है, इसलिए घटना की पूरी तरह स्वतंत्र पुष्टि करना कठिन बना हुआ है। फिलहाल यह रूस‑यूक्रेन युद्ध के उन विवादित घटनाक्रमों में से एक है जो ड्रोन युद्ध के बढ़ते प्रभाव को दिखाते हैं।
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22 मई 2026 को रूसी कब्जे वाले लुहान्स्क क्षेत्र के स्टारोबिल्स्क कॉलेज की डॉर्मिटरी पर ड्रोन हमला हुआ; रूसी अधिकारियों ने 4–6 मौतों, दर्जनों घायलों और कई लापता लोगों की बात कही। [1][2]
22 मई 2026 को रूसी कब्जे वाले लुहान्स्क क्षेत्र के स्टारोबिल्स्क कॉलेज की डॉर्मिटरी पर ड्रोन हमला हुआ; रूसी अधिकारियों ने 4–6 मौतों, दर्जनों घायलों और कई लापता लोगों की बात कही। [1][2] रूस और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इसे नागरिकों पर जानबूझकर किया गया हमला बताया, जबकि यूक्रेन ने कहा कि निशाना एक रूसी सैन्य इकाई थी और नागरिकों को जानबूझकर लक्ष्य नहीं बनाया गया। [4][9][14]
यह घटना रूस‑यूक्रेन युद्ध में बढ़ती ड्रोन लड़ाई के बीच हुई, जिसमें यूक्रेन रूस के तेल ढांचे पर हमले बढ़ा रहा है और रूस लगातार यूक्रेनी शहरों पर मिसाइल व ड्रोन हमले करता रहा है। [17][20]