9 GHz से ऊपर की फ्रीक्वेंसी सामान्य एयर या लिक्विड कूलिंग से संभव नहीं है। इस रिकॉर्ड के लिए सिस्टम में लिक्विड हीलियम का इस्तेमाल किया गया।
लिक्विड हीलियम का तापमान लगभग −269°C तक पहुँच सकता है। इतनी कम तापमान पर CPU को ज्यादा वोल्टेज और क्लॉक स्पीड पर चलाया जा सकता है, बिना तुरंत ओवरहीट हुए।
हालाँकि यह तकनीक बहुत महंगी और जटिल होती है, इसलिए इसे आमतौर पर सिर्फ रिकॉर्ड‑तोड़ने के प्रयोगों में इस्तेमाल किया जाता है—न कि रोज़मर्रा के कंप्यूटर उपयोग में।
ऐसे रिकॉर्ड‑तोड़ ओवरक्लॉक आमतौर पर वास्तविक प्रदर्शन से ज्यादा पीक फ्रीक्वेंसी हासिल करने पर केंद्रित होते हैं। इसके लिए ओवरक्लॉकर कई सेटिंग्स बदलते हैं:
इन बदलावों की मदद से CPU थोड़े समय के लिए असाधारण स्पीड तक पहुँच सकता है—अक्सर सिर्फ इतना कि रिकॉर्ड वैलिडेशन पूरा हो जाए।
नया 9.206 GHz रिकॉर्ड पिछले कुछ सालों के कई बड़े माइलस्टोन से थोड़ा आगे निकल गया है:
इन रिकॉर्ड्स में अंतर अक्सर सिर्फ कुछ मेगाहर्ट्ज़ का होता है, लेकिन इतनी ऊँची फ्रीक्वेंसी पर हर छोटा सुधार भी हासिल करना बेहद कठिन होता है।
एक दिलचस्प तथ्य यह है कि यह रिकॉर्ड नए Intel Core Ultra प्रोसेसर से नहीं, बल्कि पुराने Raptor Lake Refresh Core i9‑14900KF से बना है। इसके पीछे कुछ कारण हैं:
परिपक्व सिलिकॉन और प्लेटफॉर्म
कई सालों के प्रयोगों से पता चल चुका है कि कौन‑से चिप्स सबसे ज्यादा क्लॉक कर सकते हैं और उन्हें कैसे कॉन्फ़िगर करना है।
ओवरक्लॉकिंग‑फोकस्ड मदरबोर्ड
ASUS ROG Maximus Z790 Apex जैसे बोर्ड खास तौर पर एक्सट्रीम ट्यूनिंग के लिए बनाए गए हैं।
प्रमाणित फ्रीक्वेंसी क्षमता
Core i9‑14900KF बार‑बार 9 GHz से ऊपर की फ्रीक्वेंसी हासिल कर चुका है, जबकि नई आर्किटेक्चर अभी तक इस स्तर पर लगातार रिकॉर्ड नहीं बना पाई हैं।
9.2 GHz सुनने में भले ही अविश्वसनीय लगे, लेकिन यह दैनिक उपयोग की स्पीड नहीं है। ऐसे रिकॉर्ड‑रन अत्यधिक वोल्टेज और एक्सट्रीम कूलिंग पर आधारित होते हैं, जो सामान्य पीसी सिस्टम के लिए सुरक्षित नहीं माने जाते।
फिर भी, हर नया रिकॉर्ड सिलिकॉन की सीमाओं को थोड़ा और आगे धकेलता है। ओवरक्लॉकिंग समुदाय का अगला बड़ा लक्ष्य अब भी वही है—कभी न कभी 10 GHz CPU फ्रीक्वेंसी हासिल करना।
फिलहाल, उस लक्ष्य के सबसे करीब अभी भी Intel Core i9‑14900KF ही दिख रहा है।
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