मैच डच टीम की जीत की ओर बढ़ता दिख रहा था, लेकिन जापान के खिलाड़ियों का इरादा कुछ और ही था।
खेल का प्रवाह आंशिक रूप से इन आंकड़ों में भी दिखता है, जो स्कोरबोर्ड पर लंबे समय तक नीदरलैंड की बढ़त के बावजूद एक कड़े मुकाबले की कहानी बयां करते हैं।
2-2 का ड्रॉ उस मैच का उचित परिणाम था जहां जापान की अदम्य इच्छाशक्ति और कम स्पष्ट मौकों पर की गई सटीक फिनिशिंग ने नीदरलैंड के अधिक नियंत्रण और ज्यादा शॉट्स की भरपाई कर दी।
पहले दौर के मुकाबलों के बाद ग्रुप एफ की स्थिति काफी संतुलित और रोमांचक हो गई है।
यह तुरंत क्लासिक बन चुका मुकाबला ग्रुप एफ के रोमांचक अंत का मंच तैयार करता है, जहां किसी भी टीम के लिए गलती की कोई गुंजाइश नहीं है।
Comments
0 comments