अगर यह संयोजन सफल होता, तो नई कंपनी स्किनकेयर, मेकअप और परफ्यूम के कई प्रीमियम ब्रांडों को एक ही समूह में लाकर फ्रांस की ब्यूटी दिग्गज L’Oréal जैसी कंपनियों को कड़ी टक्कर दे सकती थी।
कंपनियों ने आधिकारिक तौर पर बहुत कम विवरण साझा किया, लेकिन बातचीत के दौरान सामने आई रिपोर्टें बताती हैं कि कई जटिल मुद्दों ने डील को मुश्किल बना दिया।
दोनों कंपनियां अपने संस्थापक परिवारों के प्रभाव में हैं। इसलिए मर्जर के बाद नई कंपनी में वोटिंग अधिकार, शेयर हिस्सेदारी और दीर्घकालिक नियंत्रण किसके पास होगा—यह बड़ा सवाल बन गया।
रिपोर्टों के अनुसार, दोनों परिवार इस बात पर चर्चा कर रहे थे कि संयुक्त कंपनी में सत्ता संतुलन कैसे तय किया जाए। लेकिन ऐसा ढांचा तय करना मुश्किल साबित हुआ जो दोनों पक्षों को स्वीकार्य हो।
मर्जर बातचीत के समय Estée Lauder हाल के महीनों में कमजोर प्रदर्शन और बड़े पुनर्गठन कार्यक्रम से गुजर रही थी। कुछ निवेशकों और विश्लेषकों को चिंता थी कि Puig को ऐसी कंपनी के साथ जुड़ने से अपेक्षित मूल्य नहीं मिलेगा जो अभी अपनी परिचालन समस्याओं को सुलझाने की कोशिश कर रही है।
इस असंतुलन ने डील की कीमत और शर्तों पर सहमति बनाना कठिन बना दिया।
Estée Lauder पहले से ही अपने व्यवसाय में बड़े बदलाव की प्रक्रिया में है। ऐसे समय में एक विशाल अंतरराष्ट्रीय मर्जर करना—जिसमें ब्रांड, वितरण नेटवर्क और नेतृत्व संरचना को एकीकृत करना पड़े—अतिरिक्त जोखिम पैदा कर सकता था।
आखिरकार दोनों कंपनियों के लिए संभावित लाभों की तुलना में यह जटिलता ज्यादा भारी पड़ गई।
दिलचस्प बात यह रही कि बातचीत खत्म होने की खबर बाजार के लिए सकारात्मक साबित हुई।
कई निवेशकों ने राहत महसूस की क्योंकि:
इससे पहले जब मर्जर की खबर सामने आई थी, तब Estée Lauder के शेयर गिर गए थे, जो निवेशकों की शंका को दर्शाता था।
बड़े मर्जर की जगह Estée Lauder अब अपने व्यापक पुनर्गठन कार्यक्रम पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
कंपनी ने घोषणा की है कि वह वैश्विक स्तर पर 9,000 से 10,000 नौकरियां समाप्त कर सकती है, जो पहले के लक्ष्य से भी अधिक है।
इस योजना के मुख्य उद्देश्य हैं:
यह बदलाव उस व्यापक ट्रेंड को दर्शाता है जिसमें उपभोक्ता तेजी से ऑनलाइन और विशेष रिटेल चैनलों के माध्यम से ब्यूटी उत्पाद खरीद रहे हैं।
Estée Lauder–Puig सौदे का टूटना यह दिखाता है कि लक्ज़री ब्यूटी उद्योग में बड़े स्तर का एकीकरण कितना जटिल हो सकता है। यहां केवल वित्तीय गणित ही नहीं, बल्कि परिवार‑नियंत्रण, ब्रांड पहचान और कंपनी गवर्नेंस जैसे कारक भी निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
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