रूसी अधिकारियों के अनुसार हालिया हमलों के दौरान मॉस्को की ओर बढ़ रहे कई यूक्रेनी ड्रोन भी एयर डिफेंस सिस्टम ने रोक दिए। इससे यह चिंता बढ़ी है कि ड्रोन हमले रूस की राजधानी के आसपास के क्षेत्रों तक लगातार पहुँच रहे हैं।
पिछले एक साल में मॉस्को क्षेत्र के आसपास ड्रोन गतिविधि बढ़ने से कई बार हवाईअड्डे अस्थायी रूप से बंद करने पड़े और शहर में सुरक्षा बढ़ाई गई है, खासकर बड़े राजनीतिक आयोजनों के दौरान।
जहाँ यूक्रेन ने रूस के भीतर ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया, वहीं रूस ने यूक्रेन के कई शहरों पर रातभर ड्रोन हमले किए।
यूक्रेन के दूसरे सबसे बड़े शहर खार्किव में नोवोबावार्स्की ज़िले के आवासीय इलाकों पर ड्रोन गिरे। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार कम से कम 25 निजी घरों और एक अपार्टमेंट इमारत को नुकसान हुआ और तीन लोग घायल हुए। हमलों के बाद कई जगह आग लग गई और आपातकालीन सेवाओं को घटनास्थल पर भेजा गया।
दक्षिण में डेन्यूब नदी के किनारे स्थित इज़मेल बंदरगाह शहर को भी निशाना बनाया गया। यह यूक्रेन के निर्यात के लिए अहम लॉजिस्टिक केंद्र है। अधिकारियों ने बताया कि हमले में पोर्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुँचा, हालांकि अधिकांश ड्रोन मार गिराए गए और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
इज़मेल युद्ध के दौरान कई बार निशाना बन चुका है क्योंकि यह डेन्यूब नदी के जरिए यूक्रेनी अनाज और माल के निर्यात का प्रमुख मार्ग है।
ये घटनाएँ उस समय सामने आई हैं जब दोनों देशों के बीच ड्रोन युद्ध लगातार तेज हो रहा है। मई की शुरुआत में 9–11 मई के बीच एक अस्थायी युद्धविराम घोषित किया गया था, लेकिन उसके समाप्त होते ही रूस ने रातभर में 200 से अधिक ड्रोन यूक्रेन की ओर भेजे।
अब युद्ध की रणनीति में एक स्पष्ट पैटर्न दिख रहा है:
इस तरह ड्रोन युद्ध ने पारंपरिक मोर्चों से दूर स्थित क्षेत्रों को भी संघर्ष के दायरे में ला दिया है।
हाल के हमलों से दोनों देशों की प्राथमिकताएँ भी स्पष्ट होती हैं।
इन ठिकानों पर हमले करके दोनों पक्ष एक‑दूसरे की अर्थव्यवस्था, सप्लाई चेन और घरेलू स्थिरता को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं।
यारोस्लाव्ल पर हमला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह शहर यूक्रेन की सीमा से सैकड़ों किलोमीटर दूर है। इससे पता चलता है कि यूक्रेनी ड्रोन की मारक दूरी लगातार बढ़ रही है। वहीं रूस के ड्रोन भी यूक्रेन के अंदर गहराई तक पहुँचकर शहरों को निशाना बना रहे हैं।
कुल मिलाकर, हालिया घटनाएँ दिखाती हैं कि रूस‑यूक्रेन युद्ध अब तेजी से लंबी दूरी के ड्रोन संघर्ष में बदल रहा है, जहाँ दोनों देशों के शहर, ऊर्जा संयंत्र और लॉजिस्टिक केंद्र लगातार हमलों के दायरे में आ रहे हैं।
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