21–22 मई 2026 की रात रूसी कब्ज़े वाले स्टारोबिल्स्क में एक व्यावसायिक कॉलेज और छात्रावास पर ड्रोन हमला हुआ, जिसमें कई लोगों की मौत और दर्जनों घायल होने की खबरें आईं, जिनमें बच्चे भी शामिल बताए गए। [1][3] रूस ने इसे छात्रों और नागरिकों पर जानबूझकर किया गया हमला बताया, जबकि यूक्रेन का कहना है कि निशाना रूसी सेना का ड्...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What happened in the drone strike on the student dormitory and vocational school in Starobilsk in Russian‑occupied Luhansk on May 21–22, wha. Article summary: A drone strike overnight on May 21–22 hit a college building and student dormitory in Starobilsk, in the Russian-occupied part of Luhansk, causing multiple deaths and injuries, including children, according to the UN and. Topic tags: general, general web, user generated, government. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "Emergency responders and heavy machinery are actively engaged in the aftermath of a drone strike on an apartment building, with smoke rising from the damaged structure and debris s" Reference image 2: visual subject "A damaged building with shattered windows and debris on the ground, likely resulting
मई 2026 में यूक्रेन के लुहान्स्क क्षेत्र के शहर स्टारोबिल्स्क में हुआ एक ड्रोन हमला अंतरराष्ट्रीय बहस का बड़ा मुद्दा बन गया। 21–22 मई की रात हुए इस हमले में एक व्यावसायिक कॉलेज परिसर और उसके छात्रावास को नुकसान पहुंचा, जहां उस समय किशोर छात्र रह रहे थे। शुरुआती रिपोर्टों में कई लोगों की मौत और दर्जनों घायल होने की बात कही गई, जिनमें बच्चे भी शामिल बताए गए।
यह इलाका उस समय रूस के नियंत्रण में था, इसलिए हमले को लेकर सामने आए विवरणों की स्वतंत्र पुष्टि करना मुश्किल रहा। फिर भी इस घटना ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद तक बहस छेड़ दी और रूस तथा यूक्रेन के बीच आरोप‑प्रत्यारोप तेज हो गए।
रिपोर्टों के मुताबिक ड्रोन ने स्टारोबिल्स्क के एक व्यावसायिक कॉलेज और उससे जुड़े छात्रावास को निशाना बनाया। शुरुआती जानकारी में कम से कम चार लोगों की मौत और कई दर्जन लोगों के घायल होने की बात कही गई।
अधिकारियों के अनुसार उस छात्रावास में लगभग 14 से 18 वर्ष के किशोर छात्र रह रहे थे। बताया गया कि हमले के समय कई छात्र सो रहे थे और बाद में बचाव दलों को मलबा हटाकर लोगों को निकालना पड़ा।
संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि उसे इस हमले में बच्चों सहित नागरिकों के मारे जाने और घायल होने की खबरें मिली हैं। लेकिन संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि क्षेत्र रूसी कब्ज़े में होने के कारण अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों को वहां पहुंच नहीं है, इसलिए वह स्वतंत्र रूप से सभी विवरणों की पुष्टि नहीं कर सकता।
इस घटना को लेकर मुख्य विवाद यही है कि हमला किसी नागरिक इमारत पर हुआ या सैन्य ठिकाने पर।
रूस का दावा:
मॉस्को और रूसी‑समर्थित स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि यूक्रेन के ड्रोन ने जानबूझकर छात्रों के छात्रावास और कॉलेज की इमारतों को निशाना बनाया। रूसी अधिकारियों ने इसे नागरिकों पर हमला बताते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा की मांग की।
यूक्रेन का दावा:
यूक्रेन ने इस बात से इनकार किया कि उसने किसी छात्रावास को निशाना बनाया। संयुक्त राष्ट्र में आई रिपोर्टों के अनुसार कीव का कहना है कि ड्रोन हमला दरअसल उस इलाके में चल रहे रूसी सैन्य ड्रोन कमांड मुख्यालय को लक्ष्य बनाकर किया गया था।
क्योंकि अंतरराष्ट्रीय जांचकर्ताओं को घटनास्थल तक पहुंच नहीं मिली, इसलिए अभी तक किसी भी पक्ष के दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
इस घटना के बाद रूस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने की मांग की और हमले को युद्ध अपराध बताया।
बैठक के दौरान प्रमुख देशों ने अलग‑अलग दृष्टिकोण पेश किए।
रूस:
रूसी प्रतिनिधियों ने हमले को “भयानक” बताया और कहा कि यह छात्रों और नाबालिगों वाली इमारत पर जानबूझकर किया गया हमला था।
ब्रिटेन:
ब्रिटेन ने कहा कि किसी भी नागरिक की मौत—खासकर बच्चों की—निंदनीय है। लेकिन उसने यह भी कहा कि अगर रूस सच में नागरिकों की सुरक्षा चाहता है तो उसे युद्ध समाप्त करने या युद्धविराम के लिए सहमत होना चाहिए।
संयुक्त राज्य अमेरिका:
अमेरिकी प्रतिनिधियों ने कहा कि यूक्रेन युद्ध में लगातार हो रही मौत और तबाही तुरंत रुकनी चाहिए। अमेरिका ने एक तत्काल और व्यापक युद्धविराम की मांग दोहराई ताकि बातचीत के जरिए युद्ध का अंत हो सके।
चीन:
चीन ने हमले की खबरों और खासकर छात्रों में हुए हताहतों पर चिंता जताई और सभी पक्षों से संयम बरतने तथा नागरिकों की पीड़ा कम करने के प्रयास करने की अपील की।
स्टारोबिल्स्क की घटना से कुछ ही दिन पहले युद्ध के मानवीय असर को दिखाने वाली एक और घटना सामने आई।
20 मई को यूक्रेन के शहर ड्नीप्रो में रूसी मिसाइल हमले में संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) के उपयोग वाला एक गोदाम नष्ट हो गया। इस हमले में कम से कम दो लोगों की मौत हुई और लगभग 900 पैलेट मानवीय सहायता सामग्री नष्ट हो गई, जिसकी कीमत एक मिलियन डॉलर से अधिक बताई गई।
इस गोदाम में अस्थायी आश्रय के लिए मैट, स्वच्छता किट और अन्य जरूरी सामान रखा था, जो अग्रिम मोर्चों के पास रहने वाले विस्थापित लोगों के लिए भेजा जाना था। गोदाम के नष्ट होने से हजारों लोगों तक सहायता पहुंचाने की योजना प्रभावित हुई।
स्टारोबिल्स्क का ड्रोन हमला और ड्नीप्रो में सहायता गोदाम का नष्ट होना—दोनों घटनाएं दिखाती हैं कि यूक्रेन युद्ध का असर सिर्फ सैन्य मोर्चों तक सीमित नहीं रहा।
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार 2022 से अब तक युद्ध में दसियों हजार नागरिक हताहत हुए हैं और स्कूलों, घरों तथा मानवीय सुविधाओं सहित बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। वास्तविक संख्या इससे भी अधिक हो सकती है।
जैसे‑जैसे युद्ध चौथे साल में आगे बढ़ रहा है, शिक्षा संस्थानों, आवासीय इमारतों और राहत सुविधाओं जैसे स्थान भी हिंसा की चपेट में आते जा रहे हैं—और अक्सर घटनाओं के बारे में अलग‑अलग दावे सामने आते हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि करना मुश्किल रहता है।
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21–22 मई 2026 की रात रूसी कब्ज़े वाले स्टारोबिल्स्क में एक व्यावसायिक कॉलेज और छात्रावास पर ड्रोन हमला हुआ, जिसमें कई लोगों की मौत और दर्जनों घायल होने की खबरें आईं, जिनमें बच्चे भी शामिल बताए गए। [1][3]
21–22 मई 2026 की रात रूसी कब्ज़े वाले स्टारोबिल्स्क में एक व्यावसायिक कॉलेज और छात्रावास पर ड्रोन हमला हुआ, जिसमें कई लोगों की मौत और दर्जनों घायल होने की खबरें आईं, जिनमें बच्चे भी शामिल बताए गए। [1][3] रूस ने इसे छात्रों और नागरिकों पर जानबूझकर किया गया हमला बताया, जबकि यूक्रेन का कहना है कि निशाना रूसी सेना का ड्रोन कमांड मुख्यालय था। [33]
यह घटना और उसी सप्ताह ड्नीप्रो में UNHCR के मानवीय सहायता गोदाम पर रूसी मिसाइल हमले ने दिखाया कि युद्ध के चौथे साल में नागरिकों पर मानवीय असर लगातार बढ़ रहा है। [21][22]