ओकलैंड की संघीय अदालत में अंतिम दलीलों के बाद जूरी विचार‑विमर्श कर रही है कि क्या ओपनएआई ने अपने मूल गैर‑लाभकारी मिशन से विश्वासघात किया या एलन मस्क देर से कानूनी चुनौती दे रहे हैं। मस्क के वकीलों ने सैम ऑल्टमैन की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए और कहा कि ओपनएआई ने शुरुआती समर्थन का उपयोग कर बाद में मुनाफा‑केंद्रित कंपनी...

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कैलिफ़ोर्निया के ओकलैंड में चल रहे एक बहुचर्चित मुकदमे में एलन मस्क और ओपनएआई के बीच कानूनी लड़ाई अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई, जब दोनों पक्षों के वकीलों ने अदालत में अंतिम दलीलें पेश कीं। अब जूरी को तय करना है कि क्या ओपनएआई ने अपने मूल गैर‑लाभकारी मिशन से मुंह मोड़ लिया — या फिर मस्क उन फैसलों को चुनौती दे रहे हैं जिन्हें वे पहले समझते और समर्थन करते थे।
यह मुकदमा टेक उद्योग में बेहद करीब से देखा जा रहा है, क्योंकि इसका फैसला यह तय करने में असर डाल सकता है कि भविष्य की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनियां खुद को कैसे संरचित करेंगी और अरबों डॉलर की फंडिंग कैसे जुटाएंगी।
कई हफ्तों तक चली गवाही और बहस के बाद दोनों पक्षों ने अदालत में अपनी अंतिम दलीलें रखीं। मस्क ने 2024 में मुकदमा दायर किया था, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन और अन्य नेताओं ने संगठन की मूल योजना से विश्वासघात किया। उनका कहना है कि ओपनएआई को मानवता के हित में AI विकसित करने वाले एक गैर‑लाभकारी संगठन के रूप में चलाया जाना था।
मस्क की कानूनी टीम ने कहा कि ओपनएआई ने शुरुआती दौर में मस्क के वित्तीय समर्थन और प्रतिष्ठा का इस्तेमाल कर संगठन खड़ा किया, लेकिन बाद में उसे मुनाफा‑केंद्रित ढांचे में बदल दिया। उनके अनुसार यह मूल मिशन के साथ विश्वासघात और "charitable trust" का उल्लंघन है।
दूसरी ओर, ओपनएआई के वकीलों ने कहा कि यह कहानी अधूरी है। उनका तर्क था कि अत्याधुनिक AI विकसित करने में भारी पूंजी लगती है और केवल गैर‑लाभकारी ढांचा इतना पैसा जुटाने में सक्षम नहीं होता। उन्होंने यह भी कहा कि मस्क को कंपनी की रणनीति की जानकारी थी और उन्होंने बहुत देर से मुकदमा दायर किया।
अंतिम दलीलों के बाद मामला अब जूरी के विचार‑विमर्श के लिए भेज दिया गया है।
अदालत में बहस का बड़ा हिस्सा दोनों प्रमुख व्यक्तियों की विश्वसनीयता पर केंद्रित रहा।
मस्क के वकीलों ने सैम ऑल्टमैन की गवाही पर सवाल उठाते हुए कहा कि ओपनएआई के नेतृत्व ने अपनी असली मंशा छिपाई और संगठन को व्यक्तिगत आर्थिक लाभ का माध्यम बना दिया। उनका दावा था कि कंपनी अपने शुरुआती वादे—सुरक्षित और खुला AI विकसित करने—से भटक गई।
इसके जवाब में ओपनएआई के वकीलों ने मस्क पर ही सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि मस्क को कंपनी की योजनाओं की जानकारी थी, लेकिन अब वे "चुनिंदा याददाश्त" दिखा रहे हैं और तब मुकदमा कर रहे हैं जब ओपनएआई AI दौड़ में एक बड़ा खिलाड़ी बन चुका है।
चूंकि यह मामला काफी हद तक शुरुआती वर्षों में हुई बातचीत और समझौतों की व्याख्या पर आधारित है, इसलिए जूरी को दोनों पक्षों के दावों की विश्वसनीयता तौलनी होगी।
मामले का केंद्र ओपनएआई की संरचना में हुआ बदलाव है। 2015 में इसे एक गैर‑लाभकारी शोध संगठन के रूप में शुरू किया गया था, लेकिन बाद में इसमें बाहरी निवेश और व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति देने वाला ढांचा अपनाया गया।
मस्क का कहना है कि उन्होंने शुरुआती वर्षों में लगभग 38 मिलियन डॉलर का योगदान इस समझ के साथ दिया था कि संगठन गैर‑लाभकारी ही रहेगा और मानवता के हित में AI विकसित करेगा। उनके अनुसार बाद में मुनाफा‑केंद्रित मॉडल अपनाना उस वादे के खिलाफ था।
ओपनएआई इस दावे को खारिज करता है। कंपनी का कहना है कि मस्क के योगदान के साथ कोई कानूनी शर्त नहीं जुड़ी थी और उन्नत AI अनुसंधान की अत्यधिक लागत को देखते हुए संरचना में बदलाव जरूरी था।
मामले में माइक्रोसॉफ्ट की भूमिका का भी उल्लेख हुआ है। मस्क का आरोप है कि कंपनी ने कथित रूप से इस बदलाव को संभव बनाने में मदद की, जबकि माइक्रोसॉफ्ट का कहना है कि उसे किसी कथित उल्लंघन की जानकारी होने का कोई सबूत नहीं है।
इस मुकदमे का असर सिर्फ मस्क और ओपनएआई तक सीमित नहीं रह सकता।
अगर जूरी मस्क के पक्ष में फैसला देती है, तो ओपनएआई की भविष्य की कॉर्पोरेट योजनाएं जटिल हो सकती हैं और निवेशक उन संगठनों में निवेश करने से हिचक सकते हैं जो शुरुआत में गैर‑लाभकारी मिशन के साथ शुरू होते हैं लेकिन बाद में व्यावसायिक मॉडल अपनाते हैं। अदालत को यह भी स्पष्ट करना पड़ सकता है कि टेक शोध संगठनों पर "charitable trust" के सिद्धांत कैसे लागू होते हैं।
वहीं अगर ओपनएआई जीतता है, तो यह तर्क मजबूत होगा कि अत्याधुनिक AI विकसित करने के लिए कंपनियों को लचीले संगठनात्मक मॉडल की जरूरत होती है—जहां वे सार्वजनिक हित के लक्ष्य के साथ शुरू होकर भी बड़े निजी निवेश जुटा सकें।
किसी भी स्थिति में, यह मुकदमा आधुनिक AI लैब्स की फंडिंग और शासन व्यवस्था की एक दुर्लभ कानूनी परीक्षा बन गया है—और इसका असर भविष्य में उन्नत AI बनाने की वैश्विक प्रतिस्पर्धा पर पड़ सकता है।
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ओकलैंड की संघीय अदालत में अंतिम दलीलों के बाद जूरी विचार‑विमर्श कर रही है कि क्या ओपनएआई ने अपने मूल गैर‑लाभकारी मिशन से विश्वासघात किया या एलन मस्क देर से कानूनी चुनौती दे रहे हैं।
ओकलैंड की संघीय अदालत में अंतिम दलीलों के बाद जूरी विचार‑विमर्श कर रही है कि क्या ओपनएआई ने अपने मूल गैर‑लाभकारी मिशन से विश्वासघात किया या एलन मस्क देर से कानूनी चुनौती दे रहे हैं। मस्क के वकीलों ने सैम ऑल्टमैन की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए और कहा कि ओपनएआई ने शुरुआती समर्थन का उपयोग कर बाद में मुनाफा‑केंद्रित कंपनी का रूप ले लिया।
ओपनएआई ने जवाब दिया कि उन्नत AI विकसित करने की भारी लागत के कारण व्यावसायिक ढांचे की जरूरत थी और मस्क इस दिशा के बारे में पहले से जानते थे।