मस्क की टीम ने इस मुकदमे को मूल रूप से विश्वास और चैरिटेबल उद्देश्य के उल्लंघन का मामला बताया।
ओपनएआई और माइक्रोसॉफ्ट की कानूनी टीम ने बिल्कुल अलग कहानी पेश की। उनके अनुसार यह मुकदमा इसलिए हुआ क्योंकि मस्क कंपनी पर नियंत्रण नहीं पा सके।
उनकी दलीलों के मुख्य बिंदु:
ओपनएआई ने यह भी कहा कि मस्क के शुरुआती योगदान के साथ कोई कानूनी शर्त नहीं जुड़ी थी कि संगठन हमेशा पूरी तरह गैर‑लाभकारी ही रहेगा।
अंतिम बहस के दौरान दोनों पक्षों ने कुछ प्रमुख मुद्दों पर जोर दिया:
विश्वसनीयता: मस्क की टीम ने कहा कि ऑल्टमैन की गवाही भरोसेमंद नहीं है। जवाब में ओपनएआई के वकीलों ने कहा कि मस्क खुद कंपनी की संरचना और मिशन पर अलग‑अलग समय पर अलग रुख लेते रहे हैं।
नियंत्रण: मस्क का दावा है कि माइक्रोसॉफ्ट के साथ साझेदारी के बाद कॉरपोरेट हितों ने ओपनएआई पर कब्जा कर लिया। बचाव पक्ष का कहना है कि मस्क खुद पहले संगठन पर नियंत्रण पाने की कोशिश कर चुके थे।
सुरक्षा और मिशन: मस्क का कहना है कि कंपनी ने अपने मूल ‘सुरक्षित एआई’ मिशन को छोड़ दिया। ओपनएआई का कहना है कि बड़े निवेश के बिना सुरक्षित और जिम्मेदार एआई विकसित करना संभव नहीं है।
निवेशक लाभ: मस्क का आरोप है कि कंपनी के अधिकारियों और निवेशकों को लाभ पहुंचाने के लिए संरचना बदली गई। ओपनएआई ने इस आरोप को खारिज किया।
मुकदमे का समय: बचाव पक्ष ने कहा कि मस्क ने बहुत देर से मुकदमा दायर किया। मस्क की टीम का कहना है कि उन्हें बाद में कंपनी के बदलावों की पूरी जानकारी मिली।
मस्क के मुकदमे में वित्तीय और संरचनात्मक दोनों तरह की मांगें शामिल हैं।
रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने अदालत से अनुरोध किया है:
कुछ अदालत दस्तावेजों में मस्क ने कहा है कि संभावित हर्जाना उन्हें व्यक्तिगत रूप से नहीं बल्कि ओपनएआई के गैर‑लाभकारी हिस्से को दिया जा सकता है।
हालांकि अदालत में बहस व्यापक रही, लेकिन जूरी का काम अपेक्षाकृत सीमित है। उन्हें यह तय करना होगा कि:
यदि जूरी जिम्मेदारी तय करती है, तो बाद में अदालत यह निर्धारित करेगी कि कौन‑से आर्थिक या संरचनात्मक उपाय लागू होंगे।
अंतिम बहस के बाद नौ सदस्यीय जूरी अब ओकलैंड की अदालत में बंद कमरे में विचार‑विमर्श कर रही है और निर्णय के लिए सर्वसम्मति जरूरी है।
फैसले के संभावित प्रभावों में शामिल हो सकते हैं:
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