लेकिन रात उनके लिए उत्सव जैसी नहीं थी। रोनाल्डो ने पूरे 90 मिनट खेले, लेकिन उनका एक भी शॉट ऑन टार्गेट नहीं था और उन्होंने केवल 25 बार गेंद को छुआ — जो उनके किसी भी बड़े टूर्नामेंट मैच में सबसे कम है जिसे उन्होंने पूरा खेला हो ।
रोनाल्डो का गोल का सूखा अब चिंताजनक हो गया है। वे पुर्तगाल के लिए लगातार 10वें बड़े टूर्नामेंट मैच (विश्व कप और यूरोपीय चैम्पियनशिप) में बिना गोल के रहे, जो उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का सबसे बुरा सूखा है । इसमें लगातार पांच विश्व कप मैच शामिल हैं जहां वे गोल नहीं कर पाए
। उनका आखिरी नॉन-पेनल्टी गोल 19 जून, 2021 को आया था
।
मैच के बाद, कोच रॉबर्टो मार्टिनेज से रोनाल्डो की भूमिका को लेकर सवाल पूछे गए।
बचाव: मार्टिनेज ने रोनाल्डो को बदलने को "बेमानी" बताते हुए कहा, "जब आपको गोल की ज़रूरत होती है, तो क्रिस्टियानो को मैदान पर होना चाहिए" । उन्होंने कहा कि कप्तान को बदलने का फैसला उम्र के आधार पर नहीं, बल्कि फिटनेस और टीम की जरूरतों पर होता है
।
चेतावनी: हालांकि, मार्टिनेज ने यह भी स्वीकार किया कि प्रदर्शन काफी अच्छा नहीं था। उन्होंने कहा, "कभी-कभी प्रदर्शन चुनौती के अनुरूप नहीं होता" । यह संकेत है कि पूरी टीम को सुधार करने की जरूरत है, जिसमें उनका कप्तान भी शामिल है
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| स्थान | टीम | अंक | मैच | जीत | ड्रॉ | हार | GF | GA | GD |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | कोलम्बिया | 3 | 1 | 1 | 0 | 0 | 3 | 1 | +2 |
| 2 | डीआर कांगो | 1 | 1 | 0 | 1 | 0 | 1 | 1 | 0 |
| 3 | पुर्तगाल | 1 | 1 | 0 | 1 | 0 | 1 | 1 | 0 |
| 4 | उज्बेकिस्तान | 0 | 1 | 0 | 0 | 1 | 1 | 3 | -2 |
यह मैच डीआर कांगो के विश्व कप इतिहास का पहला गोल और पहला अंक था । लियोपार्ड्स (डीआर कांगो का उपनाम) अपने केवल दूसरे विश्व कप (पहला 1974 में ज़ैरे के नाम से) में खेल रहे थे और उन्होंने टूर्नामेंट के प्रबल दावेदारों में से एक को ड्रॉ पर रोककर अपनी ताकत दिखाई
।
भारतीय फुटबॉल प्रशंसकों के लिए, यह एक बड़ा उलटफेर है क्योंकि पुर्तगाल और रोनाल्डो देश में काफी लोकप्रिय हैं। दूसरी ओर, डीआर कांगो जैसी कम रैंक वाली टीम का ऐसा प्रदर्शन विश्व कप को शानदार बनाता है। अब पुर्तगाल को कोलम्बिया और उज्बेकिस्तान के खिलाफ मजबूत प्रदर्शन करना होगा ।