14 सितंबर 2026 के छापों में 101 जानवर जब्त हुए। 13 पहले से मृत थे और खराब हालत के कारण एक गेको को इच्छामृत्यु दी गई। छह लोग जांच के दायरे में हैं। [14] बचे हुए जानवरों को देखभाल और क्वारंटीन के लिए वन्यजीव पुनर्वास केंद्र ले जाया गया है। इसके बाद उन्हें उनके मूल स्थान वापस भेजने या चिड़ियाघर जैसी संस्था में रखने के...
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शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What happened in NParks’ September 2026 islandwide raids on suspected illegal wildlife sellers and keepers in Singapore—including the number. Article summary: NParks seized 101 illegally kept, non-native wild animals in coordinated raids across Singapore on 14 September 2026. Thirteen were already dead, one was later euthanised, and six people remain under investigation for su. Topic tags: general, general web. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fake numbers, clic
सिंगापुर के राष्ट्रीय उद्यान बोर्ड NParks ने 14 सितंबर 2026 को आवासीय परिसरों पर समन्वित छापे मारकर अवैध रूप से रखे गए 101 वन्यजीव जब्त किए। इनमें से 13 मौके पर मृत मिले; खराब हालत के कारण बाद में एक गेको को इच्छामृत्यु दी गई। वन्यजीवों की संदिग्ध अवैध बिक्री या उन्हें रखने के मामले में छह लोगों की जांच हो रही है। जांच के दायरे में होना दोषी ठहराया जाना नहीं है। 14
जब्त जानवरों में छिपकलियां, न्यूट, अजगर, टैरेंटुला और कछुए शामिल थे। खबरों में एक्सोलॉटल, लेपर्ड गेको, बॉल पाइथन और पिग-नोज़्ड कछुओं का भी जिक्र है। ये सिंगापुर की मूल प्रजातियां नहीं हैं और इन्हें वहां पालतू जानवरों के रूप में बेचना या रखना कानूनी नहीं है। 14
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NParks के मुताबिक, पर्याप्त जगह, हवा, भोजन या पानी न मिलने जैसी अनुपयुक्त परिस्थितियां 13 जानवरों की मौत की वजह हो सकती हैं। जीवित मिले कई जानवर भी खराब हालत में थे: एक गेको की आंख फट गई थी और उसमें संक्रमण था, जबकि कुछ एक्सोलॉटल सुस्त थे। 14
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उन्हें देखभाल और क्वारंटीन के लिए NParks के वन्यजीव पुनर्वास केंद्र ले जाया गया है। उनका मूल स्थान मालूम नहीं है और वे ऐसे रोगों के वाहक हो सकते हैं जो दूसरे जानवरों या लोगों में फैलें। क्वारंटीन के बाद NParks उन्हें उनके मूल स्थान वापस भेजने या चिड़ियाघर जैसी संस्था में रखने के विकल्पों का आकलन करेगा। इच्छामृत्यु को आखिरी उपाय माना जाता है; प्रत्येक जानवर का अंतिम ठिकाना अभी घोषित नहीं हुआ है। 14
NParks ने इसे हाल के वर्षों में अवैध रूप से रखे वन्यजीवों की अपनी सबसे बड़ी जब्तियों में से एक बताया। द स्ट्रेट्स टाइम्स के मुताबिक, 2021 के बाद यह इस तरह का सबसे बड़ा अभियान था। हालांकि, 2021 में करीब 120 जानवर जब्त हुए थे—इसलिए 101 जानवरों की यह जब्ती उससे बड़ी नहीं थी। 14
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NParks का कहना है कि अवैध वन्यजीव व्यापार लुप्तप्राय प्रजातियों के अस्तित्व को खतरे में डाल सकता है। इस मामले में मिले जानवरों की हालत उनके कल्याण से जुड़े जोखिम भी दिखाती है। व्यापार रोकने के लिए बोर्ड दूसरी एजेंसियों के साथ सीमा पर जांच करता है, दुकानों और ऑनलाइन बाजारों पर नजर रखता है, छापे मारता है और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों से खुफिया जानकारी साझा करता है। 14
सजा साबित हुए अपराध पर निर्भर करेगी। सिंगापुर के Endangered Species (Import and Export) Act के तहत, अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव व्यापार संधि CITES की सूची में शामिल जीवों से जुड़े प्रासंगिक अपराधों के लिए NParks प्रति जीव अधिकतम 200,000 सिंगापुर डॉलर के जुर्माने का उल्लेख करता है। कुल जुर्माने की सीमा 10 लाख सिंगापुर डॉलर या सभी संबंधित जीवों के बाजार मूल्य—जो भी अधिक हो—के आधार पर तय होती है। आठ साल तक की कैद भी हो सकती है। ये कानून में निर्धारित संभावित सजाएं हैं, जांच के दायरे में आए छह लोगों को सुनाई गई सजाएं नहीं। 15
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14 सितंबर 2026 के छापों में 101 जानवर जब्त हुए। 13 पहले से मृत थे और खराब हालत के कारण एक गेको को इच्छामृत्यु दी गई। छह लोग जांच के दायरे में हैं। [14]
14 सितंबर 2026 के छापों में 101 जानवर जब्त हुए। 13 पहले से मृत थे और खराब हालत के कारण एक गेको को इच्छामृत्यु दी गई। छह लोग जांच के दायरे में हैं। [14] बचे हुए जानवरों को देखभाल और क्वारंटीन के लिए वन्यजीव पुनर्वास केंद्र ले जाया गया है। इसके बाद उन्हें उनके मूल स्थान वापस भेजने या चिड़ियाघर जैसी संस्था में रखने के विकल्प पर विचार होगा। [14]