यूक्रेन लंबे समय से इंटरसेप्टर मिसाइलों की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है। जुलाई में ज़ेलेंस्की ने सर्दियों के लिए 300 पैट्रियट मिसाइलों के एयर-डिफेंस पैकेज की मांग की थी—यानी लगभग 100 मिसाइलें प्रति माह। K
अगस्त में CNN को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि सर्दी निकालने के लिए यूक्रेन को अमेरिकी पैट्रियट इंटरसेप्टर स्टॉकपाइल के 5% तक पहुंच चाहिए। उनका कहना था कि 10% उपलब्ध हो जाए तो कीव सभी रूसी बैलिस्टिक मिसाइलों को रोक सकता है। ये आंकड़े ज़ेलेंस्की के अपने आकलन और बातचीत में रखी गई मांगों को दर्शाते हैं; उपलब्ध रिपोर्टिंग इन्हें स्वतंत्र रूप से सत्यापित सैन्य जरूरत या अमेरिका की स्वीकृत योजना के रूप में स्थापित नहीं करती। CE
समस्या केवल पैट्रियट लॉन्चर मौजूद होने की नहीं, बल्कि उन्हें चलाने के लिए पर्याप्त मिसाइलों की है। CNN की रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेनी अधिकारियों ने बताया कि देश के इंटरसेप्टर लगभग खत्म हो चुके हैं। हालांकि, बची हुई मिसाइलों की सटीक संख्या और अमेरिकी स्टॉकपाइल का वास्तविक आकार स्पष्ट नहीं है। C
केलॉग का यूक्रेन दौरा केवल कीव बैठक तक सीमित नहीं था। राजधानी पहुंचने से पहले उन्होंने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ ओदेसा के वाणिज्यिक समुद्री बंदरगाह का दौरा किया। वहां उन्हें रूसी हमलों से बंदरगाह के बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान और युद्ध के दौरान बंदरगाहों के संचालन में आ रही मुश्किलों की जानकारी दी गई। PE
बैठकों में जहाजरानी सुरक्षा, यूक्रेन के समुद्री गलियारे का संचालन, निर्यात लॉजिस्टिक्स की मजबूती, समुद्री सुरक्षा और पुनर्निर्माण में निवेश पर चर्चा हुई। PU
इससे यात्रा का व्यापक महत्व सामने आया। यूक्रेन के लिए एयर डिफेंस का सवाल सिर्फ शहरों और नागरिकों की सुरक्षा तक सीमित नहीं है; बंदरगाह, परिवहन नेटवर्क और काला सागर के निर्यात मार्ग भी हमलों के बीच चालू रखना जरूरी है। हालांकि, उपलब्ध स्रोत इस दौरे के दौरान किसी नए सुरक्षा या पुनर्निर्माण समझौते की पुष्टि नहीं करते।
कीव फिलहाल दो मोर्चों पर काम कर रहा है। पहला, मौजूदा पैट्रियट इंटरसेप्टर की तत्काल खरीद और सहयोगी देशों से आपूर्ति। दूसरा, यूरोपीय सहयोग से एक अधिक व्यापक एंटी-बैलिस्टिक रक्षा प्रणाली तैयार करना। ज़ेलेंस्की ने यूरोपीय पहल को महत्वपूर्ण बताया, लेकिन कहा कि आने वाली सर्दी के लिए पैट्रियट मिसाइलों की डिलीवरी फिर भी अपरिहार्य है। SE
रॉयटर्स के अनुसार, यूक्रेन और अमेरिका पैट्रियट इंटरसेप्टर के उत्पादन से जुड़े लाइसेंस पर राजनीतिक स्तर पर सहमत हुए हैं। यह भविष्य के उत्पादन की दिशा में प्रगति है, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि यूक्रेन तुरंत पर्याप्त संख्या में संचालन योग्य इंटरसेप्टर बना सकता है। R
केलॉग के पहले के सार्वजनिक बयानों ने इस दौरे को सैन्य के साथ-साथ राजनीतिक महत्व भी दिया। अप्रैल में उन्होंने सवाल उठाया था कि क्या नाटो की मौजूदा संरचना पर्याप्त है। उन्होंने यूक्रेन, जापान, ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी तथा पोलैंड जैसे कुछ यूरोपीय देशों को शामिल करने वाले नए रक्षा ढांचे की संभावना का उल्लेख किया था। KU
ये एक टेलीविजन कार्यक्रम में रखे गए व्यक्तिगत विचार थे—न कोई घोषित सैन्य गठबंधन, न काम कर रहा रक्षा समूह और न ही अमेरिका की पुष्ट नीति। इसलिए इन बयानों को अतिरिक्त पैट्रियट मिसाइलों की गारंटी नहीं माना जा सकता।
उपलब्ध रिपोर्टिंग से एक सीमित लेकिन स्पष्ट निष्कर्ष निकलता है: यूक्रेन सर्दियों से पहले पैट्रियट इंटरसेप्टर की लगातार आपूर्ति चाहता है, जबकि उसके वैकल्पिक रक्षा और घरेलू उत्पादन कार्यक्रमों को समय लगेगा। इंटरसेप्टर की कमी, अमेरिकी भंडार की अस्पष्टता और राजनीतिक उत्पादन समझौते को वास्तविक मिसाइलों में बदलने में लगने वाला समय—ये सभी कारक कीव की तैयारियों को कठिन बनाते हैं। RC
अभी ज़ेलेंस्की की रणनीति प्रत्यक्ष खरीद, सहयोगी देशों की डिलीवरी और यूरोपीय एयर-डिफेंस सहयोग को एक साथ आगे बढ़ाने की है। केलॉग के साथ बैठक के बाद किसी मिसाइल डिलीवरी का औपचारिक वादा सामने नहीं आया, लेकिन यूक्रेन की केंद्रीय चिंता और स्पष्ट हो गई है: रूसी बैलिस्टिक हमलों के बीच सर्दियों तक पर्याप्त इंटरसेप्टर जुटाना।