20 मई 2026 को बीजिंग में हुई बैठक में शी जिनपिंग और व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका की ‘गोल्डन डोम’ मिसाइल रक्षा योजना को वैश्विक रणनीतिक स्थिरता के लिए खतरा बताया। दोनों नेताओं ने चेतावनी दी कि बड़े पैमाने की मिसाइल रक्षा और प्रीएम्प्टिव स्ट्राइक सिद्धांत परमाणु संतुलन को कमजोर कर सकते हैं और हथियारों की नई दौड़ शुरू कर...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What happened during the recent Beijing summit between Chinese President Xi Jinping and Russian President Vladimir Putin, why did they joint. Article summary: Xi Jinping and Vladimir Putin used their Beijing summit to present a united China-Russia front against U.S. nuclear and missile-defense policy, especially Donald Trump’s proposed “Golden Dome” missile shield. They framed. Topic tags: general, general web, user generated. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "China and Russia condemned US President Donald Trump's Golden Dome missile defence shield plans and Washington's "irresponsible" nuclear policy" source context "Xi, Putin unite in criticism of US on nuclear, security issues | The Business Standard" Reference image 2: visual subject "During the summit, Putin and
20 मई 2026 को बीजिंग में हुई शिखर बैठक में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपने रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने का संदेश दिया। बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में दोनों नेताओं ने अमेरिकी मिसाइल‑रक्षा योजनाओं, परमाणु हथियार नियंत्रण की स्थिति और वैश्विक शक्ति संतुलन से जुड़े मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी।
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने कहा कि चीन‑रूस संबंध “अभूतपूर्व स्तर” तक पहुँच चुके हैं। उन्होंने दीर्घकालिक रणनीतिक समन्वय, राजनीतिक भरोसे और आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
इस दौरे के दौरान अर्थव्यवस्था, व्यापार, विज्ञान, शिक्षा और तकनीक जैसे क्षेत्रों में लगभग दो दर्जन समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। हालांकि पहले से चर्चा में रहा एक बड़ा प्राकृतिक गैस समझौता इस बैठक में अंतिम रूप नहीं ले सका।
शिखर वार्ता का सबसे चर्चित मुद्दा अमेरिका की प्रस्तावित “Golden Dome” मिसाइल रक्षा प्रणाली रहा। रिपोर्टों के अनुसार यह जमीन और अंतरिक्ष आधारित इंटरसेप्टरों वाला एक बहु‑स्तरीय रक्षा नेटवर्क हो सकता है।
चीन और रूस का तर्क है कि इतनी व्यापक मिसाइल रक्षा प्रणाली वैश्विक रणनीतिक स्थिरता को कमजोर कर सकती है। उनका कहना है कि यदि कोई देश आने वाली परमाणु मिसाइलों को रोकने में सक्षम हो जाए, तो पारंपरिक परमाणु प्रतिरोध (deterrence) का संतुलन बिगड़ सकता है।
विश्लेषकों के अनुसार इससे प्रतिद्वंद्वी देश अपनी परमाणु क्षमता बढ़ाने या ऐसी नई तकनीक विकसित करने की कोशिश कर सकते हैं जो मिसाइल रक्षा को पार कर सके—और इससे हथियारों की नई दौड़ तेज हो सकती है।
दोनों देशों ने New START संधि के फरवरी 2026 में समाप्त होने का मुद्दा भी उठाया। यह संधि अमेरिका और रूस के रणनीतिक परमाणु हथियारों की संख्या को सीमित करने वाला आखिरी बड़ा समझौता था।
इसके खत्म होने के बाद दुनिया की दो सबसे बड़ी परमाणु शक्तियों पर अब औपचारिक सीमा लागू नहीं रही। चीन और रूस ने आरोप लगाया कि इस संधि के बाद कोई नया ढांचा न बन पाने से वैश्विक रणनीतिक स्थिरता पर खतरा बढ़ गया है।
हालाँकि चीन इस संधि का पक्षकार नहीं था, लेकिन हाल के वर्षों में वह वैश्विक परमाणु शासन और हथियार नियंत्रण पर होने वाली बहसों में अधिक सक्रिय दिखाई दे रहा है।
संयुक्त बयान में दोनों देशों ने मिसाइल तैनाती और सैन्य सिद्धांतों पर भी चिंता जताई।
चीन और रूस ने कहा कि उनके क्षेत्रों के आसपास अमेरिकी मिसाइल रक्षा परियोजनाएँ और सैन्य तैनाती रणनीतिक स्थिरता के लिए स्पष्ट खतरा पैदा कर सकती हैं।
उन्होंने उन सैन्य सिद्धांतों की भी आलोचना की जो प्रीएम्प्टिव (पहले हमला करने वाली) मिसाइल या परमाणु स्ट्राइक की अनुमति देते हैं। उनके अनुसार ऐसे सिद्धांत संकट के समय गलत आकलन और तेजी से बढ़ते सैन्य टकराव का जोखिम बढ़ाते हैं।
सुरक्षा मुद्दों के अलावा इस बैठक में व्यापक भू‑राजनीतिक लक्ष्य भी सामने आए। शी और पुतिन ने एक संयुक्त घोषणा पर हस्ताक्षर किए जिसमें “बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था” और “नई प्रकार की अंतरराष्ट्रीय संबंध प्रणाली” का समर्थन किया गया।
इस विचार का मतलब है कि वैश्विक शक्ति केवल एक या दो देशों तक सीमित न रहे, बल्कि कई प्रभावशाली केंद्रों के बीच संतुलित हो। चीन और रूस इसे अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में सुधार और वैकल्पिक सहयोग ढाँचों को मजबूत करने की दिशा में कदम बताते हैं।
बीजिंग की इस बैठक ने कई स्पष्ट संकेत दिए:
आर्थिक मोर्चे पर कोई बड़ा नया समझौता सामने नहीं आया, लेकिन कूटनीतिक स्तर पर यह बैठक साफ संकेत देती है कि बीजिंग और मॉस्को सुरक्षा और वैश्विक शासन के मुद्दों पर अपने रुख को और अधिक समन्वित करने की कोशिश कर रहे हैं।
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20 मई 2026 को बीजिंग में हुई बैठक में शी जिनपिंग और व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका की ‘गोल्डन डोम’ मिसाइल रक्षा योजना को वैश्विक रणनीतिक स्थिरता के लिए खतरा बताया।
20 मई 2026 को बीजिंग में हुई बैठक में शी जिनपिंग और व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका की ‘गोल्डन डोम’ मिसाइल रक्षा योजना को वैश्विक रणनीतिक स्थिरता के लिए खतरा बताया। दोनों नेताओं ने चेतावनी दी कि बड़े पैमाने की मिसाइल रक्षा और प्रीएम्प्टिव स्ट्राइक सिद्धांत परमाणु संतुलन को कमजोर कर सकते हैं और हथियारों की नई दौड़ शुरू कर सकते हैं।
बैठक में लगभग दो दर्जन सहयोग समझौते हुए और एक घोषणा के जरिए ‘बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था’ को बढ़ावा देने का साझा लक्ष्य सामने आया।