1–2 नवंबर 2026 की रात यूक्रेन और रूस—दोनों ने अपने आपातकालीन चेतावनी ऐप पर साइबर हमलों की सूचना दी। यूक्रेन के एयर अलर्ट ऐप पर परमाणु और रासायनिक खतरे के साथ-साथ सड़क पर लड़ाई के फर्जी संदेश आए। रूस के आपात स्थिति मंत्रालय ने भी कहा कि उसके ऐप पर बड़े साइबर हमले के जरिए गलत जानकारी फैलायी गई। दोनों घटनाओं के जिम्मेदार कौन थे या क्या वे आपस में जुड़ी थीं—इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
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यूक्रेन के ऐप पर क्या संदेश आए?
यूक्रेन के एयर अलर्ट ऐप पर कीव और अन्य इलाकों में परमाणु तथा रासायनिक खतरे की झूठी चेतावनियाँ दिखीं। कुछ संदेशों में सड़क पर लड़ाई की बात कही गई, जबकि एक अन्य फर्जी संदेश में दावा था कि रूस की ओरेश्निक हाइपरसोनिक मिसाइल तैनात कर दी गई है। यूक्रेनी वायुसेना ने कहा कि ऐप में अनधिकृत हस्तक्षेप हुआ है और लोगों से शांत रहने को कहा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि विकिरण का कोई खतरा नहीं था।
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रूस के ऐप पर भी फैलीं फर्जी चेतावनियाँ
यूक्रेन की खबर के कुछ घंटों बाद रूस के आपात स्थिति मंत्रालय ने अपने ऐप पर “बड़े साइबर हमले” की सूचना दी और कहा कि इसके जरिए गलत जानकारी फैलाई गई। रिपोर्टों में बेलगोरोद, ओर्योल, वोरोनेझ और रोस्तोव क्षेत्रों में परमाणु खतरे की फर्जी सूचनाओं का जिक्र है।
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एक रिपोर्ट के अनुसार, एक संदेश में दावा किया गया था कि रूस के सभी क्षेत्रों की ओर परमाणु वारहेड भेजे गए हैं और लोगों को खाने-पीने का सामान जमा करने को कहा गया। हालांकि, उस संदेश के सटीक शब्दों और निर्देशों की पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों से उतनी मजबूती से नहीं होती।
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ऐप बंद हुआ, फिर बहाल किया गया
अनधिकृत हस्तक्षेप के बाद यूक्रेन की एयर अलर्ट सेवा को कुछ समय के लिए निलंबित किया गया था। यूक्रेनी अधिकारियों ने बाद में बताया कि ऐप रात में फिर चालू कर दिया गया।
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सेवा बाधित रहने के दौरान यूक्रेन के डिजिटल परिवर्तन मंत्रालय ने लोगों को हवाई खतरे की जानकारी के लिए फोन की आपातकालीन सूचनाओं, सायरन और वायुसेना के आधिकारिक चैनलों का इस्तेमाल करने की सलाह दी। अधिकारियों ने संदिग्ध सूचनाओं में दिए गए लिंक पर क्लिक न करने की चेतावनी भी दी।
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ऐसे ऐप पर लोग खतरे का अलर्ट मिलने पर तय करते हैं कि उन्हें कहाँ और कब आश्रय लेना है। इसलिए फर्जी चेतावनी बेवजह घबराहट पैदा कर सकती है, जबकि सेवा बंद होने से असली खतरे की सूचना पाना भी मुश्किल हो सकता है। अधिकारियों ने ऐप बाधित रहने पर दूसरे आधिकारिक माध्यम बताए थे—इसलिए इस घटना को भविष्य के अलर्ट नज़रअंदाज़ करने की वजह नहीं मानना चाहिए।
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हमलावर कौन था, इसकी पुष्टि नहीं
यूक्रेन के रणनीतिक संचार केंद्र ने अपने ऐप पर हमले के लिए रूस को जिम्मेदार ठहराया। यह यूक्रेनी अधिकारियों का आरोप है; उपलब्ध रिपोर्टों में हमलावर की पहचान साबित करने वाला स्वतंत्र रूप से सत्यापित तकनीकी साक्ष्य नहीं दिया गया।
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रूसी ऐप के मामले में भी जिम्मेदारी के दावे अपुष्ट हैं। एतेश ने कहा कि यूक्रेन समर्थक हैकरों ने ऐप में सेंध लगाई थी, लेकिन इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई। रूस का यह कहना कि उसके ऐप पर हमला हुआ, घटना की पुष्टि करता है—हमलावर की पहचान की नहीं।
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एक अलग रिपोर्ट के मुताबिक, एक फर्जी पोस्ट में हैकिंग समूह हिटकोर का नाम आया था। रूसी टेलीग्राम चैनल माश ने कहा कि समूह के प्रतिनिधियों ने जिम्मेदारी लेने का दावा किया; इस दावे की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी।
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दोनों ऐप पर हमले कुछ ही घंटों के अंतर से हुए, लेकिन केवल समय का मेल यह साबित नहीं करता कि वे किसी साझा अभियान या जवाबी कार्रवाई का हिस्सा थे। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, उनके बीच संबंध स्पष्ट नहीं है।
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ओलेश्की में स्थानीय संघर्षविराम भी उसी दिन खत्म हुआ
ये घटनाएँ यूक्रेन के खेरसॉन क्षेत्र के ओलेश्की के आसपास छह दिन के स्थानीय संघर्षविराम के रविवार को समाप्त होने के समय हुईं। कीव ने कहा कि रूस ने इसे बढ़ाने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया। यह घटनाओं का संदर्भ है; उपलब्ध रिपोर्टें संघर्षविराम खत्म होने और ऐप पर हमलों के बीच कोई कारणात्मक संबंध स्थापित नहीं करतीं।
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