इसका मतलब है कि चीन ने तकनीकी समस्या की पुष्टि तो की है, लेकिन उसके मूल कारण का खुलासा अभी नहीं हुआ। कुछ रिपोर्टों में विस्फोट का समय उड़ान के करीब 83 सेकंड बाद बताया गया, जबकि अन्य रिपोर्टों और वीडियो विश्लेषण में यह लगभग 85 सेकंड बताया गया है।
लॉन्ग मार्च 7A का निर्माण चाइना एकेडमी ऑफ लॉन्च व्हीकल टेक्नोलॉजी करती है, जो बीजिंग स्थित CASC की एक सहायक संस्था है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार रॉकेट की प्रमुख विशिष्टताएं इस प्रकार हैं:
जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट (GTO) एक अस्थायी, अत्यधिक अंडाकार कक्षा होती है। उपग्रहों को आगे चलकर भूस्थिर कक्षा में पहुंचाने के लिए पहले इस कक्षा में स्थापित किया जा सकता है। 7 मीट्रिक टन तक की क्षमता लॉन्ग मार्च 7A को भारी उपग्रहों और ऊंची कक्षाओं से जुड़े मिशनों के लिए उपयोगी बनाती है।
यह लॉन्ग मार्च 7A की दूसरी विफलता थी। ChinaSat 4B मिशन से पहले रॉकेट 17 अंतरिक्ष मिशन पूरे कर चुका था। इस घटना के साथ कई वर्षों से चली आ रही सफल लॉन्च की श्रृंखला समाप्त हो गई।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि तकनीकी खराबी केवल इसी रॉकेट तक सीमित थी या इसके पीछे कोई व्यापक प्रणालीगत समस्या भी हो सकती है। हालांकि, शुरुआती आधिकारिक बयानों के समय तक सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जांच निष्कर्ष CASC की ‘तकनीकी खराबियों’ वाली व्याख्या से आगे नहीं बढ़े थे।