22 मई 2026 को SpaceX का 407–408 फुट ऊँचा Starship V3 पहली बार उड़ा, अंतरिक्ष पहुँचा और 22 टेस्ट पेलोड तैनात किए, लेकिन Super Heavy बूस्टर वापसी के दौरान मैक्सिको की खाड़ी में गिर गया। नई Raptor 3 इंजन तकनीक और Starbase के नए Launch Pad 2 से यह पहली उड़ान थी, जो Starship V3 के बड़े डिज़ाइन अपग्रेड का परीक्षण थी। मिशन...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What happened during SpaceX’s first test launch of the upgraded Starship V3 rocket in May 2026, including details about the **407‑foot rocke. Article summary: SpaceX’s first Starship V3 test flight on May 22, 2026 was mostly successful: the roughly 407–408 foot rocket lifted off from Starbase, separated cleanly, reached space, deployed its test payloads, and completed a planne. Topic tags: general, general web, user generated. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "* [[ May 23, 2026 ] Musk praises “epic” Super Heavy-Starship launch Mission Reports](https://spaceflightnow.com/2026/05/23/musk-praises-epic-super-heavy-starship-launch/ "Musk" source context "Musk praises “epic” Super Heavy-Starship launch - Spaceflight Now" Reference image 2: visual subject "* [[ May 23, 2026 ]
SpaceX ने 22 मई 2026 को अपने अपग्रेडेड रॉकेट सिस्टम Starship Version 3 (V3) का पहला टेस्ट लॉन्च किया। लगभग 407–408 फुट (करीब 124 मीटर) ऊँचा यह वाहन अब तक बनाया गया सबसे बड़ा रॉकेट माना जाता है। यह टेक्सास के दक्षिणी हिस्से में स्थित SpaceX के Starbase लॉन्च साइट से उड़ा। इस मिशन को Starship Flight 12 कहा गया।
टेस्ट फ्लाइट ने कई अहम लक्ष्य पूरे किए—रॉकेट अंतरिक्ष तक पहुँचा, टेस्ट सैटेलाइट तैनात किए और पृथ्वी के वायुमंडल में दोबारा प्रवेश (re‑entry) का परीक्षण किया। लेकिन मिशन पूरी तरह परफेक्ट नहीं रहा: Super Heavy बूस्टर वापसी के दौरान खो गया, और अंत में Starship समुद्र में टकराकर नष्ट हो गया।
लॉन्च शाम 6:30 बजे (Eastern Time) पर हुआ, जब दो‑स्टेज वाला विशाल रॉकेट Starbase से उड़ान भरता दिखाई दिया। रॉकेट के पहले चरण Super Heavy booster में 33 मीथेन‑ईंधन वाले Raptor इंजन लगे थे, जिन्होंने इसे आसमान की ओर धकेला।
यह उड़ान कई कारणों से खास थी:
इन बदलावों का उद्देश्य भविष्य में तेज़ और अधिक बार रॉकेट लॉन्च करना है।
लॉन्च के कुछ मिनट बाद रॉकेट के दोनों हिस्से सफलतापूर्वक अलग हो गए। इसे stage separation कहा जाता है। इसके बाद:
योजना के मुताबिक बूस्टर को मैक्सिको की खाड़ी (Gulf of Mexico) में एक सिमुलेटेड लैंडिंग करनी थी।
लेकिन वापसी के दौरान एक बड़ी तकनीकी समस्या सामने आई। बूस्टर के इंजन boostback burn के लिए दोबारा ठीक से चालू नहीं हुए। इस वजह से नियंत्रण खो गया और बूस्टर घूमते हुए समुद्र में गिर गया, जहाँ वह संभवतः टूट गया या विस्फोट हो गया।
बूस्टर के खो जाने के बावजूद मिशन का ऊपरी हिस्सा—Starship—अपनी उड़ान जारी रखने में सफल रहा।
उड़ान के दौरान Starship के छह Raptor इंजनों में से एक बंद हो गया, लेकिन वाहन स्थिर रहा और अंतरिक्ष तक पहुँच गया।
अंतरिक्ष में पहुँचने के बाद Starship ने मिशन का एक अहम लक्ष्य पूरा किया: टेस्ट पेलोड तैनात करना। इसमें शामिल थे:
ये परीक्षण भविष्य में Starship से बड़े पैमाने पर Starlink सैटेलाइट लॉन्च करने की तैयारी का हिस्सा हैं।
अपने अंतरिक्ष मिशन पूरा करने के बाद Starship ने पृथ्वी की ओर वापसी शुरू की। इसका लक्ष्य हिंद महासागर (Indian Ocean) में एक निर्धारित स्प्लैशडाउन क्षेत्र था।
वाहन ने वायुमंडल में दोबारा प्रवेश सफलतापूर्वक किया और अपनी नियोजित लैंडिंग प्रोफ़ाइल का पालन किया। लेकिन समुद्र से टकराते समय या उसके तुरंत बाद Starship में विस्फोट हो गया, जिससे मिशन समाप्त हो गया।
फिर भी इस उड़ान ने कई महत्वपूर्ण क्षमताएँ दिखाईं—जैसे अंतरिक्ष तक पहुँचना, पेलोड तैनात करना और re‑entry परीक्षण।
Starship V3 की पहली उड़ान शुरुआत में तय समय पर नहीं हो पाई। SpaceX ने इसे पहले मई 2026 के मध्य में लॉन्च करने की योजना बनाई थी।
समस्या ठीक करने के बाद कंपनी ने 22 मई को दोबारा काउंटडाउन शुरू किया और उसी दिन सफलतापूर्वक लॉन्च किया।
हालाँकि मिशन में कुछ समस्याएँ आईं, फिर भी इसे तकनीकी रूप से काफी सफल माना गया क्योंकि इसने Starship V3 आर्किटेक्चर के कई नए पहलुओं का परीक्षण किया।
SpaceX के लिए यह रॉकेट कई बड़े लक्ष्यों से जुड़ा है:
SpaceX लगातार टेस्ट उड़ानों से डेटा इकट्ठा कर रही है ताकि हर नए संस्करण में डिज़ाइन और सिस्टम बेहतर बनाए जा सकें।
Starship V3 की पहली उड़ान ने SpaceX की महत्वाकांक्षी योजना की झलक दिखा दी। रॉकेट अंतरिक्ष पहुँचा, टेस्ट सैटेलाइट तैनात किए और कई अहम सिस्टम काम करते दिखे—लेकिन बूस्टर खो गया और Starship समुद्र में टकराकर नष्ट हो गया।
SpaceX के लिए यह असफलता नहीं बल्कि सीखने की प्रक्रिया का हिस्सा है। इस उड़ान से मिले डेटा के आधार पर कंपनी अगले Starship मिशनों को बेहतर बनाने की कोशिश करेगी—जो भविष्य में बड़े सैटेलाइट लॉन्च, चंद्र मिशन और शायद मंगल तक मानव यात्रा का रास्ता खोल सकते हैं।
Studio Global AI
Use this topic as a starting point for a fresh source-backed answer, then compare citations before you share it.
22 मई 2026 को SpaceX का 407–408 फुट ऊँचा Starship V3 पहली बार उड़ा, अंतरिक्ष पहुँचा और 22 टेस्ट पेलोड तैनात किए, लेकिन Super Heavy बूस्टर वापसी के दौरान मैक्सिको की खाड़ी में गिर गया।
22 मई 2026 को SpaceX का 407–408 फुट ऊँचा Starship V3 पहली बार उड़ा, अंतरिक्ष पहुँचा और 22 टेस्ट पेलोड तैनात किए, लेकिन Super Heavy बूस्टर वापसी के दौरान मैक्सिको की खाड़ी में गिर गया। नई Raptor 3 इंजन तकनीक और Starbase के नए Launch Pad 2 से यह पहली उड़ान थी, जो Starship V3 के बड़े डिज़ाइन अपग्रेड का परीक्षण थी।
मिशन ने Starlink सैटेलाइट लॉन्च, NASA के Artemis चंद्र मिशन और भविष्य के मंगल अभियानों के लिए महत्वपूर्ण तकनीकों का परीक्षण किया।