लगभग उसी समय कीव में अमेरिकी दूतावास ने भी सुरक्षा अलर्ट जारी किया। उसमें कहा गया कि उन्हें अगले 24 घंटों में "संभावित रूप से बड़ा हवाई हमला" होने की जानकारी मिली है। दूतावास ने यूक्रेन में मौजूद अमेरिकी नागरिकों से कहा कि सायरन बजते ही तुरंत शरण लेने के लिए तैयार रहें।
कुछ ही घंटों बाद राजधानी पर हुआ वास्तविक हमला इन चेतावनियों को सही साबित करता दिखाई दिया।
ओरेश्निक (Oreshnik) रूस की एक इंटरमीडिएट‑रेंज बैलिस्टिक मिसाइल (IRBM) मानी जाती है, जिसे लंबी दूरी पर बेहद तेज़ गति से हमला करने के लिए डिजाइन किया गया है। विश्लेषकों के अनुसार यह रूस की RS‑26 Rubezh मिसाइल प्रणाली से जुड़ी या उसी से विकसित हो सकती है।
रक्षा विशेषज्ञ इसके कुछ प्रमुख गुण बताते हैं:
इस मिसाइल का पहला वास्तविक युद्ध उपयोग नवंबर 2024 में यूक्रेन के ड्नीप्रो शहर पर हमले के दौरान बताया गया था, जिसने वैश्विक स्तर पर काफी ध्यान खींचा।
सैन्य विश्लेषकों के अनुसार ओरेश्निक कई कारणों से चिंताजनक है।
सबसे पहले इसकी बेहद तेज़ गति और बैलिस्टिक उड़ान प्रोफाइल। इतनी तेज़ गति होने से रडार और एयर‑डिफेंस सिस्टम को मिसाइल को पहचानने, ट्रैक करने और इंटरसेप्ट करने के लिए बहुत कम समय मिलता है।
दूसरा, इसकी MIRV क्षमता। एक ही मिसाइल के कई वारहेड अंतिम चरण में अलग‑अलग दिशाओं में जा सकते हैं, जिससे एयर‑डिफेंस सिस्टम के लिए उन्हें रोकना और भी मुश्किल हो जाता है।
तीसरा, यह मिसाइल न्यूक्लियर‑कैपेबल मानी जाती है। इसलिए भले ही इसमें पारंपरिक वारहेड इस्तेमाल किए जाएँ, इसका लॉन्च रणनीतिक संदेश भी देता है और इसे बड़े सैन्य या राजनीतिक संकेत के रूप में देखा जा सकता है।
24 मई का हमला अकेली घटना नहीं है। हाल के हफ्तों में रूस ने यूक्रेन पर ड्रोन और मिसाइलों के बड़े‑बड़े हमले किए हैं।
मई 2026 के मध्य में रूस ने दो दिनों में सैकड़ों ड्रोन और दर्जनों मिसाइलों के साथ हमला किया, जिसे युद्ध शुरू होने के बाद का सबसे बड़ा हवाई हमला बताया गया।
इन हमलों में कीव सहित कई शहरों में अपार्टमेंट इमारतें और नागरिक ढाँचे क्षतिग्रस्त हुए तथा कई लोग हताहत हुए।
इस पृष्ठभूमि में 24 मई का हमला रूस की बढ़ती हवाई रणनीति और दबाव की नीति का हिस्सा माना जा रहा है — खासकर तब, जब उन्नत हथियार प्रणालियों जैसे ओरेश्निक के इस्तेमाल की आशंका भी जताई जा रही है।
24 मई को कीव पर हुआ रूसी हमला ड्रोन और मिसाइलों का बड़ा संयुक्त हमला था, जो यूक्रेनी और अमेरिकी चेतावनियों के कुछ ही घंटों बाद हुआ। इस घटना में सबसे अधिक चिंता ओरेश्निक इंटरमीडिएट‑रेंज बैलिस्टिक मिसाइल की संभावित भूमिका को लेकर रही, क्योंकि इसकी तेज़ गति, कई वारहेड क्षमता और परमाणु‑सक्षम डिजाइन इसे आधुनिक एयर‑डिफेंस के लिए बेहद कठिन चुनौती बनाते हैं।
विश्लेषकों का कहना है कि जैसे‑जैसे युद्ध लंबा खिंच रहा है, रूस द्वारा बड़े पैमाने पर हवाई हमलों और उन्नत मिसाइल प्रणालियों के उपयोग की संभावना भी बढ़ती जा रही है।
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