19 अगस्त 2026 को झूके 3 Y 2 ने होंगहू 03 उपग्रह को निर्धारित कक्षा में पहुंचाया और अपने पहले चरण को गांसू के मिनचिन रिकवरी पैड पर उतारा—यह चीन में लैंडिंग पैरों के सहारे ऑर्बिटल क्लास बूस्टर की पहली नियंत्रित जमीन आध... इस मिशन ने लैंडस्पेस को केवल रिकवरी तकनीक के प्रदर्शन से आगे बढ़ाकर डिजाइन, प्रक्षेपण, रिकवरी, न...
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शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What happened during LandSpace’s August 19, 2026 Zhuque-3 Y-2 mission from the Dongfeng Commercial Aerospace Innovation Pilot Zone—particula. Article summary: On 19 August 2026, LandSpace’s Zhuque-3 Y-2 launched from the Dongfeng Commercial Aerospace Innovation Pilot Zone, placed the Honghu-03 satellite into its intended orbit, and returned its first stage for a planned uprigh. Topic tags: general, news, general web, user generated. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts w
19 अगस्त 2026 को लैंडस्पेस के झूके-3 Y-2 रॉकेट ने चीन के डोंगफेंग कमर्शियल एयरोस्पेस इनोवेशन पायलट ज़ोन से उड़ान भरी। रॉकेट के ऊपरी चरण ने होंगहू-03 उपग्रह को उसकी निर्धारित कक्षा में पहुंचाया, जबकि पहला चरण करीब छह मिनट बाद गांसू प्रांत के मिनचिन काउंटी स्थित झूके-3 रिकवरी पैड पर सीधा उतर गया। टचडाउन लगभग सुबह 7:41 बजे हुआ। 3
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इस उपलब्धि का सबसे सटीक वर्णन यह है कि झूके-3 ने ऑर्बिटल-क्लास बूस्टर की नियंत्रित, जमीन-आधारित और लैंडिंग-पैरों से समर्थित लैंडिंग सफलतापूर्वक प्रदर्शित की। यह चीन के लिए एक महत्वपूर्ण पहली उपलब्धि है। लेकिन किसी बूस्टर का एक बार उतर जाना और उसका आर्थिक रूप से दोबारा इस्तेमाल साबित होना, दो अलग-अलग बातें हैं। लैंडिंग के बाद बूस्टर के पिछले हिस्से में आग दिखने और उसके स्थिर सहारे से जुड़ी संभावित समस्या की रिपोर्टें आईं। इसलिए उसके वास्तविक निरीक्षण और अगली उड़ान के लिए तैयार होने की स्थिति अभी स्थापित होनी बाकी है। 5
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Y-2 से पहले चीन ने किसी ऑर्बिटल-क्लास प्रक्षेपण यान के पहले चरण को तैनात किए जा सकने वाले लैंडिंग पैरों की मदद से नियंत्रित तरीके से जमीन पर नहीं उतारा था। इस मिशन ने केवल छोटे पैमाने के रिकवरी प्रयोग के बजाय एक पूर्ण आकार के कक्षीय रॉकेट पर कई जटिल प्रक्रियाओं को एक साथ परखा—अंतरिक्ष तक पहुंचना, चरणों का अलग होना, वायुमंडल में दोबारा प्रवेश करना और फिर इंजन की मदद से तैयार लैंडिंग पैड पर सटीक उतरना। 1
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व्यावसायिक दृष्टि से असली परीक्षा यहीं से शुरू होती है। पुन: उपयोग योग्य रॉकेट को सिर्फ एक बार वापस नहीं आना होता। कंपनी को ऐसा दोहराए जा सकने वाला सिस्टम बनाना पड़ता है जिसमें रॉकेट का डिजाइन, उत्पादन, परीक्षण, प्रक्षेपण, रिकवरी, निरीक्षण, मरम्मत और फिर उड़ान—सभी चरण भरोसेमंद और किफायती हों। लैंडस्पेस और चीनी सरकारी मीडिया ने Y-2 को रिकवरी तकनीक के सत्यापन से आगे बढ़कर पुन: उपयोग की इंजीनियरिंग पुष्टि की दिशा में कदम बताया है। 2
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इस सफलता के साथ लैंडस्पेस उन चुनिंदा निजी कंपनियों में शामिल हो गया है जिनके ऑर्बिटल-क्लास बूस्टर के जमीन पर उतरने की रिपोर्ट है। इस सूची में स्पेसएक्स और ब्लू ओरिजिन भी शामिल हैं। 1
झूके-3 Y-2 ने स्थानीय समयानुसार सुबह 7:35 बजे उड़ान भरी। लगभग 137 सेकंड बाद पहला और दूसरा चरण अलग हो गया। दूसरा चरण कक्षीय मिशन को आगे ले गया और होंगहू-03 को तैनात किया। इसके बाद पहला चरण स्वचालित रूप से मिनचिन की ओर लौटने लगा, जो प्रक्षेपण क्षेत्र से लगभग 390 किलोमीटर दूर था। 3
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वापसी के दौरान बूस्टर ने अपने रिटर्न-कंट्रोल सिस्टम, ग्रिड फिन और इंजनों के दोबारा प्रज्वलन का इस्तेमाल किया। अंतिम अवतरण से पहले उसने गति कम करने के लिए नियंत्रित इंजन-बर्न किया, लैंडिंग पैर खोले और निर्धारित पैड पर लगभग सीधा टचडाउन किया। आधिकारिक और समकालीन रिपोर्टों में लैंडिंग क्रम को योजना के अनुसार पूरा बताया गया। 4
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हालांकि, बाद की स्वतंत्र रिपोर्टों में टचडाउन के बाद रॉकेट के पिछले हिस्से में आग दिखाई देने वाले वीडियो का उल्लेख किया गया। एक रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि शुरुआती सीधी लैंडिंग के बाद वाहन संभवतः पलट गया। ये घटनाक्रम नियंत्रित टचडाउन की उपलब्धि को खत्म नहीं करते, लेकिन दावे की सीमा स्पष्ट करते हैं: Y-2 ने पैड तक पहुंचने और सीधा उतरने की क्षमता दिखाई, जबकि बूस्टर लैंडिंग के बाद निरीक्षण योग्य स्थिति में बचा या दोबारा उड़ान के लिए तैयार है या नहीं, यह आगे की जांच से तय होगा। 5
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झूके-3 दो चरणों वाला तरल-ईंधन रॉकेट है, जिसे पहले चरण के पुन: उपयोग को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसकी रिपोर्ट की गई प्रमुख विशेषताएं हैं:
पहले चरण में रिएक्शन-कंट्रोल सिस्टम यानी RCS, ग्रिड फिन और खुलने-बंद होने वाले लैंडिंग पैर लगाए गए हैं। ये प्रणालियां अलग-अलग उड़ान अवस्थाओं में रॉकेट का रुख नियंत्रित करने, वापसी के दौरान उसे सही दिशा में रखने, लैंडिंग क्षेत्र तक पहुंचाने, इंजन-बर्न से गति घटाने और अंत में लंबवत टचडाउन में मदद करती हैं। 2
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इस डिजाइन की अहमियत इसलिए भी है क्योंकि रिकवरी हार्डवेयर किसी अलग परीक्षण यान पर नहीं, बल्कि वास्तविक ऑर्बिटल लॉन्च व्हीकल में एकीकृत है। यानी एक ही उड़ान में प्रणोदन, ढांचा, वायुगतिकी, मार्गदर्शन, तापीय सुरक्षा, लैंडिंग हार्डवेयर और जमीन पर संचालन के बीच तालमेल की परीक्षा हुई। 2
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झूके-3 Y-1 ने दिसंबर 2025 में अपनी पहली उड़ान के दौरान उपग्रह को कक्षा में पहुंचा दिया था। पहले चरण ने भी पुनःप्रवेश, गति घटाने और अंतिम अवतरण की बड़ी प्रक्रियाएं पूरी कीं, लेकिन लैंडिंग के आखिरी चरण में वह असफल रहा। रिपोर्टों के अनुसार, लैंडिंग-इग्निशन क्रम से जुड़ी असामान्य दहन समस्या इसके पीछे थी। 8
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Y-2 में कई लक्षित बदलाव किए गए:
इसलिए Y-2 महज दूसरी कोशिश नहीं थी। टीम ने Y-1 से मिले उड़ान डेटा और इंजीनियरिंग अनुभव के आधार पर हार्डवेयर और नियंत्रण व्यवस्था में बदलाव किए और फिर उन्हें वास्तविक ऑर्बिटल मिशन में परखा। 18
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Y-2 पर लैंडस्पेस का विकसित किया गया गैर-पायरोटेक्निक स्टैक्ड-कंप्रेशन रिलीज डिवाइस भी परीक्षण के लिए लगाया गया था। इसमें उपग्रहों के समूह को यांत्रिक दबाव से सुरक्षित रखने और फिर इलेक्ट्रॉनिक समय-क्रम के अनुसार एक-एक करके अलग करने की व्यवस्था है। इस तरह इसमें पकड़ और अलगाव नियंत्रण की दोहरी सुरक्षा दी गई है। 17
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यह तकनीक उन मिशनों के लिए उपयोगी हो सकती है जिनमें कई उपग्रह एक साथ लॉन्च करके क्रमशः कक्षा में छोड़े जाते हैं। बड़े सैटेलाइट कॉन्स्टेलेशन यानी उपग्रह समूहों के निर्माण में केवल रॉकेट की क्षमता ही महत्वपूर्ण नहीं होती; एक ही उड़ान में उपग्रहों के बैच को तेज और सुरक्षित तरीके से तैनात करना भी उतना ही अहम है। 17
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Y-2 ने दिखाया कि लैंडस्पेस का झूके-3 सिस्टम एक ही ऑर्बिटल उड़ान में उपग्रह को कक्षा तक पहुंचाने, पहले चरण को नियंत्रित तरीके से वापस लाने और उसे जमीन पर सीधा उतारने में सक्षम है। इसने तरल ऑक्सीजन-मीथेन प्रणोदन, स्टेनलेस-स्टील रॉकेट संरचना, वापसी नियंत्रण और लैंडिंग-पैरों की व्यवस्था को वास्तविक उड़ान में एक साथ काम करते हुए भी परखा। 2
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लेकिन इससे अभी यह साबित नहीं होता कि बूस्टर नियमित पुन: उपयोग के लिए तैयार है या पुन: उपयोग की आर्थिक बचत हासिल हो चुकी है। अब चरण की विस्तृत जांच, नुकसान का आकलन, रखरखाव और दोबारा उड़ान जरूरी है। लैंडस्पेस ने “प्रक्षेपण–रिकवरी–निरीक्षण–पुन: उपयोग” का चक्र बनाने की योजना बताई है और छह महीने के भीतर बरामद चरण की रीफ्लाइट परीक्षण की योजना भी रिपोर्ट की गई है। 52
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यही अगली उड़ान सबसे निर्णायक व्यावसायिक परीक्षा होगी। सफल लैंडिंग यह बताती है कि बूस्टर को नियंत्रण में वापस लाया जा सकता है। लेकिन सफल निरीक्षण और दूसरी उड़ान यह संकेत देगी कि वह बड़े सैटेलाइट कॉन्स्टेलेशन और कम लागत वाले व्यावसायिक मिशनों के लिए भरोसेमंद, बार-बार इस्तेमाल होने वाला लॉन्च संसाधन बन सकता है। 48
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Studio Global AI
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19 अगस्त 2026 को झूके 3 Y 2 ने होंगहू 03 उपग्रह को निर्धारित कक्षा में पहुंचाया और अपने पहले चरण को गांसू के मिनचिन रिकवरी पैड पर उतारा—यह चीन में लैंडिंग पैरों के सहारे ऑर्बिटल क्लास बूस्टर की पहली नियंत्रित जमीन आध...
19 अगस्त 2026 को झूके 3 Y 2 ने होंगहू 03 उपग्रह को निर्धारित कक्षा में पहुंचाया और अपने पहले चरण को गांसू के मिनचिन रिकवरी पैड पर उतारा—यह चीन में लैंडिंग पैरों के सहारे ऑर्बिटल क्लास बूस्टर की पहली नियंत्रित जमीन आध... इस मिशन ने लैंडस्पेस को केवल रिकवरी तकनीक के प्रदर्शन से आगे बढ़ाकर डिजाइन, प्रक्षेपण, रिकवरी, निरीक्षण, रखरखाव और दोबारा उड़ान वाले इंजीनियरिंग पुन: उपयोग कार्यक्रम की दिशा में पहुंचाया।
Y 1 की अंतिम लैंडिंग में आई असामान्य दहन समस्या के बाद Y 2 में लैंडिंग प्रोपल्शन को सरल किया गया, स्वायत्त वापसी और सुरक्षा नियंत्रण सुधारे गए तथा पुनःप्रवेश के तापीय और वायुगतिकीय दबावों से सुरक्षा बढ़ाई गई।
19 अगस्त 2026 को झूके 3 Y 2 ने होंगहू 03 उपग्रह को निर्धारित कक्षा में पहुंचाया और अपने पहले चरण को गांसू के मिनचिन रिकवरी पैड पर उतारा—यह चीन में लैंडिंग पैरों के सहारे ऑर्बिटल क्लास बूस्टर की पहली नियंत्रित जमीन आध... इस मिशन ने लैंडस्पेस को केवल रिकवरी तकनीक के प्रदर्शन से आगे बढ़ाकर डिजाइन, प्रक्षेपण, रिकवरी, न...
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19 अगस्त 2026 को लैंडस्पेस के झूके-3 Y-2 रॉकेट ने चीन के डोंगफेंग कमर्शियल एयरोस्पेस इनोवेशन पायलट ज़ोन से उड़ान भरी। रॉकेट के ऊपरी चरण ने होंगहू-03 उपग्रह को उसकी निर्धारित कक्षा में पहुंचाया, जबकि पहला चरण करीब छह मिनट बाद गांसू प्रांत के मिनचिन काउंटी स्थित झूके-3 रिकवरी पैड पर सीधा उतर गया। टचडाउन लगभग सुबह 7:41 बजे हुआ। 3
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इस उपलब्धि का सबसे सटीक वर्णन यह है कि झूके-3 ने ऑर्बिटल-क्लास बूस्टर की नियंत्रित, जमीन-आधारित और लैंडिंग-पैरों से समर्थित लैंडिंग सफलतापूर्वक प्रदर्शित की। यह चीन के लिए एक महत्वपूर्ण पहली उपलब्धि है। लेकिन किसी बूस्टर का एक बार उतर जाना और उसका आर्थिक रूप से दोबारा इस्तेमाल साबित होना, दो अलग-अलग बातें हैं। लैंडिंग के बाद बूस्टर के पिछले हिस्से में आग दिखने और उसके स्थिर सहारे से जुड़ी संभावित समस्या की रिपोर्टें आईं। इसलिए उसके वास्तविक निरीक्षण और अगली उड़ान के लिए तैयार होने की स्थिति अभी स्थापित होनी बाकी है। 5
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Y-2 से पहले चीन ने किसी ऑर्बिटल-क्लास प्रक्षेपण यान के पहले चरण को तैनात किए जा सकने वाले लैंडिंग पैरों की मदद से नियंत्रित तरीके से जमीन पर नहीं उतारा था। इस मिशन ने केवल छोटे पैमाने के रिकवरी प्रयोग के बजाय एक पूर्ण आकार के कक्षीय रॉकेट पर कई जटिल प्रक्रियाओं को एक साथ परखा—अंतरिक्ष तक पहुंचना, चरणों का अलग होना, वायुमंडल में दोबारा प्रवेश करना और फिर इंजन की मदद से तैयार लैंडिंग पैड पर सटीक उतरना। 1
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व्यावसायिक दृष्टि से असली परीक्षा यहीं से शुरू होती है। पुन: उपयोग योग्य रॉकेट को सिर्फ एक बार वापस नहीं आना होता। कंपनी को ऐसा दोहराए जा सकने वाला सिस्टम बनाना पड़ता है जिसमें रॉकेट का डिजाइन, उत्पादन, परीक्षण, प्रक्षेपण, रिकवरी, निरीक्षण, मरम्मत और फिर उड़ान—सभी चरण भरोसेमंद और किफायती हों। लैंडस्पेस और चीनी सरकारी मीडिया ने Y-2 को रिकवरी तकनीक के सत्यापन से आगे बढ़कर पुन: उपयोग की इंजीनियरिंग पुष्टि की दिशा में कदम बताया है। 2
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इस सफलता के साथ लैंडस्पेस उन चुनिंदा निजी कंपनियों में शामिल हो गया है जिनके ऑर्बिटल-क्लास बूस्टर के जमीन पर उतरने की रिपोर्ट है। इस सूची में स्पेसएक्स और ब्लू ओरिजिन भी शामिल हैं। 1
झूके-3 Y-2 ने स्थानीय समयानुसार सुबह 7:35 बजे उड़ान भरी। लगभग 137 सेकंड बाद पहला और दूसरा चरण अलग हो गया। दूसरा चरण कक्षीय मिशन को आगे ले गया और होंगहू-03 को तैनात किया। इसके बाद पहला चरण स्वचालित रूप से मिनचिन की ओर लौटने लगा, जो प्रक्षेपण क्षेत्र से लगभग 390 किलोमीटर दूर था। 3
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वापसी के दौरान बूस्टर ने अपने रिटर्न-कंट्रोल सिस्टम, ग्रिड फिन और इंजनों के दोबारा प्रज्वलन का इस्तेमाल किया। अंतिम अवतरण से पहले उसने गति कम करने के लिए नियंत्रित इंजन-बर्न किया, लैंडिंग पैर खोले और निर्धारित पैड पर लगभग सीधा टचडाउन किया। आधिकारिक और समकालीन रिपोर्टों में लैंडिंग क्रम को योजना के अनुसार पूरा बताया गया। 4
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हालांकि, बाद की स्वतंत्र रिपोर्टों में टचडाउन के बाद रॉकेट के पिछले हिस्से में आग दिखाई देने वाले वीडियो का उल्लेख किया गया। एक रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि शुरुआती सीधी लैंडिंग के बाद वाहन संभवतः पलट गया। ये घटनाक्रम नियंत्रित टचडाउन की उपलब्धि को खत्म नहीं करते, लेकिन दावे की सीमा स्पष्ट करते हैं: Y-2 ने पैड तक पहुंचने और सीधा उतरने की क्षमता दिखाई, जबकि बूस्टर लैंडिंग के बाद निरीक्षण योग्य स्थिति में बचा या दोबारा उड़ान के लिए तैयार है या नहीं, यह आगे की जांच से तय होगा। 5
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झूके-3 दो चरणों वाला तरल-ईंधन रॉकेट है, जिसे पहले चरण के पुन: उपयोग को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसकी रिपोर्ट की गई प्रमुख विशेषताएं हैं:
पहले चरण में रिएक्शन-कंट्रोल सिस्टम यानी RCS, ग्रिड फिन और खुलने-बंद होने वाले लैंडिंग पैर लगाए गए हैं। ये प्रणालियां अलग-अलग उड़ान अवस्थाओं में रॉकेट का रुख नियंत्रित करने, वापसी के दौरान उसे सही दिशा में रखने, लैंडिंग क्षेत्र तक पहुंचाने, इंजन-बर्न से गति घटाने और अंत में लंबवत टचडाउन में मदद करती हैं। 2
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इस डिजाइन की अहमियत इसलिए भी है क्योंकि रिकवरी हार्डवेयर किसी अलग परीक्षण यान पर नहीं, बल्कि वास्तविक ऑर्बिटल लॉन्च व्हीकल में एकीकृत है। यानी एक ही उड़ान में प्रणोदन, ढांचा, वायुगतिकी, मार्गदर्शन, तापीय सुरक्षा, लैंडिंग हार्डवेयर और जमीन पर संचालन के बीच तालमेल की परीक्षा हुई। 2
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झूके-3 Y-1 ने दिसंबर 2025 में अपनी पहली उड़ान के दौरान उपग्रह को कक्षा में पहुंचा दिया था। पहले चरण ने भी पुनःप्रवेश, गति घटाने और अंतिम अवतरण की बड़ी प्रक्रियाएं पूरी कीं, लेकिन लैंडिंग के आखिरी चरण में वह असफल रहा। रिपोर्टों के अनुसार, लैंडिंग-इग्निशन क्रम से जुड़ी असामान्य दहन समस्या इसके पीछे थी। 8
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Y-2 में कई लक्षित बदलाव किए गए:
इसलिए Y-2 महज दूसरी कोशिश नहीं थी। टीम ने Y-1 से मिले उड़ान डेटा और इंजीनियरिंग अनुभव के आधार पर हार्डवेयर और नियंत्रण व्यवस्था में बदलाव किए और फिर उन्हें वास्तविक ऑर्बिटल मिशन में परखा। 18
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Y-2 पर लैंडस्पेस का विकसित किया गया गैर-पायरोटेक्निक स्टैक्ड-कंप्रेशन रिलीज डिवाइस भी परीक्षण के लिए लगाया गया था। इसमें उपग्रहों के समूह को यांत्रिक दबाव से सुरक्षित रखने और फिर इलेक्ट्रॉनिक समय-क्रम के अनुसार एक-एक करके अलग करने की व्यवस्था है। इस तरह इसमें पकड़ और अलगाव नियंत्रण की दोहरी सुरक्षा दी गई है। 17
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यह तकनीक उन मिशनों के लिए उपयोगी हो सकती है जिनमें कई उपग्रह एक साथ लॉन्च करके क्रमशः कक्षा में छोड़े जाते हैं। बड़े सैटेलाइट कॉन्स्टेलेशन यानी उपग्रह समूहों के निर्माण में केवल रॉकेट की क्षमता ही महत्वपूर्ण नहीं होती; एक ही उड़ान में उपग्रहों के बैच को तेज और सुरक्षित तरीके से तैनात करना भी उतना ही अहम है। 17
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Y-2 ने दिखाया कि लैंडस्पेस का झूके-3 सिस्टम एक ही ऑर्बिटल उड़ान में उपग्रह को कक्षा तक पहुंचाने, पहले चरण को नियंत्रित तरीके से वापस लाने और उसे जमीन पर सीधा उतारने में सक्षम है। इसने तरल ऑक्सीजन-मीथेन प्रणोदन, स्टेनलेस-स्टील रॉकेट संरचना, वापसी नियंत्रण और लैंडिंग-पैरों की व्यवस्था को वास्तविक उड़ान में एक साथ काम करते हुए भी परखा। 2
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लेकिन इससे अभी यह साबित नहीं होता कि बूस्टर नियमित पुन: उपयोग के लिए तैयार है या पुन: उपयोग की आर्थिक बचत हासिल हो चुकी है। अब चरण की विस्तृत जांच, नुकसान का आकलन, रखरखाव और दोबारा उड़ान जरूरी है। लैंडस्पेस ने “प्रक्षेपण–रिकवरी–निरीक्षण–पुन: उपयोग” का चक्र बनाने की योजना बताई है और छह महीने के भीतर बरामद चरण की रीफ्लाइट परीक्षण की योजना भी रिपोर्ट की गई है। 52
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यही अगली उड़ान सबसे निर्णायक व्यावसायिक परीक्षा होगी। सफल लैंडिंग यह बताती है कि बूस्टर को नियंत्रण में वापस लाया जा सकता है। लेकिन सफल निरीक्षण और दूसरी उड़ान यह संकेत देगी कि वह बड़े सैटेलाइट कॉन्स्टेलेशन और कम लागत वाले व्यावसायिक मिशनों के लिए भरोसेमंद, बार-बार इस्तेमाल होने वाला लॉन्च संसाधन बन सकता है। 48
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19 अगस्त 2026 को झूके 3 Y 2 ने होंगहू 03 उपग्रह को निर्धारित कक्षा में पहुंचाया और अपने पहले चरण को गांसू के मिनचिन रिकवरी पैड पर उतारा—यह चीन में लैंडिंग पैरों के सहारे ऑर्बिटल क्लास बूस्टर की पहली नियंत्रित जमीन आध...
19 अगस्त 2026 को झूके 3 Y 2 ने होंगहू 03 उपग्रह को निर्धारित कक्षा में पहुंचाया और अपने पहले चरण को गांसू के मिनचिन रिकवरी पैड पर उतारा—यह चीन में लैंडिंग पैरों के सहारे ऑर्बिटल क्लास बूस्टर की पहली नियंत्रित जमीन आध... इस मिशन ने लैंडस्पेस को केवल रिकवरी तकनीक के प्रदर्शन से आगे बढ़ाकर डिजाइन, प्रक्षेपण, रिकवरी, निरीक्षण, रखरखाव और दोबारा उड़ान वाले इंजीनियरिंग पुन: उपयोग कार्यक्रम की दिशा में पहुंचाया।
Y 1 की अंतिम लैंडिंग में आई असामान्य दहन समस्या के बाद Y 2 में लैंडिंग प्रोपल्शन को सरल किया गया, स्वायत्त वापसी और सुरक्षा नियंत्रण सुधारे गए तथा पुनःप्रवेश के तापीय और वायुगतिकीय दबावों से सुरक्षा बढ़ाई गई।