लेकिन मिशन का मुख्य लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया। उड़ान के दौरान ऊपरी चरण में समस्या आने से सैटेलाइट को सही कक्षा में नहीं पहुँचाया जा सका। BlueBird 7 को तय कक्षा से कम ऊँचाई वाली “ऑफ‑नॉमिनल” कक्षा में छोड़ दिया गया, जहाँ से वह अपने संचार मिशन को संचालित नहीं कर सकता था।
प्रारंभिक टेलीमेट्री डेटा से पता चला कि समस्या GS2 ऊपरी चरण के इंजन बर्न के दौरान हुई। इस चरण में BE‑3U वैक्यूम इंजन इस्तेमाल किए जाते हैं।
जांच में पाया गया कि एक BE‑3U इंजन ने महत्वपूर्ण बर्न के दौरान अपेक्षित थ्रस्ट पैदा नहीं किया, जिससे रॉकेट अपनी निर्धारित कक्षा तक नहीं पहुँच पाया।
Blue Origin के अनुसार ऊपरी चरण में एक “ऑफ‑नॉमिनल थर्मल कंडीशन” बन गई थी, जिसने इंजन के प्रदर्शन को प्रभावित किया और थ्रस्ट कम हो गया।
इस वजह से अंतिम ऑर्बिटल मैन्युवर पूरा नहीं हो पाया और सैटेलाइट ऐसी कक्षा में पहुँच गया जो मिशन के लिए बेकार थी।
FAA ने इस घटना को औपचारिक रूप से “launch mishap” घोषित किया। अमेरिकी नियमों के अनुसार ऐसा होने पर रॉकेट को तब तक उड़ान की अनुमति नहीं मिलती जब तक जांच पूरी न हो जाए।
जांच के दौरान कंपनी को:
कंपनी ने अपनी जांच में समस्या के तत्काल कारण (proximate cause) की पहचान की और सात सुधारात्मक कदम लागू किए।
हालाँकि कंपनी ने इन सात उपायों का विस्तृत तकनीकी विवरण सार्वजनिक रूप से साझा नहीं किया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार ये बदलाव मुख्यतः उस स्थिति को रोकने के लिए हैं जिसने इंजन के थ्रस्ट को प्रभावित किया था।
हालाँकि ग्राहक का सैटेलाइट खो गया, लेकिन इस मिशन ने Blue Origin के लिए एक महत्वपूर्ण तकनीकी उपलब्धि भी दर्ज की।
कंपनी ने पहली बार New Glenn के विशाल ऑर्बिटल बूस्टर का पुनः उपयोग किया और उसे समुद्री प्लेटफ़ॉर्म पर सफलतापूर्वक लैंड कराया।
पुनः प्रयोग योग्य रॉकेट तकनीक लॉन्च लागत कम करने और अधिक बार उड़ान भरने की क्षमता बढ़ाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है—जिसे SpaceX पहले ही Falcon 9 के साथ सफलतापूर्वक दिखा चुका है।
FAA की मंजूरी Blue Origin की व्यावसायिक लॉन्च योजनाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
कंपनी पहले ही संकेत दे चुकी है कि वह New Glenn के लॉन्च की गति तेज करना चाहती है और 2026 के दौरान अपने लॉन्च अभियानों में करीब 12 मिशन तक करने का लक्ष्य रखती है।
यदि रॉकेट लंबे समय तक ग्राउंड रहता, तो यह लक्ष्य खतरे में पड़ सकता था। अब जांच पूरी होने और अनुमति मिलने के बाद कंपनी फिर से अपने लॉन्च कार्यक्रम को आगे बढ़ा सकती है।
अप्रैल 2026 का New Glenn मिशन दिखाता है कि नए रॉकेट सिस्टम के विकास में सफलता और जोखिम दोनों साथ‑साथ चलते हैं।
इस उड़ान ने साबित किया कि Blue Origin एक बड़े ऑर्बिटल बूस्टर को दोबारा इस्तेमाल कर सकता है, लेकिन ऊपरी चरण के इंजन थ्रस्ट की समस्या ने मिशन का मुख्य उद्देश्य पूरा नहीं होने दिया।
FAA की जांच और सुधारात्मक कदमों के बाद अब New Glenn को फिर उड़ान की अनुमति मिल चुकी है—जो Blue Origin के लिए इसे नियमित व्यावसायिक लॉन्च वाहन बनाने की दिशा में अहम कदम है।
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