AGM का सबसे अहम मुद्दा Resolution 2 था, जिसमें Shell की नई Directors’ Remuneration Policy को मंजूरी देने का प्रस्ताव रखा गया था।
यह प्रस्ताव लगभग 95.96% वोट के समर्थन के साथ पास हो गया, जो निवेशकों के व्यापक समर्थन को दर्शाता है।
नई नीति के तहत:
Shell के बोर्ड का तर्क था कि यह बदलाव आवश्यक है ताकि कंपनी के शीर्ष अधिकारियों का वेतन वैश्विक ऊर्जा कंपनियों—खासकर अमेरिकी तेल कंपनियों—के बराबर प्रतिस्पर्धी रह सके।
ब्रिटेन की कई बड़ी सूचीबद्ध कंपनियां भी हाल के वर्षों में इस तथाकथित “ट्रांसअटलांटिक पे गैप” को कम करने की कोशिश कर रही हैं, यानी यूरोप और अमेरिका के शीर्ष अधिकारियों के वेतन में अंतर।
AGM में Resolution 23 जलवायु कार्यकर्ता समूह Follow This द्वारा समर्थित एक प्रस्ताव था।
इस प्रस्ताव में Shell से यह मांग की गई थी कि कंपनी अपने भविष्य की रणनीति में ऐसे परिदृश्यों पर अधिक जानकारी दे, जिनमें तेल और गैस की मांग घटती दिखाई जाती है।
Shell के बोर्ड ने इस प्रस्ताव का विरोध किया और कहा कि कंपनी की मौजूदा जलवायु रिपोर्टिंग और खुलासे पहले से ही इन मुद्दों को पर्याप्त रूप से कवर करते हैं।
मतदान के नतीजों में यह प्रस्ताव सिर्फ लगभग 13% समर्थन ही हासिल कर पाया, जबकि लगभग 87% वोट इसके खिलाफ पड़े।
CEO वेएल सवान ने भी कहा कि कंपनी की मौजूदा रणनीति और रिपोर्टिंग पहले से ही इन चिंताओं को संबोधित करती है।
2026 में इस प्रस्ताव को मिला समर्थन पिछले वर्षों की तुलना में काफी कम रहा।
इस तुलना में 2026 का लगभग 13% समर्थन यह संकेत देता है कि Shell में जलवायु एक्टिविस्ट प्रस्तावों के लिए निवेशकों का उत्साह कम हुआ है।
AGM के परिणाम कुछ महत्वपूर्ण संकेत देते हैं:
कुल मिलाकर, यह परिणाम दर्शाते हैं कि Shell के अधिकांश निवेशक फिलहाल कंपनी के मौजूदा नेतृत्व, रणनीति और गवर्नेंस के साथ संरेखित दिखाई देते हैं—भले ही कुछ एक्टिविस्ट समूह अधिक कड़े जलवायु लक्ष्यों की मांग करते रहें।
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