क्रिप्टो मार्केट‑मेकर Wintermute का मानना है कि मौजूदा वैश्विक आर्थिक माहौल Ethereum के लिए अनुकूल नहीं है। उनका तर्क है कि अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी और लगातार महंगाई निवेशकों को ज्यादा जोखिम वाले एसेट्स से दूर कर रही है ।
ऐसे माहौल में पूंजी अक्सर इन जगहों पर जाती है:
इसके विपरीत, Ethereum को कई निवेशक टेक‑ग्रौथ एसेट की तरह देखते हैं। जब लिक्विडिटी कम होती है और यील्ड बढ़ती है, तो ऐसे एसेट्स पर जोखिम‑कम करने वाली बिक्री ज्यादा देखने को मिलती है ।
डेरिवेटिव मार्केट—खासकर फ्यूचर्स—अक्सर ट्रेडर सेंटिमेंट का सबसे तेज संकेत देते हैं।
एक अहम मीट्रिक, Binance taker buy/sell ratio, हाल ही में गिरकर लगभग 0.91 पर आ गया। यह स्तर आख़िरी बार सितंबर 2023 के आसपास देखा गया था, जब ETH लगभग $1,600 पर ट्रेड कर रहा था ।
यह अनुपात बताता है कि मार्केट ऑर्डर से खरीद ज्यादा हो रही है या बिक्री।
0.91 का स्तर दर्शाता है कि फ्यूचर्स ऑर्डर बुक में आक्रामक बिक्री खरीद से ज्यादा है, यानी कई ट्रेडर या तो शॉर्ट पोज़िशन ले रहे हैं या अपनी लॉन्ग पोज़िशन बंद कर रहे हैं ।
क्रिप्टो ETF के माध्यम से आने वाला संस्थागत निवेश भी सेंटिमेंट को प्रभावित करता है। हाल के डेटा में स्पष्ट अंतर दिखाई देता है।
इस निकासी में BlackRock का ETHA और Fidelity का FETH प्रमुख रहे ।
वृहद स्तर पर भी जोखिम‑घटाने की प्रवृत्ति दिखी। एक रिपोर्ट के अनुसार एक ही दिन में Bitcoin ETF से $648.64 मिलियन और Ethereum ETF से $86.31 मिलियन की निकासी दर्ज हुई ।
ETF प्रवाह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यही वह माध्यम है जिससे बड़े संस्थागत निवेशक—जैसे एसेट मैनेजर और पेंशन फंड—क्रिप्टो में पैसा लगाते हैं। लगातार आउटफ्लो निवेशकों के विश्वास में कमी या पोर्टफोलियो के पुनर्संतुलन का संकेत हो सकता है।
तकनीकी विश्लेषक Ethereum के लिए $2,000 के स्तर पर विशेष नजर रखे हुए हैं।
यह एक बड़ा मनोवैज्ञानिक और तकनीकी सपोर्ट ज़ोन माना जाता है। यदि कीमत इस स्तर से नीचे मजबूती से टूटती है, तो बड़ी संख्या में लीवरेज्ड लॉन्ग पोज़िशनों की लिक्विडेशन शुरू हो सकती है ।
लिक्विडेशन तब होती है जब ट्रेडर उधार लेकर ट्रेड करते हैं और कीमत उनके खिलाफ चली जाती है। एक्सचेंज ऐसे मामलों में उनकी पोज़िशन अपने‑आप बंद कर देता है। यदि बहुत सारे लॉन्ग ट्रेड एक साथ बंद होते हैं, तो बाजार में अतिरिक्त बिक्री दबाव पैदा हो सकता है।
इस समय Ethereum पर कई दबाव एक साथ काम कर रहे हैं:
जब ये सभी कारक एक साथ होते हैं, तो एक निगेटिव फीडबैक लूप बन सकता है—कमजोर कीमत विश्वास घटाती है, और घटता विश्वास आगे और बिक्री को जन्म देता है।
आगे का रास्ता काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगा कि Ethereum $2,000 के आसपास के प्रमुख सपोर्ट को बचा पाता है या नहीं, और क्या संस्थागत निवेश फिर से लौटता है। तब तक, दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी के आसपास बाज़ार का सेंटिमेंट नाजुक बना रह सकता है।