चूंकि युआन का व्यापार बड़े पैमाने पर डॉलर के मुकाबले होता है, इसलिए डॉलर मजबूत होने पर अक्सर USD/CNY दर ऊपर जाती है, यानी युआन कमजोर दिखता है।
उसी समय दुनिया भर में बॉन्ड बाजारों में बिकवाली चल रही थी। बढ़ती महंगाई की चिंताओं और कई देशों में बढ़ती सरकारी बॉन्ड यील्ड ने वित्तीय बाजारों में अस्थिरता बढ़ा दी।
ऐसे माहौल में निवेशक आम तौर पर जोखिम वाले बाजारों से पैसा निकालकर अपेक्षाकृत सुरक्षित मानी जाने वाली परिसंपत्तियों—खासकर डॉलर—की ओर जाते हैं। इसका असर अक्सर एशियाई मुद्राओं, जैसे युआन, पर नकारात्मक पड़ता है।
बीजिंग में हुई ट्रंप–शी बैठक ने वैश्विक ध्यान जरूर खींचा, लेकिन बाजार को तत्काल कोई बड़ा नीतिगत संकेत नहीं मिला। रिपोर्टों के अनुसार व्यापार या भू‑राजनीतिक मुद्दों पर कोई बड़ा ठोस समझौता सामने नहीं आया।
निवेशक अधिक स्पष्ट आर्थिक सहयोग या तनाव में ठोस कमी के संकेत की उम्मीद कर रहे थे। जब ऐसा नहीं हुआ, तो बाजार का ध्यान फिर से ब्याज दरों और वैश्विक वित्तीय परिस्थितियों पर लौट आया।
अल्पकालिक उतार‑चढ़ाव के बावजूद कई वैश्विक निवेश बैंक चीन की मुद्रा के प्रति अपेक्षाकृत सकारात्मक दृष्टिकोण रखते हैं।
गोल्डमैन सैक्स का मानना है कि उसकी आंतरिक वैल्यूएशन मॉडल के अनुसार रेनमिन्बी (युआन) अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 20% से अधिक कम मूल्यांकित है।
इसी आधार पर बैंक ने आने वाले समय के लिए निम्नलिखित अनुमान दिए हैं:
युआन के समर्थन में सबसे महत्वपूर्ण कारकों में से एक चीन का बड़ा बाहरी अधिशेष है। 2025 में चीन का रिकॉर्ड लगभग 1.2 ट्रिलियन डॉलर का व्यापार अधिशेष दर्ज किया गया।
जब निर्यातक विदेशी मुद्रा (जैसे डॉलर) कमाते हैं और उसे युआन में बदलते हैं, तो इससे लंबे समय में स्थानीय मुद्रा को समर्थन मिल सकता है।
ट्रंप–शी शिखर बैठक के बावजूद युआन की गिरावट यह दिखाती है कि मुद्रा बाजार अक्सर कूटनीतिक खबरों से ज्यादा वैश्विक ब्याज दरों और डॉलर की चाल पर प्रतिक्रिया देते हैं। बढ़ती अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड, फेड की संभावित सख्त नीति और वैश्विक बॉन्ड बाजार की अस्थिरता ने डॉलर को मजबूत किया और युआन पर दबाव डाला।
लेकिन लंबी अवधि की तस्वीर अलग हो सकती है। कई बैंक मानते हैं कि चीन की मजबूत निर्यात क्षमता, बड़ा व्यापार अधिशेष और मौजूदा मूल्यांकन संकेत देते हैं कि युआन फिलहाल कम मूल्यांकित है और समय के साथ इसमें मजबूती आ सकती है—बशर्ते वैश्विक वित्तीय परिस्थितियां स्थिर रहें।
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