Zcash की तेजी में एक और महत्वपूर्ण कारक संस्थागत निवेशकों की दिलचस्पी है। रिपोर्टों के अनुसार Multicoin Capital जैसे फंडों ने 2026 के दौरान ZEC में महत्वपूर्ण पोज़िशन बनाने का खुलासा किया है। इससे पेशेवर निवेशकों के बीच इस संपत्ति पर फिर से ध्यान गया।
संस्थागत निवेश महत्वपूर्ण इसलिए होता है क्योंकि इससे किसी क्रिप्टो परियोजना की विश्वसनीयता और मांग दोनों बढ़ सकती हैं—खासकर उस सेक्टर में जो पहले नियामकीय दबाव और एक्सचेंज डीलिस्टिंग जैसी चुनौतियों से जूझ चुका हो।
निवेशक उत्साह का एक और कारण ETF से जुड़ी खबरें हैं। एसेट मैनेजर Grayscale ने SEC के पास एक रजिस्ट्रेशन दाखिल किया है ताकि उसके मौजूदा Grayscale Zcash Trust को एक स्पॉट ETF में बदला जा सके। यदि इसे मंजूरी मिलती है तो यह NYSE Arca एक्सचेंज पर ZCSH टिकर के साथ ट्रेड हो सकता है।
अगर ऐसा ETF स्वीकृत हो जाता है, तो यह अमेरिका में किसी प्राइवेसी‑फोकस्ड क्रिप्टो से जुड़ा पहला स्पॉट ETF होगा। इससे निवेशकों को सीधे टोकन खरीदे बिना पारंपरिक ब्रोकरेज खातों के जरिए एक्सपोज़र मिल सकता है।
इतिहास बताता है कि ETF की संभावना भी क्रिप्टो बाजार में मजबूत उत्साह पैदा कर सकती है क्योंकि इससे संस्थागत पूंजी आने की उम्मीद बढ़ती है।
मूलभूत कारणों के अलावा बाजार की तकनीकी संरचना ने भी तेजी को तेज़ कर दिया।
जब ZEC की कीमत बढ़ने लगी, तो जिन ट्रेडरों ने कीमत गिरने पर दांव लगाया था (शॉर्ट पोज़िशन), उन्हें मजबूरन अपनी पोज़िशन बंद करनी पड़ी। एक्सचेंज इन पोज़िशनों को बंद करने के लिए बाजार में खरीदारी करते हैं, जिससे कीमत और तेजी से ऊपर जाती है।
रिपोर्टों के अनुसार इस उछाल के दौरान दसियों मिलियन डॉलर की शॉर्ट पोज़िशन लिक्विडेट हुईं—एक चरण में लगभग $28 मिलियन और मई के पहले के उछालों में करीब $60 मिलियन तक।
इस तरह की मजबूर खरीदारी ने रैली को एक क्लासिक शॉर्ट‑स्क्वीज़ में बदल दिया।
Zcash का ट्रेडिंग वॉल्यूम और लिक्विडिटी, बिटकॉइन या एथेरियम जैसे बड़े कॉइनों की तुलना में कम है। जब ऑर्डर बुक पतली होती है, तो थोड़ी सी अतिरिक्त खरीदारी भी कीमत को तेज़ी से ऊपर ले जा सकती है।
इसी वजह से एक चरण में ZEC कुछ ही घंटों में लगभग $568 से बढ़कर लगभग $686 तक पहुंच गया।
तेजी के बावजूद कई विश्लेषक इस रैली की स्थिरता को लेकर सतर्क हैं। इसके पीछे कुछ कारण हैं:
Zcash का $670 से ऊपर जाना कई कारकों के एक साथ आने का परिणाम है—SEC जांच का खत्म होना, संस्थागत निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी, संभावित ETF की उम्मीद और डेरिवेटिव बाजार में शॉर्ट‑स्क्वीज़।
हालांकि इन कारणों ने कीमत को तेजी से ऊपर धकेला, लेकिन चूंकि रैली का कुछ हिस्सा तकनीकी बाजार गतिशीलता से आया है, इसलिए विश्लेषक मानते हैं कि आगे भी इसमें तेज़ उतार‑चढ़ाव देखने को मिल सकता है।