दक्षिण कोरिया के बड़े एक्सचेंजों पर XRP का ट्रेडिंग वॉल्यूम कई बार Bitcoin और Ethereum से आगे निकल गया है, जिसका मुख्य कारण रिटेल ट्रेडिंग की तेज़ी है। XRPL के प्रस्तावित XLS‑66 लेंडिंग प्रोटोकॉल और टोकनाइज़ेशन जैसे नैरेटिव निवेशकों को भविष्य में संभावित यील्ड और संस्थागत उपयोग की उम्मीद दिखाते हैं। जापान में संभावि...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What factors are driving XRP’s surge past Bitcoin in Korean trading, and how are Asia’s retail search for yield, Ripple’s upcoming XRP yield. Article summary: XRP’s Korean surge looks driven by a mix of short-term retail momentum and longer-term “utility/yield” narratives: Korean traders are rotating into XRP because it is highly liquid on local spot exchanges, has a strong re. Topic tags: general, general web, user generated. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "1 week ago - The current spike is driven by middle-aged Korean retail traders rotating out of a weak local stock market . Despite the Korean volume surge, XRP’s price is stuck arou" source context "Ripple (XRP) News: Why Korea Is Trading XRP More Than Bitcoin Right Now - 24/7 Wall St." Reference image 2: visual s
दक्षिण कोरिया के क्रिप्टो बाजार में हाल के महीनों में एक दिलचस्प बदलाव दिखा है—XRP का ट्रेडिंग वॉल्यूम कई बार Bitcoin से आगे निकल गया है। यह केवल एक अस्थायी कीमत उछाल की कहानी नहीं है, बल्कि एशिया के क्रिप्टो बाजार में बदलते निवेश व्यवहार, नई तकनीकी संभावनाओं और नियामकीय संकेतों का मिश्रण है।
दक्षिण कोरिया का क्रिप्टो बाजार लंबे समय से वैश्विक बाजार से थोड़ा अलग व्यवहार करता रहा है। हाल ही में देश के सबसे बड़े एक्सचेंज Upbit पर XRP का 24 घंटे का ट्रेडिंग वॉल्यूम लगभग $110.9 मिलियन तक पहुंच गया, जबकि उसी समय Bitcoin करीब $88.6 मिलियन और Ether लगभग $67 मिलियन पर था। यही ट्रेंड Bithumb जैसे अन्य कोरियाई एक्सचेंजों पर भी देखा गया।
इसका एक कारण स्थानीय बाजार की संरचना है। दक्षिण कोरिया में क्रिप्टो नियम मुख्य रूप से स्पॉट ट्रेडिंग पर केंद्रित हैं और फ्यूचर्स या भारी लीवरेज वाले उत्पाद अपेक्षाकृत कम उपलब्ध हैं। इसलिए कई ट्रेडर्स ज्यादा उतार‑चढ़ाव वाले टोकनों में ट्रेड करके संभावित तेज़ मुनाफा तलाशते हैं—और XRP इस भूमिका में फिट बैठता है।
Upbit के आंकड़ों के अनुसार, प्लेटफॉर्म पर XRP का कुल ट्रेडिंग वॉल्यूम $1 ट्रिलियन से अधिक पहुंच चुका है और कुछ समय में यह एक्सचेंज की कुल दैनिक ट्रेडिंग का लगभग 15–22% हिस्सा भी रहा है।
कोरियाई ट्रेडर्स के बीच XRP की लोकप्रियता के पीछे कुछ खास वजहें हैं:
इन कारणों से XRP अक्सर Bitcoin की तुलना में एक “हाई‑बीटा” ट्रेडिंग विकल्प बन जाता है—यानी ज्यादा जोखिम लेकिन संभावित रूप से ज्यादा तेज़ मूवमेंट।
ट्रेडिंग के अलावा एक और कारण XRP के आसपास चर्चा बढ़ा रहा है—XLS‑66 नाम का प्रस्तावित लेंडिंग प्रोटोकॉल।
यह अपग्रेड XRP Ledger पर सीधे लेंडिंग की सुविधा ला सकता है। इसमें “सिंगल‑एसेट वॉल्ट” में पूंजी जमा की जा सकती है और तय अवधि के लिए लोन दिए जा सकते हैं, जबकि उधारकर्ताओं की क्रेडिट जांच ऑफ‑चेन सिस्टम के जरिए होगी।
यदि यह सक्रिय हो जाता है, तो XRP धारक या संस्थान नेटवर्क पर ही अपने टोकन उधार देकर नेटिव यील्ड कमा सकते हैं—बिना किसी बाहरी DeFi प्लेटफॉर्म के।
हालांकि यह फीचर अभी लागू नहीं हुआ है। XRPL में किसी भी बड़े बदलाव के लिए वैलिडेटरों की लगभग 80% सहमति जरूरी होती है, तभी प्रोटोकॉल सक्रिय होता है।
XRP की कहानी का एक बड़ा हिस्सा रियल‑वर्ल्ड एसेट (RWA) टोकनाइज़ेशन से भी जुड़ा है।
XRP Ledger को इस तरह बनाया गया है कि उस पर ट्रेज़री, कमोडिटी या रियल एस्टेट जैसे पारंपरिक एसेट के डिजिटल टोकन बनाए और ट्रांसफर किए जा सकें। नेटवर्क पर ट्रांजैक्शन आम तौर पर 3–5 सेकंड में सेटल हो जाते हैं और फीस बहुत कम होती है।
हालिया अनुमानों के अनुसार XRPL पर टोकनाइज़्ड एसेट का कुल मूल्य $3 बिलियन से अधिक तक पहुंच चुका है, जो इस क्षेत्र में तेज़ वृद्धि का संकेत देता है।
फिर भी एक महत्वपूर्ण सीमा है: XRPL के विकेंद्रीकृत एक्सचेंज पर रोज़ाना ट्रेडिंग वॉल्यूम अभी भी अपेक्षाकृत छोटा है—अक्सर केवल $4 मिलियन से $8 मिलियन के बीच। इसका मतलब है कि टोकनाइज़ेशन की कहानी अभी शुरुआती चरण में है और तुरंत बड़े पैमाने पर XRP की मांग नहीं बना रही।
एशिया में XRP के लिए एक और दिलचस्प कारक जापान की बदलती क्रिप्टो नीति है।
जापानी नीति‑निर्माता कुछ डिजिटल एसेट—जिनमें XRP भी शामिल हो सकता है—को Financial Instruments and Exchange Act (FIEA) के तहत विनियमित वित्तीय उत्पाद के रूप में वर्गीकृत करने की दिशा में काम कर रहे हैं। इससे निवेशकों के लिए बेहतर खुलासा नियम और मजबूत सुरक्षा ढांचा बन सकता है।
इसके साथ‑साथ जापान भविष्य में क्रिप्टो ETF की अनुमति देने और क्रिप्टो टैक्स संरचना में बदलाव पर भी विचार कर रहा है, जो संभवतः दशक के अंत तक लागू हो सकते हैं।
यदि ऐसा होता है, तो बैंक, पेंशन फंड और ब्रोकरेज जैसे पारंपरिक वित्तीय संस्थानों के लिए क्रिप्टो एसेट में निवेश करना आसान हो सकता है। विश्लेषकों का मानना है कि यह एशिया में रिटेल और संस्थागत क्रिप्टो मांग के बीच एक पुल बना सकता है।
XRP की बढ़ती लोकप्रियता को तीन अलग‑अलग समय क्षितिजों में समझा जा सकता है:
लेकिन इन सबके बीच एक महत्वपूर्ण अंतर भी है—कहानी और वर्तमान वास्तविकता के बीच। कोरियाई ट्रेडिंग वॉल्यूम तेजी से बदल सकते हैं, XRPL लेंडिंग अभी लाइव नहीं है, और टोकनाइज़ेशन बाजार अभी वैश्विक वित्तीय प्रणाली का छोटा हिस्सा ही है।
फिर भी, एशिया में XRP के आसपास बन रही यह नई कहानी दिखाती है कि डिजिटल एसेट का मूल्य केवल कीमत से नहीं बल्कि बाजार संरचना, नियामकीय ढांचे और वास्तविक उपयोग के नैरेटिव से भी तय होता है।
Studio Global AI
Use this topic as a starting point for a fresh source-backed answer, then compare citations before you share it.
दक्षिण कोरिया के बड़े एक्सचेंजों पर XRP का ट्रेडिंग वॉल्यूम कई बार Bitcoin और Ethereum से आगे निकल गया है, जिसका मुख्य कारण रिटेल ट्रेडिंग की तेज़ी है।
दक्षिण कोरिया के बड़े एक्सचेंजों पर XRP का ट्रेडिंग वॉल्यूम कई बार Bitcoin और Ethereum से आगे निकल गया है, जिसका मुख्य कारण रिटेल ट्रेडिंग की तेज़ी है। XRPL के प्रस्तावित XLS‑66 लेंडिंग प्रोटोकॉल और टोकनाइज़ेशन जैसे नैरेटिव निवेशकों को भविष्य में संभावित यील्ड और संस्थागत उपयोग की उम्मीद दिखाते हैं।
जापान में संभावित नियामकीय बदलाव और भविष्य में क्रिप्टो ETF की दिशा में कदम एशिया में XRP के लिए संस्थागत मांग का नया रास्ता खोल सकते हैं।