ऐसी बड़ी बिक्री का असर अक्सर बाजार की भावना पर पड़ता है क्योंकि कम समय में बड़ी मात्रा में सप्लाई बाजार में आ जाती है। खास बात यह है कि यह बिक्री उस समय हुई जब Ethereum पहले से ही $2,000–$2,200 के दायरे में ट्रेड कर रहा था—जिसे कई ट्रेडर महत्वपूर्ण सपोर्ट ज़ोन मानते हैं।
हालाँकि एक ही व्हेल बाजार की दिशा तय नहीं करती, लेकिन कमजोर तकनीकी स्थिति में इस तरह की बड़ी बिक्री गिरावट को तेज़ कर सकती है।
संस्थागत निवेश की तरफ से भी मांग कमजोर होती दिख रही है। SoSoValue के डेटा के अनुसार अमेरिका में सूचीबद्ध स्पॉट Ethereum ETFs से लगातार कई दिनों तक नेट आउटफ्लो दर्ज हुआ है।
उदाहरण के तौर पर:
ETF फ्लो को इसलिए ध्यान से देखा जाता है क्योंकि यह संस्थागत पूंजी के बड़े प्रवाह को दर्शाता है। लगातार निकासी का मतलब है कि निवेशकों का जोखिम लेने का मूड कमजोर हो रहा है, जिससे कीमतों को सहारा देने वाली खरीदारी कम हो सकती है।
Ethereum की गिरावट में व्यापक क्रिप्टो बाजार का असर भी रहा। जब Bitcoin $75,000 से नीचे गिर गया, तो डेरिवेटिव्स मार्केट में बड़ी मात्रा में लीवरेज्ड पोज़िशन जबरन बंद हो गईं।
उस दौरान सामने आए कुछ प्रमुख आंकड़े:
जब ऐसी लिक्विडेशन वेव होती है, तो लीवरेज पर ट्रेड करने वाले निवेशकों की पोज़िशन अपने‑आप बेच दी जाती है। इससे गिरावट और तेज़ हो जाती है। इसी दौरान Ethereum भी लगभग 5% गिरकर $2,000 के आसपास आ गया।
क्रिप्टो विश्लेषकों के अनुसार $2,000 Ethereum के लिए एक प्रमुख तकनीकी और मनोवैज्ञानिक सपोर्ट है। बड़ी संख्या में निवेशकों ने $2,000–$2,100 के आसपास ETH खरीदा था, जिससे यह क्षेत्र संभावित मांग का ज़ोन बन सकता है।
लेकिन अगर यह स्तर निर्णायक रूप से टूटता है, तो नीचे और गिरावट की संभावना बढ़ सकती है।
हाल की रिपोर्टों में कुछ संभावित लक्ष्य बताए गए हैं:
ये स्तर आम तौर पर ऐतिहासिक मांग वाले क्षेत्रों और क्रिप्टो बाजार के सामान्य करेक्शन पैटर्न से मेल खाते हैं।
इस समय Ethereum एक अहम मोड़ पर है। व्हेल की बिक्री, ETF आउटफ्लो और व्यापक मार्केट लिक्विडेशन—तीनों मिलकर कीमत को दबा रहे हैं। अगर खरीदार $2,000 के आसपास मजबूत बचाव करते हैं, तो यह क्षेत्र स्थिरता का आधार बन सकता है।
लेकिन अगर यह सपोर्ट टूट जाता है, तो लीवरेज्ड पोज़िशनों के अनवाइंड होने से बाजार में अस्थिरता और बढ़ सकती है।
ध्यान देने वाली बात यह भी है कि अलग‑अलग डेटा प्लेटफॉर्म पर ETF फ्लो या लिक्विडेशन के आंकड़े थोड़े अलग दिख सकते हैं। फिर भी समग्र रुझान—कमजोर संस्थागत प्रवाह और बढ़ती डेरिवेटिव्स अस्थिरता—कई स्रोतों में समान दिखाई देता है।
इसलिए फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है: क्या $2,000 Ethereum के लिए मजबूत फर्श साबित होगा, या यही स्तर अगली गिरावट की शुरुआत बनेगा?