इसका मतलब यह है कि गतिविधि सिर्फ बड़े संस्थागत फंड तक सीमित नहीं है—काफी बड़ी संख्या में यूज़र भी ऑन‑चेन वित्तीय प्रोडक्ट्स का उपयोग कर रहे हैं।
सोलाना के RWA मार्केट में कुछ प्रमुख एसेट कैटेगरी सबसे ज़्यादा योगदान दे रही हैं, जो पारंपरिक वित्तीय बाजारों जैसी ही संरचना दिखाती हैं।
सबसे बड़े हिस्से में अमेरिकी सरकारी बॉन्ड (U.S. Treasuries) से जुड़े टोकनाइज़्ड प्रोडक्ट्स शामिल हैं। इनमें BlackRock का BUIDL फंड और Ondo के डॉलर‑आधारित यील्ड प्रोडक्ट्स जैसे उदाहरण शामिल हैं, जो सोलाना के शुरुआती RWA वैल्यू का बड़ा भाग बनाते हैं।
क्रिप्टो निवेशकों के लिए ये प्रोडक्ट आकर्षक हैं क्योंकि वे डॉलर‑आधारित रिटर्न देते हैं और फिर भी ब्लॉकचेन पर ही बने रहते हैं।
सोलाना पर कुछ प्लेटफॉर्म टोकनाइज़्ड स्टॉक्स भी जारी कर रहे हैं—यानी सार्वजनिक कंपनियों के शेयरों का ब्लॉकचेन संस्करण।
यह अभी पारंपरिक शेयर बाजार जितना बड़ा नहीं है, लेकिन यह दिखाता है कि भविष्य में ब्रोकरेज सिस्टम के बाहर भी वित्तीय एसेट्स का डिजिटल ट्रेड संभव हो सकता है।
RWA इकोसिस्टम में स्टेबलकॉइन बहुत अहम भूमिका निभाते हैं। ये ऑन‑चेन फाइनेंस में नकदी की तरह काम करते हैं—सेटलमेंट, भुगतान और रिडेम्प्शन के लिए।
सोलाना पर बड़ी संख्या में स्टेबलकॉइन यूज़र होने से टोकनाइज़्ड एसेट्स के लिए तरलता (liquidity) बनाना आसान हो जाता है।
सोलाना की हालिया वृद्धि का एक बड़ा कारण यह है कि कई बड़ी कंपनियां इसे भुगतान और डिजिटल एसेट इन्फ्रास्ट्रक्चर के रूप में इस्तेमाल करने लगी हैं।
2026 में वैश्विक मनी‑ट्रांसफर कंपनी Western Union ने सोलाना ब्लॉकचेन पर USDPT नाम का डॉलर‑समर्थित स्टेबलकॉइन लॉन्च किया। यह Anchorage Digital Bank द्वारा जारी किया गया है और कंपनी के अंतरराष्ट्रीय भुगतान नेटवर्क में सेटलमेंट के लिए बनाया गया है।
ब्लॉकचेन के उपयोग से अंतरराष्ट्रीय भुगतान तेज़ और कम लागत वाले हो सकते हैं।
टेक कंपनी Meta ने भी सोलाना और Polygon पर USDC स्टेबलकॉइन के जरिए क्रिएटर पेआउट का प्रयोग शुरू किया। शुरुआती चरण में यह सुविधा कोलंबिया और फिलीपींस जैसे बाजारों में शुरू की गई।
इस सिस्टम में क्रिएटर अपने क्रिप्टो वॉलेट में सीधे स्टेबलकॉइन के रूप में भुगतान प्राप्त कर सकते हैं। इससे ब्लॉकचेन भुगतान बड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म तक पहुंचने लगे हैं।
सोलाना की तकनीकी संरचना इसे उच्च‑मात्रा वाले वित्तीय उपयोग के लिए आकर्षक बनाती है। मुख्य कारण हैं:
इसी वजह से कुछ बैंक, फंड मैनेजर और भुगतान कंपनियां सोलाना को टोकनाइज़्ड सिक्योरिटीज और स्टेबलकॉइन सेटलमेंट के लिए परख रही हैं।
तेज़ वृद्धि के बावजूद सोलाना अभी भी RWA टोकनाइज़ेशन में सबसे बड़ा नेटवर्क नहीं है।
2026 की शुरुआत के आंकड़ों के अनुसार, टोकनाइज़्ड एसेट्स के मामले में सोलाना लगभग 4.57% वैश्विक मार्केट शेयर के साथ तीसरे स्थान पर था। इसका मतलब है कि Ethereum और अन्य ब्लॉकचेन अभी भी अधिक तरलता और संस्थागत उपयोग रखते हैं।
Ethereum को अभी भी गहरी liquidity, बेहतर compliance टूल्स और लंबे समय से स्थापित संस्थागत संबंधों का फायदा मिलता है।
सोलाना की गति मजबूत है, लेकिन कुछ चुनौतियां भी हैं:
संस्थागत इन्फ्रास्ट्रक्चर — कस्टडी, रेगुलेटरी टूलिंग और स्थापित जारीकर्ताओं में Ethereum अभी भी आगे है।
अन्य ब्लॉकचेन से प्रतिस्पर्धा — Polygon और अन्य एंटरप्राइज‑फोकस्ड नेटवर्क भी टोकनाइज़ेशन और भुगतान के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।
लिक्विडिटी की स्थिरता — कुछ टोकनाइज़्ड प्रोडक्ट लॉन्च के बाद तेजी से बढ़ते हैं, लेकिन लंबे समय तक सक्रिय ट्रेडिंग बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
सोलाना का RWA मार्केट $1 बिलियन से कम से बढ़कर लगभग $2.8 बिलियन तक पहुंचना इस बात का संकेत है कि पारंपरिक वित्तीय संपत्तियां धीरे‑धीरे सार्वजनिक ब्लॉकचेन पर स्थानांतरित हो रही हैं।
स्टेबलकॉइन उपयोग, टोकनाइज़्ड ट्रेज़री और Western Union व Meta जैसी कंपनियों के प्रयोग यह दिखाते हैं कि सोलाना अब सिर्फ रिटेल‑ड्रिवन DeFi नेटवर्क नहीं रहा।
फिर भी फिलहाल इसे तेज़ी से उभरते प्रतिस्पर्धी के रूप में देखा जा रहा है। यदि आने वाले वर्षों में अधिक संस्थागत भुगतान और एसेट जारी करने की गतिविधियां इसी नेटवर्क पर बढ़ती हैं, तो सोलाना डिजिटल कैपिटल मार्केट्स के इन्फ्रास्ट्रक्चर में बड़ी भूमिका निभा सकता है।
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