अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी यानी IEA के स्वतंत्र अनुमान ने भी इस जोखिम को गंभीर बनाया। एजेंसी को 2026 की तीसरी तिमाही में वैश्विक तेल बाजार में 1.8 मिलियन बैरल प्रतिदिन का घाटा दिख रहा है। पूरे 2026 के लिए उसने वैश्विक औसत आपूर्ति में 4.3 मिलियन बैरल प्रतिदिन की गिरावट का अनुमान लगाया है।
सबसे सीधा संकेत ईरान, रूस, सऊदी अरब और अमेरिका से समुद्र के रास्ते होने वाले कच्चे तेल निर्यात में एक साथ आई गिरावट थी। Vortexa से जुड़े आंकड़ों और रिपोर्टिंग के अनुसार, इन चार देशों का संयुक्त प्रवाह लगभग 12 मिलियन बैरल प्रतिदिन रह गया—यह रिकॉर्ड निचला स्तर था और एक महीने पहले की तुलना में करीब 5 मिलियन बैरल प्रतिदिन कम था।
इस गिरावट के पीछे कई अलग-अलग कारण थे:
इसका महत्व इसलिए अधिक था क्योंकि कमी किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं थी। सामान्य परिस्थितियों में किसी एक देश की कम आपूर्ति को दूसरे उत्पादक से पूरा किया जा सकता है। लेकिन जब कई बड़े आपूर्तिकर्ताओं के निर्यात एक साथ घटें, तो तत्काल विकल्प बहुत कम बचते हैं।
टैंकरों में निर्यात और डिलीवरी के बीच मौजूद तेल को बाजार में “crude on the water” कहा जाता है। उपलब्ध Vortexa आंकड़ों के अनुसार, चार हफ्तों में ऐसे तेल की मात्रा करीब 175 मिलियन बैरल घट गई। यह औसतन लगभग 6.25 मिलियन बैरल प्रतिदिन की निकासी के बराबर है। इसी अवधि में जमीन पर मौजूद फ्लोटिंग-रूफ टैंकों के भंडार में करीब 81 मिलियन बैरल की कमी आई।
कुछ रिपोर्टों में चार हफ्तों के दौरान समुद्र में मौजूद तेल की कमी लगभग 200 मिलियन बैरल, यानी 7.1 मिलियन बैरल प्रतिदिन बताई गई है। यह अंतर अलग-अलग समय-सीमा या आंकड़ों को मापने के तरीकों से जुड़ा हो सकता है। उपलब्ध सामग्री में Vortexa के जिन आंकड़ों का सबसे अधिक लगातार उल्लेख मिलता है, वे 175 मिलियन बैरल समुद्र में और 81 मिलियन बैरल तटवर्ती भंडार में गिरावट के हैं। इसलिए सटीक दैनिक निकासी दर को अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए।
फिर भी व्यापक संकेत स्पष्ट था: दिखाई देने वाले भंडार से तेल तेजी से निकल रहा था। घटता भंडार अपने आप में स्थायी कमी का प्रमाण नहीं है—मांग, रिफाइनरियों की गतिविधि और तेल किस स्थान पर उपलब्ध है, ये सभी कारक महत्वपूर्ण हैं। लेकिन तेज गिरावट संकट जारी रहने पर बाजार की सुरक्षा-परत को कम कर देती है।
जुलाई के मध्य में Strait of Hormuz से टैंकरों की आवाजाही कुछ समय के लिए बेहतर हुई। इससे लगा कि आपूर्ति सामान्य हो सकती है। लेकिन यह सुधार टिक नहीं पाया। IEA ने बाद में कहा कि Hormuz को फिर से खोलने और Bab el-Mandeb से बिना रुकावट आवागमन सुनिश्चित करने वाला समझौता अब भी दूर था। नए संघर्ष और समुद्री बाधाओं ने उत्पादन तथा शिपिंग बहाल करने की कोशिशों को कमजोर कर दिया।
Vortexa के आकलन में यही अंतर महत्वपूर्ण था। टैंकरों की आवाजाही में अस्थायी बढ़ोतरी तत्काल दबाव कम कर सकती है, लेकिन इससे कच्चे तेल का मूल प्रवाह जरूरी नहीं कि बहाल हो जाए। यदि जहाज संचालक मार्ग से गुजरने में हिचकिचाते रहें या उत्पादक कार्गो को भरोसेमंद तरीके से लोड और भेज न पाएं, तो बाजार को लगातार भंडार पर निर्भर रहना पड़ता है।
Argus के अनुमान के अनुसार, Vortexa द्वारा ट्रैक किए गए Hormuz मार्ग से 14 से 21 अगस्त के बीच करीब 941,400 बैरल प्रतिदिन का प्रवाह हुआ। इसमें अधिकांश खेपें इराक और सऊदी अरब की थीं। इसका अर्थ यह नहीं था कि यातायात पूरी तरह बंद था, लेकिन सामान्य क्षेत्रीय प्रवाह की तुलना में यह बेहद सीमित था।
उपलब्ध सामग्री में ईरान के निर्यात में सबसे तेज गिरावट दर्ज की गई। उद्योग-आधारित ट्रैकिंग के अनुसार, ईरानी निर्यात करीब 294,000 बैरल प्रतिदिन रह गया, जबकि 2025 का औसत लगभग 1.7 मिलियन बैरल प्रतिदिन था। इस तुलना को Vortexa से जुड़े बाजार अनुमान के रूप में देखना चाहिए, न कि स्वतंत्र रूप से सत्यापित आधिकारिक उत्पादन आंकड़े के रूप में।
सऊदी अरब के मामले में जोखिम किसी एक पुष्ट उत्पादन-ध्वंस से अधिक Gulf और Red Sea के शिपिंग मार्गों की असुरक्षा से जुड़ा था। रूस की कमी Black Sea के बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान और उससे जुड़ी बाधाओं से आई। दूसरी ओर, संकट के पहले चरण में अमेरिका अतिरिक्त बैरल उपलब्ध कराने वाला महत्वपूर्ण स्रोत रहा था।
इन घटनाओं ने केवल कुल आपूर्ति ही नहीं घटाई, बल्कि बाजार की लचीलापन भी कम किया। जमीन के नीचे तेल मौजूद हो सकता है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि वह रिफाइनरियों तक जल्दी, सुरक्षित रूप से या सामान्य लागत पर पहुंच सकता है।
IEA के आंकड़े बताते हैं कि यह चेतावनी केवल एक कंपनी का नजरिया नहीं थी। जुलाई में वैश्विक तेल आपूर्ति 2.4 मिलियन बैरल प्रतिदिन बढ़कर 101.5 मिलियन बैरल प्रतिदिन हुई, लेकिन फिर भी एक साल पहले के स्तर से 6.3 मिलियन बैरल प्रतिदिन कम रही। Gulf क्षेत्र का उत्पादन सामान्य स्तर से 8.3 मिलियन बैरल प्रतिदिन नीचे बताया गया।
इसके बाद IEA ने अनुमान लगाया कि 2026 में वैश्विक औसत आपूर्ति 4.3 मिलियन बैरल प्रतिदिन घटकर करीब 102 मिलियन बैरल प्रतिदिन रह सकती है। एजेंसी ने तीसरी तिमाही में 1.8 मिलियन बैरल प्रतिदिन के वैश्विक घाटे का अनुमान लगाया—जो उसके पिछले अनुमान से दोगुने से भी अधिक था।
हालांकि, IEA का अनुमान स्थायी और अनियंत्रित तेल कमी की गारंटी नहीं था। एजेंसी ने यह भी अनुमान लगाया कि ऊंची कीमतों और आपूर्ति बाधाओं के कारण 2026 में वैश्विक तेल मांग 1.6 मिलियन बैरल प्रतिदिन घट सकती है। अगर मांग में यह कमी पर्याप्त तेज और बड़ी होती है, तो वह आपूर्ति घाटे का कुछ हिस्सा भर सकती है।
18 अगस्त को Brent कच्चा तेल 91.02 डॉलर प्रति बैरल और West Texas Intermediate यानी WTI 84.94 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ। Reuters के अनुसार, कच्चे तेल की कीमत साल की शुरुआत की तुलना में लगभग 50% ऊपर थी। लेकिन बाजार का शुरुआती घबराहट वाला प्रीमियम कुछ कम हो चुका था, क्योंकि ट्रेडर बाधा को हर दिन आने वाले नए झटके के बजाय लंबी अवधि की स्थिति मानने लगे थे।
यहीं Vortexa की चेतावनी का मुख्य विरोधाभास सामने आता है: कीमतें पहले ही ऊंची थीं, फिर भी भौतिक बाजार के आंकड़े संकेत दे रहे थे कि लगातार घटते भंडार और आपूर्ति जोखिम को कीमतों में पूरी तरह शामिल नहीं किया गया है।
चिंता यह नहीं थी कि कच्चे तेल की कीमत तुरंत ही उछलनी चाहिए। मुद्दा यह था कि जब समुद्र और जमीन दोनों पर मौजूद भंडार तेजी से घट रहे हों, शिपिंग मार्ग सीमित हों और किसी तिमाही में घाटे का अनुमान हो, तब बाजार में अधिक बड़ा और लंबे समय तक कायम रहने वाला जोखिम प्रीमियम होना चाहिए। खासकर तब, जब संकट जारी रहने पर वैकल्पिक बैरल जुटाना कठिन हो जाए।
Windward ने Hormuz के पास Koh-e-Mubarak anchorage पर करीब 20 ऐसे जहाजों की पहचान की, जिनके बारे में उसका आकलन था कि वे प्रतिबंधों से बचने और जहाज-से-जहाज माल हस्तांतरण जैसी गतिविधियों में शामिल थे। इनमें से आठ जहाज OFAC यानी अमेरिकी वित्त विभाग के Office of Foreign Assets Control द्वारा प्रतिबंधित बताए गए।
यह निष्कर्ष इस संभावना को मजबूत करता है कि ईरान से जुड़े कुछ बैरल खुले बाजार में सामान्य तरीके से आने के बजाय अधिक अपारदर्शी और जटिल रास्तों से आगे बढ़ रहे थे। Windward की तस्वीरों में लंबे समय तक स्थिर खड़े जहाजों के साथ संभावित फ्लोटिंग स्टोरेज और पहचान छिपाने के संकेत भी बताए गए।
हालांकि, किसी shadow-fleet केंद्र की मौजूदगी से यह साबित नहीं होता कि खरीदारों के लिए उपलब्ध न रहने वाले कच्चे तेल की सटीक मात्रा कितनी है। यह कठिन और सीमित रूप से ट्रैक की जा सकने वाली लॉजिस्टिक्स का संकेत है, वैश्विक आपूर्ति का पूर्ण माप नहीं।
कई घटनाएं इस सप्लाई-संकट की आशंका को कम गंभीर बना सकती हैं:
इसलिए अंतिम परिणाम काफी हद तक संकट की अवधि पर निर्भर करेगा। कम समय की शिपिंग बाधा को वैकल्पिक मार्गों, मांग में कमी और भंडार के इस्तेमाल से संभाला जा सकता है। लेकिन लंबा संकट धीरे-धीरे इन सभी सुरक्षा-परतों को खत्म कर देगा।
Vortexa की चेतावनी तीन एक-दूसरे को मजबूत करने वाले संकेतों पर टिकी थी: चार बड़े आपूर्तिकर्ताओं से करीब 5 मिलियन बैरल प्रतिदिन के निर्यात में गिरावट, समुद्र और तटवर्ती टैंकों में कच्चे तेल के भंडार की तेज निकासी, और IEA का तीसरी तिमाही में 1.8 मिलियन बैरल प्रतिदिन के घाटे का अनुमान।
इन संकेतों से पता चला कि भौतिक बाजार headline prices से कहीं तेजी से तंग हो रहा था। फिर भी इसका मतलब यह नहीं कि कीमतों में अनियंत्रित उछाल निश्चित है। निर्णायक सवाल यही रहेंगे कि Hormuz और दूसरे शिपिंग मार्ग कितनी जल्दी और कितनी भरोसेमंद तरीके से खुलते हैं, वैकल्पिक आपूर्ति कब पहुंचती है और क्या ऊंची कीमतों के कारण मांग इतनी तेजी से घटती है कि खोए हुए बैरल की भरपाई हो सके।
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी यानी IEA के स्वतंत्र अनुमान ने भी इस जोखिम को गंभीर बनाया। एजेंसी को 2026 की तीसरी तिमाही में वैश्विक तेल बाजार में 1.8 मिलियन बैरल प्रतिदिन का घाटा दिख रहा है। पूरे 2026 के लिए उसने वैश्विक औसत आपूर्ति में 4.3 मिलियन बैरल प्रतिदिन की गिरावट का अनुमान लगाया है।
सबसे सीधा संकेत ईरान, रूस, सऊदी अरब और अमेरिका से समुद्र के रास्ते होने वाले कच्चे तेल निर्यात में एक साथ आई गिरावट थी। Vortexa से जुड़े आंकड़ों और रिपोर्टिंग के अनुसार, इन चार देशों का संयुक्त प्रवाह लगभग 12 मिलियन बैरल प्रतिदिन रह गया—यह रिकॉर्ड निचला स्तर था और एक महीने पहले की तुलना में करीब 5 मिलियन बैरल प्रतिदिन कम था।
इस गिरावट के पीछे कई अलग-अलग कारण थे:
इसका महत्व इसलिए अधिक था क्योंकि कमी किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं थी। सामान्य परिस्थितियों में किसी एक देश की कम आपूर्ति को दूसरे उत्पादक से पूरा किया जा सकता है। लेकिन जब कई बड़े आपूर्तिकर्ताओं के निर्यात एक साथ घटें, तो तत्काल विकल्प बहुत कम बचते हैं।
टैंकरों में निर्यात और डिलीवरी के बीच मौजूद तेल को बाजार में “crude on the water” कहा जाता है। उपलब्ध Vortexa आंकड़ों के अनुसार, चार हफ्तों में ऐसे तेल की मात्रा करीब 175 मिलियन बैरल घट गई। यह औसतन लगभग 6.25 मिलियन बैरल प्रतिदिन की निकासी के बराबर है। इसी अवधि में जमीन पर मौजूद फ्लोटिंग-रूफ टैंकों के भंडार में करीब 81 मिलियन बैरल की कमी आई।
कुछ रिपोर्टों में चार हफ्तों के दौरान समुद्र में मौजूद तेल की कमी लगभग 200 मिलियन बैरल, यानी 7.1 मिलियन बैरल प्रतिदिन बताई गई है। यह अंतर अलग-अलग समय-सीमा या आंकड़ों को मापने के तरीकों से जुड़ा हो सकता है। उपलब्ध सामग्री में Vortexa के जिन आंकड़ों का सबसे अधिक लगातार उल्लेख मिलता है, वे 175 मिलियन बैरल समुद्र में और 81 मिलियन बैरल तटवर्ती भंडार में गिरावट के हैं। इसलिए सटीक दैनिक निकासी दर को अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए।
फिर भी व्यापक संकेत स्पष्ट था: दिखाई देने वाले भंडार से तेल तेजी से निकल रहा था। घटता भंडार अपने आप में स्थायी कमी का प्रमाण नहीं है—मांग, रिफाइनरियों की गतिविधि और तेल किस स्थान पर उपलब्ध है, ये सभी कारक महत्वपूर्ण हैं। लेकिन तेज गिरावट संकट जारी रहने पर बाजार की सुरक्षा-परत को कम कर देती है।
जुलाई के मध्य में Strait of Hormuz से टैंकरों की आवाजाही कुछ समय के लिए बेहतर हुई। इससे लगा कि आपूर्ति सामान्य हो सकती है। लेकिन यह सुधार टिक नहीं पाया। IEA ने बाद में कहा कि Hormuz को फिर से खोलने और Bab el-Mandeb से बिना रुकावट आवागमन सुनिश्चित करने वाला समझौता अब भी दूर था। नए संघर्ष और समुद्री बाधाओं ने उत्पादन तथा शिपिंग बहाल करने की कोशिशों को कमजोर कर दिया।
Vortexa के आकलन में यही अंतर महत्वपूर्ण था। टैंकरों की आवाजाही में अस्थायी बढ़ोतरी तत्काल दबाव कम कर सकती है, लेकिन इससे कच्चे तेल का मूल प्रवाह जरूरी नहीं कि बहाल हो जाए। यदि जहाज संचालक मार्ग से गुजरने में हिचकिचाते रहें या उत्पादक कार्गो को भरोसेमंद तरीके से लोड और भेज न पाएं, तो बाजार को लगातार भंडार पर निर्भर रहना पड़ता है।
Argus के अनुमान के अनुसार, Vortexa द्वारा ट्रैक किए गए Hormuz मार्ग से 14 से 21 अगस्त के बीच करीब 941,400 बैरल प्रतिदिन का प्रवाह हुआ। इसमें अधिकांश खेपें इराक और सऊदी अरब की थीं। इसका अर्थ यह नहीं था कि यातायात पूरी तरह बंद था, लेकिन सामान्य क्षेत्रीय प्रवाह की तुलना में यह बेहद सीमित था।
उपलब्ध सामग्री में ईरान के निर्यात में सबसे तेज गिरावट दर्ज की गई। उद्योग-आधारित ट्रैकिंग के अनुसार, ईरानी निर्यात करीब 294,000 बैरल प्रतिदिन रह गया, जबकि 2025 का औसत लगभग 1.7 मिलियन बैरल प्रतिदिन था। इस तुलना को Vortexa से जुड़े बाजार अनुमान के रूप में देखना चाहिए, न कि स्वतंत्र रूप से सत्यापित आधिकारिक उत्पादन आंकड़े के रूप में।
सऊदी अरब के मामले में जोखिम किसी एक पुष्ट उत्पादन-ध्वंस से अधिक Gulf और Red Sea के शिपिंग मार्गों की असुरक्षा से जुड़ा था। रूस की कमी Black Sea के बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान और उससे जुड़ी बाधाओं से आई। दूसरी ओर, संकट के पहले चरण में अमेरिका अतिरिक्त बैरल उपलब्ध कराने वाला महत्वपूर्ण स्रोत रहा था।
इन घटनाओं ने केवल कुल आपूर्ति ही नहीं घटाई, बल्कि बाजार की लचीलापन भी कम किया। जमीन के नीचे तेल मौजूद हो सकता है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि वह रिफाइनरियों तक जल्दी, सुरक्षित रूप से या सामान्य लागत पर पहुंच सकता है।
IEA के आंकड़े बताते हैं कि यह चेतावनी केवल एक कंपनी का नजरिया नहीं थी। जुलाई में वैश्विक तेल आपूर्ति 2.4 मिलियन बैरल प्रतिदिन बढ़कर 101.5 मिलियन बैरल प्रतिदिन हुई, लेकिन फिर भी एक साल पहले के स्तर से 6.3 मिलियन बैरल प्रतिदिन कम रही। Gulf क्षेत्र का उत्पादन सामान्य स्तर से 8.3 मिलियन बैरल प्रतिदिन नीचे बताया गया।
इसके बाद IEA ने अनुमान लगाया कि 2026 में वैश्विक औसत आपूर्ति 4.3 मिलियन बैरल प्रतिदिन घटकर करीब 102 मिलियन बैरल प्रतिदिन रह सकती है। एजेंसी ने तीसरी तिमाही में 1.8 मिलियन बैरल प्रतिदिन के वैश्विक घाटे का अनुमान लगाया—जो उसके पिछले अनुमान से दोगुने से भी अधिक था।
हालांकि, IEA का अनुमान स्थायी और अनियंत्रित तेल कमी की गारंटी नहीं था। एजेंसी ने यह भी अनुमान लगाया कि ऊंची कीमतों और आपूर्ति बाधाओं के कारण 2026 में वैश्विक तेल मांग 1.6 मिलियन बैरल प्रतिदिन घट सकती है। अगर मांग में यह कमी पर्याप्त तेज और बड़ी होती है, तो वह आपूर्ति घाटे का कुछ हिस्सा भर सकती है।
18 अगस्त को Brent कच्चा तेल 91.02 डॉलर प्रति बैरल और West Texas Intermediate यानी WTI 84.94 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ। Reuters के अनुसार, कच्चे तेल की कीमत साल की शुरुआत की तुलना में लगभग 50% ऊपर थी। लेकिन बाजार का शुरुआती घबराहट वाला प्रीमियम कुछ कम हो चुका था, क्योंकि ट्रेडर बाधा को हर दिन आने वाले नए झटके के बजाय लंबी अवधि की स्थिति मानने लगे थे।
यहीं Vortexa की चेतावनी का मुख्य विरोधाभास सामने आता है: कीमतें पहले ही ऊंची थीं, फिर भी भौतिक बाजार के आंकड़े संकेत दे रहे थे कि लगातार घटते भंडार और आपूर्ति जोखिम को कीमतों में पूरी तरह शामिल नहीं किया गया है।
चिंता यह नहीं थी कि कच्चे तेल की कीमत तुरंत ही उछलनी चाहिए। मुद्दा यह था कि जब समुद्र और जमीन दोनों पर मौजूद भंडार तेजी से घट रहे हों, शिपिंग मार्ग सीमित हों और किसी तिमाही में घाटे का अनुमान हो, तब बाजार में अधिक बड़ा और लंबे समय तक कायम रहने वाला जोखिम प्रीमियम होना चाहिए। खासकर तब, जब संकट जारी रहने पर वैकल्पिक बैरल जुटाना कठिन हो जाए।
Windward ने Hormuz के पास Koh-e-Mubarak anchorage पर करीब 20 ऐसे जहाजों की पहचान की, जिनके बारे में उसका आकलन था कि वे प्रतिबंधों से बचने और जहाज-से-जहाज माल हस्तांतरण जैसी गतिविधियों में शामिल थे। इनमें से आठ जहाज OFAC यानी अमेरिकी वित्त विभाग के Office of Foreign Assets Control द्वारा प्रतिबंधित बताए गए।
यह निष्कर्ष इस संभावना को मजबूत करता है कि ईरान से जुड़े कुछ बैरल खुले बाजार में सामान्य तरीके से आने के बजाय अधिक अपारदर्शी और जटिल रास्तों से आगे बढ़ रहे थे। Windward की तस्वीरों में लंबे समय तक स्थिर खड़े जहाजों के साथ संभावित फ्लोटिंग स्टोरेज और पहचान छिपाने के संकेत भी बताए गए।
हालांकि, किसी shadow-fleet केंद्र की मौजूदगी से यह साबित नहीं होता कि खरीदारों के लिए उपलब्ध न रहने वाले कच्चे तेल की सटीक मात्रा कितनी है। यह कठिन और सीमित रूप से ट्रैक की जा सकने वाली लॉजिस्टिक्स का संकेत है, वैश्विक आपूर्ति का पूर्ण माप नहीं।
कई घटनाएं इस सप्लाई-संकट की आशंका को कम गंभीर बना सकती हैं:
इसलिए अंतिम परिणाम काफी हद तक संकट की अवधि पर निर्भर करेगा। कम समय की शिपिंग बाधा को वैकल्पिक मार्गों, मांग में कमी और भंडार के इस्तेमाल से संभाला जा सकता है। लेकिन लंबा संकट धीरे-धीरे इन सभी सुरक्षा-परतों को खत्म कर देगा।
Vortexa की चेतावनी तीन एक-दूसरे को मजबूत करने वाले संकेतों पर टिकी थी: चार बड़े आपूर्तिकर्ताओं से करीब 5 मिलियन बैरल प्रतिदिन के निर्यात में गिरावट, समुद्र और तटवर्ती टैंकों में कच्चे तेल के भंडार की तेज निकासी, और IEA का तीसरी तिमाही में 1.8 मिलियन बैरल प्रतिदिन के घाटे का अनुमान।
इन संकेतों से पता चला कि भौतिक बाजार headline prices से कहीं तेजी से तंग हो रहा था। फिर भी इसका मतलब यह नहीं कि कीमतों में अनियंत्रित उछाल निश्चित है। निर्णायक सवाल यही रहेंगे कि Hormuz और दूसरे शिपिंग मार्ग कितनी जल्दी और कितनी भरोसेमंद तरीके से खुलते हैं, वैकल्पिक आपूर्ति कब पहुंचती है और क्या ऊंची कीमतों के कारण मांग इतनी तेजी से घटती है कि खोए हुए बैरल की भरपाई हो सके।