एक अलग विश्लेषण के अनुसार, 17 अगस्त से पहले के 30 दिनों में XRP Ledger पर लगभग 449.3 मिलियन डॉलर के RLUSD मिंट किए गए और 448.9 मिलियन डॉलर के टोकन बर्न हुए। यह तेज जारीकरण और रिडेम्प्शन का संकेत देता है, हालांकि इससे हर लेनदेन के पीछे मौजूद ग्राहक या भुगतान प्रवाह की पहचान नहीं होती।
RLUSD मिंट और XRP की कीमत में तेजी का एक ही समय पर होना केवल सहसंबंध है, कारण-परिणाम का प्रमाण नहीं। सार्वजनिक लेजर यह दिखा सकता है कि टोकन बनाए या नष्ट किए गए, लेकिन यह जरूरी नहीं कि वे व्यापक सर्कुलेशन में आए हों, किसी खास संस्थागत ग्राहक के लिए इस्तेमाल हुए हों या किसी भुगतान में लगाए गए हों।
Ripple के संचालन को समझने के लिए यह अंतर महत्वपूर्ण है। 10 मिलियन RLUSD जारी किए जाने पर जुलाई की एक रिपोर्ट ने कहा था कि ट्रेजरी लेनदेन से यह साबित नहीं होता कि टोकन व्यापक बाजार में पहुंच गए। Ripple ने भी उस जारीकरण को किसी विशेष ग्राहक कार्रवाई से नहीं जोड़ा था।
इसलिए RLUSD के प्रवाह से यह जरूर मजबूत संकेत मिलता है कि Ripple स्थिरकॉइन लिक्विडिटी को सक्रिय रूप से संभाल रहा है। लेकिन अपने-आप में ये आंकड़े लगातार XRP खरीदारी या पूरी हो चुकी संस्थागत भुगतान स्वीकृति का प्रमाण नहीं हैं।
Ripple ने जुलाई में Ripple Mint लॉन्च किया। यह संस्थागत RLUSD ग्राहकों के लिए बनाया गया प्लेटफॉर्म है, जिसके जरिए वे वेब इंटरफेस या API के माध्यम से स्थिरकॉइन को मिंट, रिडीम और मैनेज कर सकते हैं। इससे जुड़े विवरणों में ब्रिजिंग और लेनदेन की निगरानी जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं।
इस इंफ्रास्ट्रक्चर की रणनीतिक अहमियत इसलिए है क्योंकि संस्थागत उपयोगकर्ताओं को केवल टोकन रखने की सुविधा नहीं चाहिए। उन्हें नियंत्रित जारीकरण और रिडेम्प्शन, ऑटोमेटेड इंटीग्रेशन, संचालन संबंधी सूचनाएं और अलग-अलग समर्थित नेटवर्क के बीच लिक्विडिटी भेजने की क्षमता भी चाहिए। Ripple Mint इन प्रक्रियाओं को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए तैयार किया गया है।
तेजी से होने वाली मिंट-बर्न गतिविधि उस तरह की ‘जस्ट-इन-टाइम’ लिक्विडिटी प्रक्रिया से मेल खाती है, जिसे ऐसा प्लेटफॉर्म संभाल सकता है। हालांकि, सार्वजनिक आंकड़े यह साबित नहीं करते कि XRP रैली के दौरान देखे गए खास लेनदेन Ripple Mint के ग्राहकों ने कराए थे। इसलिए सबसे मजबूत दावा इंफ्रास्ट्रक्चर की तैयारी को लेकर है, लेनदेन के निश्चित स्रोत को लेकर नहीं।
XRP अकेले नहीं बढ़ रहा था। उसी अवधि की रिपोर्टों ने टोकन की साप्ताहिक तेजी को Bitcoin की अगुवाई में आई तेज क्रिप्टो वापसी और 2.7 अरब डॉलर की कथित शॉर्ट स्क्वीज से जोड़ा।
ऐसी बाजार संरचना किसी अल्टकॉइन की चाल को और तेज कर सकती है। जिन ट्रेडरों ने गिरावट की उम्मीद में शॉर्ट पोजीशन ली थी, वे रुझान बदलते ही अपनी पोजीशन बंद कर सकते हैं। इससे अतिरिक्त खरीदारी दबाव बनता है। XRP की पिछली कमजोरी ने भी इसे अपेक्षाकृत दबे हुए स्तर से शुरुआत करने की स्थिति में रखा था। जुलाई की एक रिपोर्ट के अनुसार, टोकन 2026 की शुरुआत के स्तर से करीब 41% नीचे था।
यही वजह है कि मांग में अपेक्षाकृत छोटा बदलाव भी प्रतिशत के लिहाज से बड़ी तेजी में बदल सकता है। साथ ही, ऐसी स्थिति में RLUSD गतिविधि, बड़े वॉलेट की खरीदारी या किसी अन्य एकल कहानी का व्यापक बाजार चाल से अलग प्रभाव तय करना कठिन होता है।
Bybit ने कहा कि उसका RLUSD Hold & Earn कार्यक्रम 11 दिनों के भीतर 50 मिलियन डॉलर से अधिक की कस्टडी वाली संपत्तियों तक पहुंच गया। इसके बाद एक्सचेंज ने दूसरे चरण की घोषणा की, जिसमें दैनिक रिवॉर्ड RLUSD और XRP—दोनों में दिए जाने हैं।
Bybit के प्रचार संदेशों में 21.5% तक APR यानी सालाना अनुमानित रिटर्न का उल्लेख था। इसमें स्टेकिंग या लॉक-इन की जरूरत नहीं बताई गई और होल्डिंग अवधि से जुड़ा संभावित मल्टीप्लायर भी था। ऐसी शर्तें उपयोगकर्ताओं को एक्सचेंज पर RLUSD रखने के लिए प्रोत्साहित कर सकती हैं और XRP-RLUSD बाजारों में गतिविधि बढ़ा सकती हैं।
फिर भी, इस कार्यक्रम को सावधानी से देखना चाहिए। यह एक्सचेंज का प्रोत्साहन अभियान है, संस्थागत भुगतान मांग का सीधा प्रमाण नहीं। इससे RLUSD की दृश्यता, एक्सचेंज बैलेंस और ट्रेडिंग जुड़ाव बढ़ सकते हैं, लेकिन प्रचार में बदलाव या उसके समाप्त होने के बाद यह मांग टिकेगी ही, ऐसा जरूरी नहीं।
अगस्त के मध्य में RLUSD की सर्कुलेटिंग सप्लाई लगभग 1.711 अरब बताई गई थी। यह स्थिरकॉइन शुरुआत में XRP Ledger और Ethereum पर उपलब्ध था। बाद की रिपोर्टों में XRPL EVM Sidechain, Base, Optimism, Ink और Unichain तक इसके विस्तार का भी उल्लेख है।
मल्टीचेन मौजूदगी से RLUSD को केवल XRPL तक सीमित रहने की तुलना में ट्रेडिंग, ट्रेजरी प्रबंधन और सेटलमेंट के लिए अधिक संभावित नेटवर्क मिलते हैं। एक ट्रैकर ने यह भी बताया कि उस समय XRP Ledger, Ethereum को पीछे छोड़कर RLUSD का बड़ा होम चेन बन गया था—XRPL पर लगभग 810 मिलियन डॉलर और Ethereum पर 756 मिलियन डॉलर।
इसका रणनीतिक अर्थ यह नहीं है कि RLUSD की हर इकाई किसी पूरे हो चुके सीमा-पार भुगतान का प्रतिनिधित्व करती है। बल्कि बड़ी और कई नेटवर्कों में वितरित स्थिरकॉइन सप्लाई Ripple के संस्थागत भुगतान ढांचे को अधिक उपयोगी बना सकती है। ग्राहकों के पास लिक्विडिटी रखने के अधिक विकल्प होते हैं और Ripple को अलग-अलग परिचालन वातावरणों में टोकन जारी करने, रिडीम करने और ब्रिज करने में अधिक लचीलापन मिलता है।
यह तेजी Ripple के इंफ्रास्ट्रक्चर संबंधी सकारात्मक नैरेटिव को समर्थन देती है, लेकिन इससे यह निर्णायक रूप से साबित नहीं होता कि RLUSD ने XRP के लिए टिकाऊ मांग का स्रोत बना दिया है। RLUSD से सेटलमेंट और लिक्विडिटी प्रक्रियाओं को समर्थन मिल सकता है, फिर भी हर लेनदेन के लिए XRP की स्थायी खरीद जरूरी नहीं होती।
यही सावधानी XRP से जुड़े एक्सचेंज-ट्रेडेड प्रोडक्ट्स पर भी लागू होती है। जुलाई की एक रिपोर्ट में पांच नहीं, बल्कि सात अमेरिकी स्पॉट XRP ETF, करीब 1 अरब डॉलर की संयुक्त संपत्ति और 1.49 अरब डॉलर का संचयी शुद्ध निवेश बताया गया था। ये आंकड़े मूल दावे से अलग हैं। ये प्रोडक्ट XRP तक पहुंच का दायरा बढ़ा सकते हैं, लेकिन उपलब्ध साक्ष्य यह नहीं दिखाते कि इन्हीं के प्रवाह से गुरुवार की तत्काल तेजी आई।
इस पूरी तस्वीर को चार स्तरों पर समझना बेहतर होगा:
संक्षेप में, XRP की छलांग संभवतः बाजार की व्यापक वापसी थी, जिसे Ripple के अपनाने से जुड़ी विश्वसनीय कहानी ने और तेज किया। RLUSD का मिंट-बर्न डेटा सक्रिय स्थिरकॉइन संचालन का महत्वपूर्ण संकेत है, लेकिन इसे इस बात का प्रमाण नहीं मानना चाहिए कि केवल RLUSD ने XRP को ऊपर पहुंचाया या संस्थागत भुगतान अपनाना पहले ही स्थापित हो चुका है।